ड्रग्स माफियाओं पर शिकंजाः CBI ने शुरू की परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड की जांच, अब सामने आएगा पूरा सच
सीबीआई की एक टीम आज सुबह-सुबह मानसा सिटी-2 पुलिस स्टेशन पहुंची और पुलिस से इस केस के विषय में जानकारी ली. पुलिस ने भी इस केस से संबंधित फाइल CBI को सौंप दी है. बता दें कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कल (मंगलवार) ही सीबीआई जांच को मंजूरी दी थी.
एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की हत्या मामले में अब CBI ने जांच शुरू कर दी है. मानसा के डीएसपी पुष्पेंद्र सिंह ने इसकी पुष्टि की है. डीएसपी पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि परिवार की मांग पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस मामले की जांच CBI को सौंपने का निर्देश दिया था. मुख्यमंत्री की ओर से इजाजत मिलने के बाद CBI की टीम आज (बुधवार, 21 अक्टूबर) की सुबह-सुबह मानसा सिटी-2 पुलिस स्टेशन पहुंची और केस से जुड़ी फाइलें अपने अंडर में ले लीं.
सीबीआई खोलेगी दबा हुआ हर एक राज!
केस की फाइल लेने के बाद CBI की टीम वापस चली गई. उसने मीडिया से कोई बात नहीं की. हालांकि, डीएसपी पुष्पेंद्र सिंह जरूर मीडिया के सामने आए और उन्होंने ही केस CBI के हैंडओवर किए जाने की जानकारी दी. अब सीबीआई यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि परविंदर सिंह झोटा की हत्या की साजिश किसने रची और इस हत्याकांड में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं.
13 अक्टूबर को हुई थी परविंदर झोटा की हत्या
बता दें कि 13 अक्टूबर को मानसा की एक व्यस्त बाजार में परविंदर झोटा की एक मेडिकल दुकानदार अश्विनी कुमार ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. झोटा को शिकायत मिली थी कि आरोपी अश्विनी नशीली और प्रतिबंधित दवाएं बेचता है. वह अपने कुछ साथियों के साथ इसी बात की जांच करने पहुंचे थे. मेडिकल स्टोर के मालिक से उनकी कहासुनी हुई और इसी दौरान उसने झोटा पर फायरिंग कर दी थी. इस घटना में झोटा की मौत हो गई थी. वहीं, करीब 4 अन्य लोग घायल भी हुए थे, जिन्हे अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
अमित शाह से मिला था झोटा का परिवार
मृतक वालेंटियर के परिवार ने इस घटना के पीछे कुछ सफेदपोशों के शामिल होने की आशंका जताई थी. परिजनों का आरोप है कि इलाके के कुछ बड़े नेता और कुछ पुलिसवाले भी ड्रग्स के कारोबार में शामिल हैं. उनके इशारे पर ही अश्विनी कुमार ने वारदात को अंजाम दिया था. झोटा का परिवार पिछले 6 दिनों से CBI जांच की मांग को लेकर धरने पर बैठा था. उसने मंगलवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से भी मुलाकात करके सीबीआई जांच कराने की मांग की थी. परिवार को शाह की ओर से घटना की सीबीआई जांच कराने का आश्वासन दिया गया था.
CM का नशामुक्त पंजाब बनाने का संकल्प
उधर, मुख्यमंत्री भगवंत मान भी पेरिस से लौटते ही इस हत्याकांड की जांच सीबीआई से कराने का ऐलान किया था. उन्होंने एक्स पर लिखा था कि नशे के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे परविंदर सिंह झोटा के पिता और उनके परिवार के साथ हम हर समय मजबूती से खड़े हैं. परिवार की मांग को स्वीकार करते हुए, हम यह मामला CBI को सौंप रहे हैं. सीएम मान ने आगे कहा था कि नशे के कारोबारियों के खिलाफ हमारी लड़ाई निर्णायक है. पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए हमें जो भी सख्त कदम उठाने पड़ेंगे, हम पीछे नहीं हटेंगे.
ये भी पढ़ें- छात्राओं को मैसेज, धर्म बदलने के लिए उकसाने का आरोप... सिम्बायोसिस के प्रोफेसर पर गिरी गाज, अब पैनल करेगा जांच