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Asaduddin Owaisi: एआईएमआईएम के अध्यक्ष और लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसा ने गुरुवार (01 अक्टूबर) को यूपी में होने वाले अगले विधानसभा चुनाव, एसआईआर और यूसीसी के मुद्दे पर अपनी बातों को रखा. ओवैसी ने कहा कि वह यूपी में तीसरी बार बीजेपी को रोकने के लिए किसी भी विपक्षी राजनीतिक दल के साथ गठबंधन करने को तैयार हैं. महाराष्ट्र के संभाजीनगर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए औवैसी ने कहा कि वह किसी भी कीमत पर नहीं चाहते कि BJP तीसरी बार यूपी में सरकार बनाए.
दरअसल, उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव हैं. इससे पहले ओवैसी का किसी भी विपक्षी दल के साथ गठबंधन के इस ऐलान से सियासी समीकरण बदलने की संभावना है. उन्होंने कहा कि AIMIM पूरी ताकत के साथ यूपी में भी चुनाव लड़ेगी. हालांकि, अगर किसी भी दल के साथ गठबंधन होता है, तो अंतिम रूप दिए जाने और सीट शेयरिंग पर बात बनने के बाद ही इसकी जानकारी दी जाएगी.
अगले कुछ महीने पर उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने को हैं. राज्य में बीजेपी का मुख्य मुकाबला समाजवादी पार्टी है. इधर सपा और कांग्रेस में सीट शेयरिंग को लेकर चर्चा होने की अटकलें लगाई जा रही हैं. कुछ दिन पहले आप के नेताओं ने भी सपा मुखिया अखिलेश यादव से मुलाकात की थी. वहीं, माना जा रहा है कि ओवैसी भी सपा के साथ गठबंधन करने को तैयार हैं. हालांकि, इसको लेकर दोनों दलों की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है.
#WATCH | Chhatrapati Sambhajinagar, Maharashtra | On the Flydubai failed terror attack, AIMIM President Asaduddin Owaisi says, "I praise the bravery and quick thinking of the captain, which saved numerous lives and we wish him speedy recovery and hope that he is able to return to… pic.twitter.com/vCPIZ6vy6m
— ANI (@ANI) October 2, 2026
ओवैसी ने पीसी को संबधित करते हुए कहा कि हम नहीं चाहते हैं कि बीजेपी तीसरी बार यूपी की सत्ता में वापसी करे. इसको रोकने के लिए हम गठबंधन करने को तैयार हैं. हम इससे अधिक क्या कर सकते हैं. इस दौरान उन्होंने बिहार वाले अनुभव को भी साझा किया. बिहार में AIMIM के पांच विधायकों में से 4 ने साल 2022 में आरजेडी का दामन थाम लिया था. ओवैसी ने कहा कि इंडिया गठबंधन में हमने केवल 6 सीटों की मांग की थी. अन्य पार्टियों ने इसपर ध्यान नहीं दिया. हमने दोबारा चुनाव लड़ा और पांच सीटों पर जीते. ऐसे में अब यूपी की राजनीतिक दलों पर यह निर्भर करता है कि वह क्या फैसला करते हैं.
एसआईआर और चुनाव में कथित वोट चोरी के मुद्दे को लेकर भी ओवैसी विपक्ष की रणनीति पर सवाल खड़ा किया. उन्होंने कहा कि विपक्ष ने एक बार यह भी कहा था वह चुनाव इसलिए हारे, क्योंकि हम (AIMIM) मैदान में थे. वे कभी कहते हैं वे वोटों की चोरी के कारण हारे, कभी कहते हैं एसआईआर के कारण हारे, यह कैसे संभव है. उन्हें यह भी स्पष्ट करना चाहिए.
असदुद्दीन ओवैसी ने देश के कुछ राज्यों में यूसीसी को लागू करने के कदम को गैर-जरूरी करार दिया है. उन्होंने दावा किया कि इस कदम का उद्देश्य भारत को हिंदू राष्ट्र में बदलना है. उन्होंने दावा किया कि उत्तराखंड, असम और गुजरात में यूसीसी कानून हिंदू विवाह अधिनियम और हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम की हूबहू नकल है. ओवैसी ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार पर यूसीसी पर काम कर रही है, लेकिन उत्तराखंड, असम और गुजरात में कानून एक जैसे ही हैं.
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड और गुजरात में आदिवासियों को उनकी धार्मिक और सामाजिक प्रथाओं में भिन्नता के कारण यूसीसी से बाहर रखा गया था, और तर्क दिया कि मुसलमानों को भी इसी तरह की समस्या का सामना करना पड़ता है.