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ट्रंप के दामाद का फोन हैक: सीक्रेट अकाउंट और अरबों डॉलर के खेल का खुलासा, सऊदी-UAE कनेक्शन पर मचा बवाल

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद कुशनर पर गंभीर आरोप लगने की जानकारी सामने आई है. दावा किया गया है कि उन्होंने व्हाइट हाउस के वरिष्ठ सलाहकार रहते हुए सऊदी-UAE के साथ कई सीक्रेट डील की थी. ये डील्स ट्रंप सरकार ने इन देशों का एजेंडा पास कराने के बदले की गई थी. अब कुशनर ने इसे खारिज किया है.

Written Byabhinav tripathi
Published: Oct 23, 2026, 11:18 AM IST|Updated: Oct 23, 2026, 01:36 PM IST
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ट्रंप के दामाद का फोन हैक: सीक्रेट अकाउंट और अरबों डॉलर के खेल का खुलासा, सऊदी-UAE कनेक्शन पर मचा बवाल
Image Credit: ट्रंप के दामाद पर गल्फ देशों से पैसे लेने का आरोप लगा है. फोटो- एपी

About the Author

abhinav tripathi

abhinav tripathi

अभिनव त्रिपाठी जी न्यूज हिंदी में बतौर सब एडिटर कार्यरत हैं।  पत्रकारिता के क्षेत्र में 3 साल से अधिक समय का अनुभव रखते हैं। डेस्क पर रियल टाइम की देश-विदेश की खबरों को कवर करते हैं। राष्ट्रीय राजनीति और अंतरराष्ट्रीय खबरों को लिखना पसंद है। वैश्विक घटनाक्रम के किसी भी जटिल मुद्दे को आसान भाषा में समझाना अच्छी तरीके से आता है। इससे पहले जागरण डॉट कॉम के साथ सब एडिटर के तौर पर काम कर चुके हैं।  करियर की शुरुआत एक सैटेलाइट चैनल से की थी। पत्रकारिता की पढ़ाई काशी विद्यापीठ वाराणसी से की है। 
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US News: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर पर बड़े और गंभीर आरोप लगे हैं. एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि व्हाइट हाउस के वरिष्ठ सलाहकार रहते हुए उन्होंने खाड़ी देशों द्वारा पोषित बैंक खातों का सीक्रेट तरीके से इस्तेमाल किया. कुशनर ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान व्हाइट हाउस के वरिष्ठ सलाहकार के तौर पर कार्यरत रहे थे.

दरअसल, हाल में ही 'वैनिटी फेयर' की एक रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें दावा किया गया कि उस समय डच जासूसों ने कुशनर के फोन की निगरानी की थी. इस दौरान सऊदी अरब, यूएई (UAE) और इजरायली नेताओं के साथ उनके गुप्त वित्तीय सौदों का पता चला. आरोप यह भी है कि ट्रंप सरकार ने इन देशों का एजेंडा पास कराने के बदले यह सब किया. हालांकि, अब जेरेड कुशनर ने इन आरोपों का खंडन किया है.

कुशनर ने आरोपों को बताया गलत

जेरेड कुशनर ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया. उन्होंने एक्स पोस्ट में कहा कि ये आरोप निराधार हैं और झूठे हैं. उन्होंने लिखा कि ये पत्रकारिता के नाम पर पेश की जा रही मनगढ़ंत बातें हैं. यह कल्पना और कहानी का मिश्रण है

बता दें कि 'वैनिटी फेयर' की ये रिपोर्ट मैथ्यू कोल की आने वाली किताब के एक हिस्से पर आधारित है. जिसमें कहा गया कि ट्रंप के पहले कार्यकाल में डच जासूसों ने कुशनर के आईफोन पर नजर रखी थी यानी कुशनर के फोन में होने वाली गतिविधियों को देखा जा रहा था और रिकॉर्ड किया जा रहा था. इस दौरान कुशनर ने यूएई से जुड़े एक बैंक खाते का इस्तेमाल किया. इसमें अजरबैजान के एक बैंक से करोड़ों डॉलर आए थे.

इन खातों से भी भेजे गए पैसे

रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि 'फर्स्ट अबू धाबी बैंक' के एक खाते में करीब 75 करोड़ डॉलर भेजे गए. बताया जाता है कि ये खाता यूएई सरकार की ही एक संस्था 'वतनी अल इमारात फाउंडेशन' से जुड़ा था. हालांकि, कुशनर इस खाते के मालिक नहीं थे, लेकिन उन्हें इसके इस्तेमाल की अनुमति मिली थी. उस वक्त इस खाते की निगरानी यूएई के शासक के भाई तहून बिन जायद की तरफ से की जा रही थी.

ट्रंप की विदेश नीति की मदद की चाहत

इस रिपोर्ट में दावा किया गया था कि इस गुप्त फंड का प्लान यूएई के मोहम्मद बिन जायद और सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान का था. कहा जा रहा है कि ट्रंप प्रशासन की विदेश नीति में वह मदद करना चाहते थे. हालांकि, यह योजना फेल हो गई. बावजूद इसके दोनों नेताओं की ओर से कुशनर के लिए दो खातों में कम से कम 2 अरब डॉलर डाले गए.

इसके अलावा एक और बैंक अकाउंट का जिक्र किया गया है जिसका इस्तेमाल भी इस समयाविधि के दौरान किया गया था. इस बैंक अकाउंट का इस्तेमाल कथित तौर पर सऊदी शाही परिवार के एक सदस्य ने कुशनर के व्यक्तिगत  फायदे के लिए किया था और करीब 1 अरब डॉलर रुपये भेजे थे. उधर, रिपोर्ट में कहा गया है कि यूएई के राष्ट्रपति  मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने ही इन पैसों का इंतजाम किया था.

इजरायल कनेक्शन भी आया सामाने

दावा किया गया कि इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कुशनर से इन पैसों को इजरायल में जमा करने के लिए कहा था. हालांकि, यह केवल आरोप हैं, इसकी पुष्टि अभी नहीं हो सकी है. कुशनर ने इजरायल में तत्कालीन अमेरिकी राजदूत डेविड फ्रीडमैन के जरिए इन लेन-देने के बारे में नेतन्याहू से बात की थी. इस बात पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए कि अभी तक इस रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों को किसी गलत काम के सबूत के तौर पर साबित नहीं किया गया है.

कुशनर ने क्या कहा?

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जेरेड कुशनर ने एक पोस्ट कर इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है. उन्होंने कहा कि ये आरोप पूरी तरह से बेतुके हैं और ऐसा कभी हुआ ही नहीं. उन्होंने आगे लिखा कि हमने आधिकारिक तौर पर इन सभी दावों का खंडन किया है, फिर भी लेखक इनमें से किसी भी दावे को साबित करने के लिए एक भी सबूत नहीं दे पाए. इन गंभीर आरोपों के समर्थन में कोई बैंक स्टेटमेंट, वायर ट्रांसफर रिकॉर्ड, अकाउंट नंबर, लेन-देन की तारीखें या कोई अन्य सत्यापन योग्य जानकारी नहीं दी गई है.

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