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सोने-चांदी के दाम में पिछले कुछ समय से लगातार गिरावट का माहौल बना हुआ था. अगर आप भी निवेश के लिहाज से दाम के और नीचे आने की उम्मीद करके चल रहे थे तो ग्लोबल मार्केट ने बड़ा ट्विस्ट दिया है. जी हां, बुधवार के कारोबारी सत्र के दौरान सोने और चांदी की कीमत में तेजी देखने को मिली. महज एक ही दिन में सोना करीब ढाई प्रतिशत चढ़कर 4,036 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया. इस दौरान यह कीमती धातु करीब 100 डॉलर प्रति औंस तक चढ़कर 4,000 डॉलर के आंकड़े से पार निकल गई. ऐसे में सवाल तो यह भी उठ रहा है कि क्या दुनिया के निवेशक शेयर बाजार और डॉलर से पैसा निकालकर सोने का रुख कर रहे हैं.
दरअसल, अमेरिका के मिडटर्म इलेक्शन में डेमोक्रेटिक पार्टी ने इतिहास रचते हुए संसद के दोनों सदनों पर कब्जा जमा लिया है. अमेरिकी चुनाव के नतीजे जारी होने के बाद इंटरनेशनल वायर बााजर में सोना 96 डॉलर प्रति औंस चढ़कर 4,036.60 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया. इसी तरह कॉमेक्स पर चांदी, दो डॉलर प्रति औंस चढ़कर 51.78 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेंड करते देखी गई. बुधवार के कारोबारी सत्र के दौरान सोने-चांदी दोनों के ही दाम में बाकी प्लेटफॉर्म पर भी तेजी देखी जा रही है. सोने के अलावा चांदी, प्लैटिनम और पैलेडियम जैसी कीमती मेटल में तेजी देखी गई. जानकारों का मानना है कि पिछले कुछ हफ्ते के दौरान बाजार में जो अनिश्चितता बनी हुई है. चुनाव नतीजे आने के बाद उस पर से पर्दा हट गया है. इसके साथ ही निवेशकों को गोल्ड के रूप में सुरक्षित ऑप्शन मिल गया है.
अमेरिकी मिडटर्म इलेक्शन में डेमोक्रेटिक पार्टी ने सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स दोनों पर जीत हासिल कर ली है. इसका मतलब यह है राष्ट्रपति ट्रंप और संसद के बीच बड़ा राजनीतिक गतिरोध बन सकता है. बाजार से जुड़े जानकारों का मानना है कि जब राष्ट्रपति और संसद अलग-अलग तरह से सोचते हैं तो सरकार के लिए बड़े बजट और भारी खर्च का पैसा निकाल पाना मुश्किल हो जाता है. जैसे ही बाजार को यह आइडिया लगा तो अमेरिका में सरकारी खर्च और टेक स्पेंडिंग पर ब्रेक लग सकता है. यूएस डॉल्र और बॉन्ड यील्ड धड़ाम से नीचे गिर गए. डॉलर सूचकांक एक महीने के निचले लेवल पर आ गया. अमेरिकी डॉलर कमजोर होने से सोने के दाम में तेजी देखी जा रही है.
केडिया एडवाइजरी के अजय केडिया ने बताया कि अमेरिकी मिडटर्म इलेक्शन में ट्रंप की हार के बाद सोने के दाम में तेजी आने की उम्मीद की जा रही है. सोने के दाम में फिर से तेजी आने के वह तीन कारण बताते हैं. पहला कारण कच्चा तेल का स्प्रेड (ब्रेंट क्रूड और WTI क्रूड का अंतर) घटकर 7 से 8 डॉलर पर आ गया है. स्प्रेड कम होने का मतलब बाजार की अनिश्चितता कम होना है, जिससे सोने में तेजी आने का आसार है. दूसरी डॉलर इंडेक्स गिरकर 101.50 के नीचे आ गया है. डॉलर इंडेक्स गिरने का सीधा सा मतलब सोने में तेजी माना जाता है. इसके अलावा दुबई प्रापर्टी इंडेक्स फिर से चढ़कर 11600 अंक पर पहुंच गया है.
ऊपर बताए गए तीनों कारण से यह साफ है कि बाजार में रिकवरी की कोशिश हो रही है. इससे आने वाले समय में कच्चे तेल का दाम गिरकर नीचे आ सकता है और सोना ऊपर की तरफ जा सकता है. इस समय फिजिकल डिमांड में भले ही गिरावट चल रही है लेकिन केंद्रीय बैंकों की तरफ से सोने की डिमांड लगातार बनी हुई है. चांदी के बारे में उन्होंने बताया कि इसकी डिमांड भले ही कम हुई है लेकिन प्रोडक्शन में किसी तरह का इजाफा नहीं देखा गया. ऐसे में आने वाले समय में चांदी में भी तेजी की संभावना बनी हुई है.

इंटरनेशनल वायदा बाजार कॉमेक्स पर सोने-चांदी के दाम में आ रही तेजी का असर एमसीएक्स (MCX) पर भी देखा जा रहा है. एमसीएक्स पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना 3380 रुपये चढ़कर 142832 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेंड कर रहा है. इसी तरह चांदी की बात करें तो दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी 7252 रुपये चढ़ गई और 186950 रुपये प्रति किलो पर ट्रेंड कर रही है. बुलियन मार्केट में भी सोना 3200 रुपये चढ़कर 143,090 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया. इसके अलावा चांदी 6820 रुपये चढ़ गई और 187,300 रुपये पर ट्रेंड करते देखी गई. 22 कैरेट वाले सोने का रेट बुलियन मार्केट में 131,166 रुपये प्रति 10 ग्राम पर देखा गया.
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) की तरफ से हर दिन सुबह और शाम में सोने-चांदी के रेट जारी किये जाते हैं. अमेरिकी मिड टर्म इलेक्शन का रिजल्ट जारी होने के बाद बुधवार 12 बजे IBJA की तरफ से रेट जारी किये गए. कारोबारी सत्र की शुरुआत में ही 24 कैरेट वाला सोना 3,486 रुपये उछलकर 141062 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया. चांदी की बात करें तो यह 7775 रुपये प्रति किलो चढ़कर 184200 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई. 22 कैरेट वाला सोना 129213 रुपये प्रति 10 ग्राम और 18 कैरेट वाला सोना चढ़कर 105797 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया.
(डिस्क्लेमर: सोने-चांदी में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. अगर आप गोल्ड या सिल्वर में निवेश करना चाहते हैं, तो वित्तीय जानकारों की सलाह जरूर लें.)