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त्योहारी सीजन में क्या गुजरात को दहलाने का अंतरराष्ट्रीय षड्यंत्र रचा जा रहा है. दरअसल देश विरोधी ताकतों ने अहमदाबाद के स्कूलों, कोर्ट, मंदिर और स्टेडियम सब कुछ एक साथ टारगेट पर लेने का दावा किया है. एक-दो नहीं, बल्कि पूरे 19 धमकी भरे ई-मेल्स आने से पूरा पुलिस-प्रशासन अमला और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं. इस बीच सवाल यह है कि शांतिप्रिय गुजरात में डर का माहौल पैदा करने वाले ये डिजिटल आतंकवादी कौन हैं? जब जांच शुरू हुई, तो कड़ियां ऐसी जगह जा पहुंचीं कि पूरी टीम हैरान रह गई.
मासूम बच्चों के स्कूल, स्टेडियम और न्याय के मंदिर सबको निशाना बनाने की धमकियों से पूरा शहर हाई-अलर्ट पर आ गया. गुजरात के इस आर्थिक राजधानी को धमकाने वाले मास्टरमाइंड की पड़ताल हो रही है.
धमकी भरे ई-मेल के पीछे कौन है, इसकी जांच तेज हो गई है. साइबर क्राइम ब्रांच की जांच में जो खुलासा हुआ है, वह चौंकाने वाला है. इन धमकी भरे मेल के पीछे कोई स्थानीय उपद्रवी तत्व नहीं है, बल्कि इन धमकियों के तार सीधे सरहद पार पाकिस्तान से जुड़े हैं. बांग्लादेश से हैक की गई आईडी खरीदी गईं और कराची, लाहौर तथा रावलपिंडी से डिजिटल आतंक का यह घिनौना खेल रचा गया.
एक-दो नहीं, एक ही दिन में 19 सुलगते ई-मेल्स में 14 स्कूलों समेत कई वीआईपी लोकेशन टारगेट पर थीं. खालिस्तान के नाम पर और आगामी बड़े म्यूजिक कॉन्सर्ट्स को निशाना बनाकर पूरे गुजरात में डर का माहौल पैदा करने की ये दूसरी बड़ी कोशिश है. इससे पहले 7 अक्टूबर को भी ऐसे ही 16 मेल आए थे.
नरेंद्र मोदी स्टेडियम से लेकर अहमदाबाद के स्कूलों तक गुजरात पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर रखे हैं. इससे इतर अन्य सभी एहतियाती कदम भी लगातार उठाए जा रहे हैं. अहमदाबाद में साइबर क्राइम के डीसीपी लवलीन सिन्हा ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय एजेंसियों से इनपुट शेयर किया गया है. साजिशकर्ता भूल गए कि भारत की सेना, सुरक्षाबल, पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां चौकन्ना हैं. ऐसी धमकियां देकर भारत की शांति को बिगाड़ने का प्रयास करने वालों की अब खैर नहीं. सरहद पार बैठे आकाओं को हर बार की तरह इस बार भी जल्द ही इसका अंदाजा लगने में देर नहीं लगेगी.
इससे पहले भी देश के कई शहरों में धमाके की धमकियां ई मेल वगैरह से दी जा चुकी हैं.
(इनपुट- ज़ी मीडिया संवाददादा उदय रंजन)