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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 3 नवंबर को भोपाल के भौंरी स्थित मध्य प्रदेश पुलिस अकादमी परेड ग्राउंड में आयोजित 44वें-45वें बैच के उप पुलिस अधीक्षकों (डीएसपी) के दीक्षांत समारोह में शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने परेड की सलामी लेकर उसका निरीक्षण किया और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षु अधिकारियों को शील्ड और प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया. इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नए अधिकारियों को कर्तव्य के मंत्र भी दिए और कहा कि इस बात की आशा है कि हमारे नए अधिकारी सोशल मीडिया के इस दौर में रील से ज्यादा रियल प्रॉब्लम सॉल्व करेंगे.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 2029 तक ड्रग्स के खात्मे का टास्क दिया. उन्होंने कहा कि डाकुओं-नक्सलवाद के बाद आपको अब वर्ष 2029 तक ड्रग्स की समस्या का सफाया करना है. इस मौके पर सीएम मोहन यादव ने पुलिस प्रशिक्षण अकादमी में 12 करोड़ लागत के ऑडिटोरियम बनाने, विद्युत सब स्टेशन स्थापित करने और 1 किलोमीटर का एप्रोच रोड बनाने की घोषणा भी की. उन्होंने नक्सलवाद का खात्मा करने वाले 63 पुलिसकर्मियों की आउट ऑफ टर्न प्रमोशन भी दिया.
सीएम मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश को नए 48 नए जनसेवक मिल रहे हैं. ये जनसेवक राज्य की सेवा करने के लिए अपने आप को तत्पर कर रहे हैं. मैं प्रदेश की साढ़े आठ करोड़ जनता की सुरक्षा का दायित्व संभालने जा रहे इन युवाओं को बधाई देता हूं. मैं उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूं. जब-जब प्रदेश में चुनौती आई है, तब-तब हमारे पुलिस जवानों ने उनका सामना उच्चतम प्रतिमान स्थापित किए हैं.

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आजादी के बाद यह राज्य लंबे समय तक डाकुओं के साये में रहा है. चाहे चंबल अंचल हो या रीवा अंचल, हमारी पुलिस ने इन चुनौतियों का सामना सफलता से किया और डाकुओं का उन्मूलन किया. पुलिस ने नई पीढ़ी को पुरानी बीमारी से मुक्ति दिलाई. इस बात की कल्पना करना कठिन था कि प्रदेश से कभी नक्सलवाद का संकट खत्म होगा. नक्सलियों की वजह से आदिवासी अंचल में विकास ठप हो गया था. लेकिन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प से असंभव सा लगने वाला लक्ष्य निर्धारित समय सीमा में पूरा हुआ. मध्य प्रदेश ने इस लक्ष्य को समय सीमा से पहले हासिल कर लिया. उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश वो गौरवशाली प्रदेश है जिसने समय सीमा से पहले नक्सलियों का सफाया कर अपनी दक्षता साबित की.

पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने कहा कि पुलिस विभाग ने फील्ड में तैनात पुलिस अधिकारियों के लिए एसओपी जारी किए हैं, सभी अधिकारी इनका पालन सुनिश्चित करें, क्योंकि ड्यूटी के साथ अपनी सुरक्षा भी महत्वपूर्ण है. प्रदेश में युवा पीढ़ी के बीच नशे का बढ़ता चलन बड़ी चुनौती है. मध्य प्रदेश पुलिस ने नशे से दूरी है जरूरी अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई की है. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्य प्रदेश को 2029 तक नशा मुक्त करने का संकल्प लिया है. सभी नवागत पुलिस अधिकारियों की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका होगी. उन्होंने कहा कि इसके अलावा साइबर क्राइम भी हमारे लिए बड़ी चुनौती है. राज्य पुलिस विभाग ने जन जागरुकता के लिए सेफ क्लिक अभियान चलाया है. प्रदेश में साइबर कैपेसिटी बिल्डिंग की आवश्यकता है, इसका गठन होना चाहिए. इसके अंतर्गत साइबर थाने, साइबर हेल्प डेस्क, साइबर फॉरेंसिक, साइबर हेल्पलाइन की स्थापना से आम नागरिकों को राहत मिलेगी.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नक्सल विरोधी अभियान में लगे 63 पुलिसकर्मियों को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन दिए गए. हम अपने बहादुर जवानों के साहस की सराहना करते हैं. युवा अधिकारियों के सामने चुनौतियां आने पर ही उनके प्रशिक्षण की परीक्षा होती है. पुलिस एकेडमी में मिला प्रशिक्षण युवा अधिकारियों को फील्ड में सहायक सिद्ध होगा. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ बलिदानियों के योगदान को सदैव स्मरण रखेगी. मध्य प्रदेश पुलिस के अधिकारी-कर्मचारी अवैध शराब के तंत्र को धवस्त करेंगे. उन्होंने पुलिस महानिदेशक मकवाना से कहा कि प्रदेशभर में शराब माफियाओं के विरुद्ध निडर होकर कठोर कार्रवाई करें. कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों के बल पर राज्य सरकार निश्चित रूप से अपने उद्देश्यों की पूर्ति करेगी.