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दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव के परिणाम घोषित हो गए हैं और चार पदों की तस्वीर अब पूरी तरह साफ हो चुकी है. इस बार के नतीजों में कड़ी टक्कर के बीच अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने अपना दबदबा कायम रखते हुए तीन पदों पर कब्जा जमाया है. अध्यक्ष पद पर एबीवीपी के यश डबास, सचिव पद पर रिया छाबड़ी और संयुक्त सचिव पद पर लक्ष्य राज सिंह ने जीत हासिल की. वहीं, उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने बाजी मारी है.
संयुक्त सचिव पद पर एबीवीपी के लक्ष्य राज सिंह ने जीत दर्ज की है, लेकिन इस बीच एक नाम की चर्चा नॉर्थ और साउथ कैंपस के हर कोने में हो रही है. वह नाम विशेष यादव का है, जिन्होंने समाजवादी छात्रसभा के समर्थन से संयुक्त सचिव पद पर चुनाव लड़ा था. विशेष यादव को महज 837 वोटों के अंतर से चुनाव में हार का सामना करना पड़ा, लेकिन डीयू की राजनीति में 'कैंपस का हीरो' बनकर उभरे हैं.
कौन हैं विशेष यादव?
हरियाणा के गुरुग्राम के रहने वाले विशेष यादव एक साधारण मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखते हैं. उनके पिता सरकारी स्कूल में टीचर हैं और मां हाउसवाइफ हैं. वर्तमान में विशेष दिल्ली यूनिवर्सिटी के बौद्ध अध्ययन (Buddhist Studies) विभाग में पढ़ाई कर रहे हैं. ग्राउंड लेवल पर छात्रों के बीच लगातार सक्रिय रहने के कारण विशेष यादव की पकड़ सामान्य विद्यार्थियों के बीच काफी मजबूत मानी जाती रही है.
NSUI ने काटा था टिकट
डूसू चुनाव प्रक्रिया की शुरुआत में विशेष यादव कांग्रेस की छात्र इकाई NSUI से संयुक्त सचिव पद के लिए टिकट की उम्मीद लगाए बैठे थे. वे महीनों से कैंपस में छात्रों के मुद्दों पर संघर्ष कर रहे थे. हालांकि, आखिरी वक्त पर राजनीतिक समीकरण बदले और NSUI ने उनका टिकट काटकर गोपाल चौधरी पर भरोसा जताया.
टिकट कटने के बाद विशेष यादव ने किसी बड़े बैनर के बिना निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर अपना नामांकन दाखिल कर दिया. विशेष के इस जुझारू तेवर को देखते हुए बाद में अखिलेश यादव की पार्टी की छात्र इकाई 'समाजवादी छात्रसभा' ने उन्हें अपना आधिकारिक समर्थन दे दिया.
विशेष यादव ने दी कड़ी टक्कर
जब वोटों की गिनती शुरू हुई, तो संयुक्त सचिव पद का मुकाबला सबसे काफी रोमांचक रहा और कई राउंड तक विशेष यादव आगे चल रहे थे, लेकिन अंत में उन्हें हार का सामना करना पड़ा. हालांकि, विशेष यादव ने न सिर्फ टिकट काटने वाली NSUI के उम्मीदवार गोपाल चौधरी को तीसरे नंबर पर धकेल दिया, बल्कि जीत दर्ज करने वाले ABVP के लक्ष्य राज सिंह को बेहद कड़ी टक्कर दी. वे सिर्फ 837 वोटों के मामूली अंतर से पिछड़ गए.
संयुक्त सचिव पद के लिए किसे कितने वोट?
लक्ष्य राज सिंह (ABVP): 16,615 वोट (विजेता)
विशेष यादव (समाजवादी छात्रसभा/निर्दलीय): 15,778 वोट
गोपाल चौधरी (NSUI): 15,206 वोट
क्यों खास है विशेष यह प्रदर्शन?
DUSU का चुनाव आमतौर पर भारी-भरकम बजट, बड़े-बड़े पोस्टरों और बड़े राजनीतिक दलों के समर्थन के दम पर लड़ा जाता है. इसके साथ ही चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के बीच टक्कर मानी जाती है. ऐसे माहौल में एक आम छात्र का निर्दलीय उतरकर 15,778 वोट हासिल करना कोई छोटी उपलब्धि नहीं है.