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जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने पार्टी के नाम में नीतीश जोड़ने की वकालत की है. नीतीश संवाद यात्रा के क्रम में खगड़िया में एक मंच से उन्होंने यह बात कही. अब बिहार के राजनीतिक हलकों में इस पर बहस तेज हो गई है. सत्ताधारी गठबंधन के नेताओं ने जहां इस बात का स्वागत किया है, वहीं विपक्षी नेताओं ने इसे मुद्दों से भटकाने वाली पहल करार दिया है और संजय कुमार झा पर अप्रत्यक्ष रूप से कई सारे आरोप लगाए हैं.
अध्यक्ष जी का नाम पार्टी में जुड़ जाए, इससे बेहतर क्या हो सकता है: चंदन सिंह
जनता दल यूनाइटेड के प्रवक्ता चंदन सिंह ने इस बारे में कहा, कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा जी ने अपनी भावनाएं व्यक्त की हैं. हमारी भी यही भावना है, लेकिन अंत में यह फैसला तो नेतृत्व को ही करना है. हमारी पार्टी की धुरी नीतीश कुमार हैं. उनके नाम पर पार्टी का नाम हो जाए, इससे बेहतर और क्या हो सकता है.
चंदन सिंह ने कहा कि भाई वीरेंद्र पहले तेजस्वी यादव को लेकर टिप्पणी कर रहे थे और आजकल तेजस्वी यादव का TTM कर रहे हैं. तेजस्वी यादव के आसपास रहने वाले लोगों पर उन्होंने टिप्पणी की कि वह जिंदा चमड़ा का व्यापारी है. तेजस्वी यादव को अब कोई नेता मानने को ही तैयार नहीं है.
संजय कुमार झा के बयान का स्वागत होना चाहिए: बचौल
भारतीय जनता पार्टी के पूर्व विधायक हरीभूषण ठाकुर बचौल ने कहा कि यह स्वागत योग्य राय है. नीतीश कुमार के नाम से ही पार्टी जानी जाती है. उन्होंने इस पार्टी को सींचा है. देश और दुनिया में लोग जनता दल यूनाइटेड का मतलब नीतीश कुमार जानते हैं. अगर संजय कुमार झा जी ने यह राय रखी है तो इसका स्वागत किया जाना चाहिए.
केंद्रीय मंत्री बनने के चक्कर में नीतीश कुमार की तारीफ कर रहे संजय: शक्ति यादव
राजद के मुख्य प्रवक्ता शक्ति यादव ने कहा कि संजय झा राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष हैं. कुछ भी नाम रख सकते हैं. जनता दल संजय रख दें या जनता दल ललन रख दें और अगर भविष्य को देख रहे हैं तो जनता दल निशांत भी रख सकते हैं. वह तो केंद्रीय मंत्री बनने के चक्कर में लगातार नीतीश कुमार की तारीफ कर रहे हैं.
जनता दल यूनाइटेड में अब केवल नीतीशवादी ही रहेंगे, बाकी बीजेपी में: स्नेहाशीष
कांग्रेस प्रवक्ता स्नेहाशीष वर्धन ने कहा कि जब बड़े मुद्दों से ध्यान भटकाना होता है, तो ऐसे ही नेताओं के द्वारा मामले को डायवर्ट किया जाता है. जनता दल (यूनाइटेड) अब यूनाइटेड नहीं रहा. यह मैं इसलिए कह रहा हूं, क्योंकि उसे खंड-खंड करके भारतीय जनता पार्टी ने नए नेताओं को खड़ा करने की कवायद की है. अब नीतीश कुमार जी के नाम पर पार्टी का नामकरण की बात करके स्पष्ट किया जा रहा है कि केवल 'नीतीशवादी' ही जदयू में रहेंगे. बाकी इसका विभिन्न खंड भारतीय जनता पार्टी में समाहित हो जाएगा. और यह भाजपा के स्लीपर सेल, जो जनता दल (यूनाइटेड) में स्थापित हैं, उनके द्वारा रची गई साजिश है.
रिपोर्ट: सन्नी, पटना