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मुंगेर के संग्रामपुर थाना क्षेत्र के कहुआ गांव में आयोजित फुटबॉल टूर्नामेंट के फाइनल मैच में उस वक्त मच गया, जब मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में भीड़ ने सुरक्षा घेरा तोड़ दिया और बैरिकेड तक पहुंच गए. वहीं, पुलिस की तरफ से भीड़ को रोकने की कोशिश की जा रही थी, जिसके बाद बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी खुद मंच से उठे और माइक पकड़कर डांट-फटकार लगाई.
दरअसल, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी 18 अक्टूबर, 2026 दिन रविवार को अपने विधानसभा क्षेत्र के कहुआ गांव में आयोजित फुटबॉल टूर्नामेंट मुकाबले में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे थे. यहां उन्हें विजेता और उपविजेता टीम को अपने हाथों से ट्रॉफी प्रदान करनी थी. इसके लिए हजारों की संख्या में लोग मुख्यमंत्री को देखने और सुनने के लिए मैदान के चारों ओर जुटे थे.
जैसे ही मुख्यमंत्री मंच पर पहुंचे और खिलाड़ियों से मिले, तभी अचानक भीड़ बेकाबू हो गई और लोग मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को करीब से देखने के लिए मंच की तरफ दौड़ते हुए बैरिकेडिंग तक पहुंच गए. वहीं, इस स्थिति से निपटने के लिए खुद एसपी सैयद इमरान मसूद, उप विकास आयुक्त अजीत कुमार, तारापुर एसडीपीओ समेत तमाम अधिकारी भीड़ के बीच पहुंचे और उन्हें रस्सी लगाकर रोकने की कोशिश की. पुलिस अधिकारी और जवान भीड़ को पीछे कर रहे थे और स्थिति को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश में लगे थे.
इसी दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से रहा नहीं गया और वह अचानक मंच से उठे और माइक पकड़कर पुलिसकर्मियों को फटकार लगाते हुए कहा कि कॉमन सेंस नाम की चीज नहीं है बेवकूफ! क्या नाटक कर रहा है, अरे छोड़ो! क्या नौटंकी कर रहा है, यह रस्सी वाला सब छोड़ो!
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के इतना बोलते ही पुलिस प्रशासन सकते में आ गया और सीएम के आदेश के बाद तुरंत प्रशासन पीछे हट गया. मुख्यमंत्री के इस अंदाज के बाद पूरा मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा और भीड़ ने एक ही झटके में बैरिकेडिंग को पार कर लिया और 'मुख्यमंत्री जिंदाबाद', 'प्रधानमंत्री जिंदाबाद' के नारे लगाने लगे.
रिपोर्ट: प्रशांत किशोर