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रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने मॉस्को बेस्ड रूसी थिंक टैंक और अंतर्राष्ट्रीय चर्चा मंच वल्दाई इंटरनेशनल डिस्कशन क्लब के सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचारों और भावनाओं की खुलकर तारीफ की है. पुतिन ने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन नेताओं में शामिल हैं, जिनसे रूस के बेहद अच्छे और दोस्ताना रिश्ते हैं. इसके बावजूद मोदी हर बार यूक्रेन संघर्ष को खत्म करने का मुद्दा उठाते हैं और इस दिशा में रास्ता तलाशने पर जोर देते हैं.'
पुतिन के मुताबिक, मोदी की दिलचस्पी ऐसे समाधान में है, जिसे युद्ध में शामिल दोनों पक्ष स्वीकार कर सकें.
रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि इस मामले में प्रधानमंत्री का रुख संतुलित है, लेकिन उनकी कोशिश साफ तौर पर संघर्ष को जल्द से जल्द खत्म कराने की है. पुतिन ने कहा कि इस बात को खुलकर कहना उनका कर्तव्य है. उन्होंने मोदी के विचारों और संघर्ष को शांतिपूर्ण तरीके से जल्द खत्म करने की उनकी इच्छा के लिए आभार भी जताया.
वल्दाई क्लब में आगे उन्होंने ये भी कहा, 'मुझे लगता है कि ऐसा समाधान खोजने के लिए पीएम मोदी के पास बहुत सारे अच्छे विचार हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी निष्पक्ष और तटस्थ रुख अपनाते हैं, उनकी मुख्य प्राथमिकता शांति बहाली है. मुझे यह सीधे तौर पर स्वीकार करना अपना कर्तव्य लगता है. शांतिपूर्ण तरीकों से और जल्द से जल्द इस संघर्ष को खत्म करने के विचार का हम सम्मान करते हैं.'
#WATCH | Russian President Vladimir Putin says, "Prime Minister Narendra Modi is one of those world leaders who, despite our very good and even friendly relations, personal good relations, constantly raises the question and asks the question about putting an end to the conflict… pic.twitter.com/BSJBswQn9G
— ANI (@ANI) October 1, 2026
पुतिन ने भारत की सांस्कृतिक विविधता और सामाजिक ताने-बाने की तारीफ भी की. पुतिन ने कहा कि जिस तरह से अलग-अलग भाषाओं, संस्कृतियों और परंपराओं के लोग एक साथ रहते हैं, वो अपने आप में अविश्वसनीय है. भारत हमेशा अपनी विविधता से मुझे हैरान करता है. भारतीय संस्कृति में कुछ ऐसा है जो निश्चित रूप से मिसाल बन सकता है. 'विविधता में एकता' का आइडिया मुझे काफी पसंद है.'
पुतिन ने भारत के साथ व्यापारिक गलियारों और आर्थिक सहयोग को बढ़ाने की दिशा में अंतर-राष्ट्रीय नॉर्थ-साउथ परिवहन कॉरिडोर के महत्व पर भी प्रकाश डाला.
आपको बताते चलें कि रूसी थिंक टैंक 'वल्दाई इंटरनेशनल डिस्कशन क्लब' की 23वीं सालाना बैठक 28 सितंबर से 1 अक्टूबर तक मास्को में हुई, जहां पुतिन ने पश्चिमी नैरेटिव की बखिया उधेलते हुए दो टूक बयान दिया. पुतिन ने बिना किसी लागलपेट के कहा, 'जो भी क्रेमलिन के लिए खतरा बनेगा या जिसने भी हम पर हमले की कोशिश की तो उसे बख्शा नहीं जाएगा.
Valdai Discussion Club के सवाल-जवाब वाले सत्र में पुतिन ने पश्चिमी देशों के उस नैरेटिव पर तंज कसते हुए कहा, 'मेहमान अपने सभी सवाल पूछ सकें, मैं इसके लिए पूरी तरह से तैयार हूं.'
रूसी राष्ट्रपति ने मॉडरेटर से मुस्कुराते हुए मजाकिया लहजे में कहा, 'पूछते रहिए.... पूछते रहिए.... क्योंकि तानाशाही है.' गौरतलब है कि अमेरिका और यूरोप की मीडिया रूस में पुतिन की सरकार के काम काज को तानाशाही का शाषन बताती है. पुतिन का ये तंज उसी दिशा में था.
रॉयटर्स के मुताबिक इससे सत्र में शामिल होने से पहले पुतिन ने NATO को एक बार फिर कड़ी चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर रूस के कलिनिनग्राद पर हमला हुआ, तो वे परमाणु जवाब देंगे.