SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

US मिडटर्म में भारतवंशियों की बल्ले-बल्ले, कौन हैं पिया डांडिया, मिलर और सुब्रमण्यम, जिन्होंने गाड़े जीत के झंडे

अमेरिका में हुए मिड टर्म चुनाव में कई भारतीय-अमेरिकियों ने भी जीत अपने नाम की है. इस लिस्ट में पिया डांडिया, रो खन्ना, अरुणा मिलर जैसे दिग्गज नेताओं का नाम शीर्ष पर आता है. आइए आपको भारतीय मूल के उन दिग्गजों के बारे में बताते हैं, जिन्होंने इस चुनाव में जीत का परचम लहराया है.

Written By abhinav tripathi
Published: Nov 04, 2026, 12:58 PM IST | Updated: Nov 04, 2026, 01:02 PM IST
Image Credit: अमेरिका में भारतवंशियों का दमदार प्रदर्शन. (फोटो- एआई)
Join

US Mid Term Election 2026: अमेरिका में मध्यावधि चुनाव के नतीजों की घोषणा की जा रही है. इस चुनाव में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है. अमेरिकी संसद के दोनों सदनों में ड्रेमोक्रेट्स ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया. इस चुनाव के परिणाम चाहें, जो आए हों, लेकिन इसमें भारतवंशियों का भी दबदबा देखने को मिला है. कई भारतवंशियों ने इस चुनाव में जीत का पताका लहराया है, तो कुछ सीटों पर अभी चुनावी नतीजे आने बाकी हैं.

अमेरिका के मिड टर्म चुनाव में वर्जीनिया से सुहास सुब्रमण्यम ने जीत हासिल की है, तो फ्लोरिडा से पिया डांडिया ने अपनी जीत दर्ज की है. इसके अलावा डेमोक्रेटिक पार्टी की नेता अरुणा मिलर ने मैरीलैंड की लेफ्टिनेंट गवर्नर के रूप में फिर जीत हासिल की है. मिलर ने रिपब्लिकन उम्मीदवार रॉब क्रोप को हराया. आइए आपको इन तीनों दिग्गजों के नेताओं के बारे में बताते हैं...

पिया डांडिया ने जीत दर्ज की

भारतवंशी पिया डांडिया ने अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार के तौर पर अपनी जीत दर्ज की है. उन्होंने प्रतिनिधि सभा (House of Representatives) के लिए हुए चुनाव में रिपब्लिकन नेता कैसी अस्कर को शिकस्त दी है. डांडिया पेशे से शिक्षा और एक स्कूल की प्रिंसिपल रह चुकी है. डांडिया ने  फ्लोरिडा डिस्ट्रिक्ट 22 से जीत दर्ज की.

जानकारी के अनुसार, बुधवार को सामने आए नतीजों में पिया डांडिया को 51.9 फीसदी वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंदी पूर्व सैनिक कैसी अक्सर को 49.1 फीसदी वोट मिले थे. दावा किया जाता है कि फ्लोरिडा 22 डिस्ट्रिक्ट डेमोक्रे्ट्स के लिए मुश्किल सीट होती है. यह ट्रंप का गढ़ भी माना जाता है. फ्लोरिडा में ही अमेरिकी राष्ट्रपति का आवास भी है.

पिया डांडिया के बारे में जानिए

रिपोर्ट्स के अनुसार, पिया डांडिया ने अपने करियर की शुरुआत एक मिडिल स्कूल के टीचर के तौर पर की थी. आगे चलकर वह हाईस्कूल की प्रिंसिपल बनी. पिया डांडिया के माता-पिता राजस्थान से हैं, जो अमेरिका जाकर बस गए. रिपोर्ट्स के अनुसार, पिया डांडिया का जन्म और पालन-पोषण फ्लोरिडा में हुआ.

चुनावी जनसभा को संबोधित करने के दौरान डांडिया ने कहा था कि मैं कांग्रेस के चुनाव में खड़ी हो रही हूं ताकि अपने छात्रों और अपने बेटे के लायक एक भविष्य के लिए लड़ सकूं. मुझे इस बात पर भी पूरा भरोसा है कि कांग्रेस में नेताओं की एक नई पीढ़ी की जरूरत है, जो अपनी आस्तीन चढ़ाएं, भविष्य के लिए कानून बनाएं और काम में लग जाएं.

कौन हैं सुहास सुब्रमण्यम

भारतवंशी सुहास सुब्रमण्यम ने भी अमेरिका में हुए मध्यावधि चुनाव में शानदार जीत हासिल की है. वह डेमोक्रेट्स के नेता हैं और वर्जीनिया से अमेरिकी कांग्रेस सदस्य के रूप में फिर से चुने गए. बता दें कि सुब्रमण्यम की मां बेंगलुरु से हैं, जबकि उनके पिता चेन्नई और सिकंदराबाद में पले-बढ़े हैं. जानकारी के अनुसार, सुब्रमण्यम के माता-पिता 1979 में वर्जीनिया में शिफ्ट हो गए थे.

बराक ओबामा के कार्यकाल के दौरान सुहास सुब्रमण्यम व्हाइट हाइस में टेक्नोलॉजी पॉलिसी सलाहकार के तौर पर भी कार्यरत रह चुके हैं. इस मध्यावधि चुनाव के दौरान सुब्रमण्यम ने मजबूती से लोगों का मुद्दा उठाया और अपनी बातों को रखा. कई फैसलों को लेकर वह अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आलोचना भी कर चुके हैं.

अरुणा मिलर ने भी लहराया परचम

अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में भारतवंशी अरुणा मिलर ने भी जीत दर्ज की है. भारतवंशी मिलर मैरीलैंड की लेफ्टिनेंट गवर्नर के रूप में फिर से चुनी गईं. वह डेमोक्रेट्स की नेता हैं और उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार रॉब क्रोप को करारी शिकस्त दी. जानकारी के अनुसार, अरुणा मिलर का जन्म  भारत के हैदराबाद में हुआ था. वह भारतीय मूल की महिला हैं, जिन्होंने अमेरिका की राजनीति में एक अहम आयाम स्थापित किया है.

मिलर की जीत के बाद राज्य के कार्यकारी कार्यालय में उनका एक और कार्यकाल सुनिश्चित हो गया है. इसके साथ ही अमेरिकी राज्य नेतृत्व में भारतीय-अमेरिकियों का प्रतिनिधित्व भी बना रहेगा. अपने चुनावी प्रचार के दौरान मिलर ने ट्रंप के कई फैसलों को गलत ठहराया और उनकी आलोचना की थी.

प्रमिला जयपाल भी जीतीं

इस चुनाव में कई भारतवंशियों ने परचम लहराया है. इसी लिस्ट में भारतीय मूल की डेमोक्रेटिक नेता प्रमिला जयपाल का नाम भी आता है. उन्होंने वॉशिंगटन के 7वें संसदीय क्षेत्र से लगातार छठी जीत अपने नाम की है. बताया जाता है कि अमेरिकी संसद के निचले सदन यानी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में पहुंचने वाली पहली  भारतीय-अमेरिकी महिला का गौरवर प्रमिला को प्राप्त है.

प्रमिला का जन्म चेन्नई में हुआ था और वह साल 2016 में पहली बार सांसद बनी थीं. अमेरिका की राजनीति में कदम रखने के बाद से ही प्रमिला जयपाल संसद में प्रवासियों के अधिकार, अच्छी स्वास्थ्य व्यवस्था और महिलाओं से जुड़े मुद्दे उठाती रही हैं.

रो खन्ना ने फिर से जीत की अपने नाम

अमेरिका में हुए मिड टर्म चुनाव में रो खन्ना ने कैलिफोर्निया के 17वें संसदीय क्षेत्र से एक बार फिर जीत अपने नाम की है. बता दें कि भारतीय मूल के रो खन्ना साल 2017 से अमेरिकी संसद के निचले सदन के सदस्य हैं. रो खन्ना डेमोक्रेट्स के नेता और इस चुनाव में उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार रितेश टंडन को हराया है. सबसे खास बात है कि रिेतेश टंडन भी भारतीय-अमेरिकी हैं. रो खन्ना हमेशा से चीन की नीतियों, तकनी, व्यापार और आर्थिक असमानता जैसे मुद्दों पर अपनी बातें रखते आएं हैं.  

जानकारी के अनुसार, रो खन्ना का जन्म साल 1976 में फिलाडेल्फिया, पेनसिल्वेनिया में हुआ था. उनके माता-पिता 1970 के दशक में भारत के पंजाब से अमेरिका जाकर बस गए थे.

यह भी पढ़ें: US मिडटर्म चुनाव में भारतवंशियों का दबदबा: सुहास सुब्रमण्यम से लेकर पिया डांडिया ने लहराया परचम; कहां से किसे मिली जीत?

यह भी पढ़ें: वोट का प्रहार, ट्रंप की राह में दीवार! डेमोक्रेट्स जीते मिडटर्म चुनाव तो क्या ईरान के साथ रुक जाएगी जंग?

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

अभिनव त्रिपाठी जी न्यूज हिंदी में बतौर सब एडिटर कार्यरत हैं।  पत्रकारिता के क्षेत्र में 3 साल से अधिक समय का अनुभव रखते हैं। डेस्क पर रियल टाइम की देश-विदेश की खबरों को कवर करते हैं। राष्ट्रीय राजनीति और अंतरराष्ट्रीय खबरों को लिखना पसंद है। वैश्विक घटनाक्रम के किसी भी जटिल मुद्दे को आसान भाषा में समझाना अच्छी तरीके से आता है। इससे पहले जागरण डॉट कॉम के साथ सब एडिटर के तौर पर काम कर चुके हैं।  करियर की शुरुआत एक सैटेलाइट चैनल से की थी। पत्रकारिता की पढ़ाई काशी विद्यापीठ वाराणसी से की है। 
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES