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उमंग सिंघार की याचिका पर SC का बड़ा फैसला: बीना विधायक निर्मला सप्रे की सदस्यता पर 2 महीने में निर्णय लें स्पीकर, 10वीं अनुसूची पर कही यह बात

निर्मला सप्रे की सदस्यता के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा निर्देश दिया है, जिसके तहत विधानसभा अध्यक्ष को 2 महीने में फैसला करना होगा. साल 2023 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीतने के बाद निर्मला सप्रे भाजपा में शामिल हो गई थीं.

उमंग सिंघार की याचिका पर SC का बड़ा फैसला: बीना विधायक निर्मला सप्रे की सदस्यता पर 2 महीने में निर्णय लें स्पीकर, 10वीं अनुसूची पर कही यह बात
Image Credit: विधानसभा अध्यक्ष को निर्मला सप्रे की सदस्यता पर 2 महीने में फैसला करना होगा.

मध्य प्रदेश के बीना से विधायक निर्मला सप्रे के दलबदल मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ा फैसला सुनाया है और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की बड़ी जीत हुई है. कोर्ट ने विधानसभा अध्यक्ष को निर्मला सप्रे की सदस्यता को लेकर दायर की गई याचिका पर 2 महीने के भीतर निर्णय लेने का निर्देश दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (4 नवंबर) को यह आदेश नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ कांग्रेस नेता उमंग सिंघार की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया.

साल 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में निर्मला सप्रे ने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था और बीना सीट से जीत दर्ज कर विधानसभा पहुंची थीं. हालांकि, बाद में निर्मला सप्रे भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गई थीं. इसके बाद कांग्रेस नेता उमंग सिंघार ने विधानसभा अध्यक्ष के सामने दलबदल कानून के तहत निर्मला सप्रे की सदस्यता खत्म करने का आवेदन दिया था. विधानसभा अध्यक्ष के पास लंबे समय तक मामला लंबित रहने पर कांग्रेस ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था.

10वीं अनुसूची पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी

सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने कांग्रेस और नेता प्रतिपक्ष की ओर से पक्ष रखा. इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने संविधान की 10वीं अनुसूची (दलबदल विरोधी कानून) का हवाला देते हुए महत्वपूर्ण टिप्पणी की. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि दलबदल से जुड़ी याचिकाओं और मामलों का शीघ्र निराकरण किया जाना बेहद आवश्यक है. भले ही हाईकोर्ट ने इस मामले में तात्कालिकता न मानी हो, लेकिन लोकतांत्रिक व्यवस्था में इस तरह के विषयों पर समयबद्ध निर्णय होना जरूरी है.

फैसले का राजनीतिक असर

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का मध्य प्रदेश की राजनीति पर गहरा असर पड़ सकता है. खासकर कांग्रेस पार्टी के लिए यह एक बड़ी राहत और कानूनी जीत के रूप में देखा जा रहा है. अब विधानसभा अध्यक्ष को 2 महीने की तय समय-सीमा के भीतर बीना की विधायक निर्मला सप्रे की सदस्यता पर अंतिम फैसला सुनाना होगा, जिससे प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है.

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About the Author

Sumit Rai

Sumit Rai

न्यूज़ मीडिया में 13 सालों से अधिक के अनुभव के साथ सुमित राय एक डिजिटल पत्रकार हैं. वर्तमान में सुमित राय Zee News (MP-CG) की डिजिटल टीम के लीड की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीति, प्रशासनिक फैसलों, क्राइम और हाइपरलोकल मुद्दों के सटीक और गहरे विश्लेषण पर उनकी मजबूत पकड़ है.भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU) से जर्नलिज्म में मास्टर डिग्री पूरी करने के बाद सुमित ने मीडिया जगत में अपनी पहचान बनाई. अपने करियर के दौरान उन्होंने राजस्थान पत्रिका, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर, एनडीटीवी और लोकमत हिंदी जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है. ग्राउंड रिपोर्टिंग के साथ-साथ जटिल राजनीतिक और सामाजिक घटनाक्रमों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' और 'ओपिनियन' लिखना उनकी मुख्य पहचान है. वे न्यूज़ डेस्क मैनेजमेंट और क्वालिटी एश्योरेंस के उच्च मानकों को बनाए रखते हैं, ताकि पाठकों तक प्रामाणिक, निष्पक्ष और तथ्य-आधारित खबरें ही पहुंचे.सुमित राय से संपर्क करने के लिए आप उन्हें sumit2.kumar@zeemedia.com पर ईमेल कर सकते हैं. इसके अलावा, आप एक्स (ट्विटर), फेसबुक और लिंक्डइन पर उनके हैंडल @imSumitKRai के जरिए उनसे सीधे जुड़ सकते हैं.
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