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ईरान पर जुल्म की दास्तान दुनिया को सुनाते रहे पेजेशकियान, अमेरिका-इजरायल ने UNGA का किया वॉकआउट!

23 सितंबर को ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाषण दिया. इस दौरान उन्होंने दुनिया को ईरान पर हो रहे जुल्म की दास्तान बताई. जब वो भाषण दे रहे तभी अमेरिका-इजरायल ने वॉकआउट कर दिया. आइए जानते हैं पूरा मामला...

Written By Bhoopendra Rai
Published: Sep 23, 2026, 08:46 PM IST | Updated: Sep 23, 2026, 08:51 PM IST
Image Credit: अमेरिका-इजरायल ने UNGA का किया वॉकआउट
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न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) का 81वां सत्र चल रहा है. 22 सितंबर से शुरू हुए इस महासभा सत्र में दूसरे दिन यानी आज भारी तनाव देखने को मिला, जब ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान भाषण देने मंच पर पहुंचे. पेजेशकियान ने बोलना शुरू ही किया था कि अमेरिकी टीम का एक अफसर अपनी सीट से उठा, बैग उठाया, चश्मा उतारा और सीधे हॉल से बाहर निकल गया. उनके साथ इजरायल के प्रतिनिधियों ने भी वॉकआउट कर दिया. इस कड़े विरोध के बावजूद ईरानी राष्ट्रपति रुके नहीं, उन्होंने अपना भाषण जारी रखा और पूरी दुनिया के सामने ईरान का दर्द रखा.

दरअसल, दुनिया की राजनीति में जब दो देशों के बीच भारी दुश्मनी होती है, तो वे एक-दूसरे की बात तक सुनना पसंद नहीं करते. ऐसे में जब संयुक्त राष्ट्र (UN) में कोई नेता किसी देश पर गंभीर आरोप लगाता है, तो सामने वाले देश के अफसर अपनी कुर्सी से उठकर हॉल से बाहर चले जाते हैं. इसे ही 'वॉकआउट' कहते हैं. बिना कुछ बोले अपनी सख्त नाराजगी जताने का यह सबसे बड़ा तरीका है.

अमेरिका-इजरायल ने क्यों किया वॉकआउट?

दरअसल, अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच लंबे समय से तनातनी और टकराव चल रहा है. जब ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान मंच से सीधे युद्ध अपराध और हमलों के आरोप लगा रहे थे, तो अमेरिकी और इजरायली अफसरों ने हॉल से बाहर निकलकर यह साफ संदेश दिया कि वे ईरानी नेतृत्व की बातों को कोई अहमियत देने को तैयार नहीं हैं.

 

ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने भी किया था वॉकआउट

यह नाराजगी एकतरफा नहीं थी. UNGA के 81वें सत्र में 22 सितंबर को जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भाषण चल रहा था, तब ईरान ने भी ठीक यही रुख अपनाया था. ट्रंप जैसे ही अपने भाषण में ईरान और उसके खिलाफ संभावित अमेरिकी सैन्य एक्शन का जिक्र करने लगे, वहां मौजूद ईरानी राजनयिक तुरंत अपनी सीटों से उठे और हॉल छोड़कर बाहर निकल गए.

अयातुल्लाह अली खामेनेई की तस्वीर लेकर पहुंचे थे पेजेशकियान

यूएन महासभा के मंच पर ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान हाथ में सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की तस्वीर थामे नजर आए. पश्चिमी देशों को सीधे निशाने पर लेते हुए उन्होंने दो टूक कहा, 'ट्रंप हमें आतंकवादी बताते हैं, जबकि सच तो यह है कि आतंकवाद का दंश हम खुद झेल रहे हैं. मैं उस मुल्क की नुमाइंदगी कर रहा हूं, जिसके सर्वोच्च नेता को बिना किसी कसूर के कत्ल कर दिया गया.'

मिनाब स्कूल हमले का जिक्र कर दिखाए सबूत

मसूद पेजेशकियान ने मंच से तस्वीरें दिखाते हुए ईरान के मिनाब शहर के एक स्कूल पर हुए भीषण हमले की भी जानकारी दी. उन्होंने भावुक होते हुए कहा, 'हमारे स्कूल पर सीधे बम गिराया गया. इन मासूम बच्चों को देखिए, ये बच्चे अमेरिका और इजरायल के हथियारों से किए गए हमले में मारे गए हैं, जबकि इन बच्चों का कोई अपराध तक नहीं था.'

बीते 28 फरवरी को मिनाब शहर पर हुए हमले में 156 लोगों की जान गई थी, जिनमें 120 मासूम बच्चे शामिल थे. मिनाब शहर में हमले का शिकार बनीं करीब 150 लड़कियों के अंतिम संस्कार के लिए एक साथ सामूहिक कब्रें तक खोदनी पड़ी थीं, जिसकी तस्वीरें मसूद पेजेशकियान ने मंच से दुनिया को दिखाई हैं.

'अमेरिका ने स्कूल और अस्पतालों को बनाया निशाना'

ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कहा कि अमेरिका के हमलों का ईरान ने जवाब तो दिया, लेकिन कभी आम लोगों को नुकसान नहीं पहुंचाया. वहीं दूसरी तरफ, उन्होंने अमेरिका पर आरोप लगाते हुए कहा कि उसने नियमों को ताक पर रखकर ईरान के स्कूलों, अस्पतालों, कॉलेजों और स्वास्थ्य केंद्रों को निशाना बनाया, जो कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सीधा उल्लंघन है.

'200 साल में ईरान ने किसी पर हमला नहीं किया'

दुनिया भर से लगे आरोपों को सिरे से नकारते हुए मसूद पेजेशकियान ने कहा कि ईरान ने पिछले 200 सालों में कभी किसी दूसरे देश पर हमला नहीं किया. इसके बाद भी हमें अशांति फैलाने वाला और आतंकवादी बताया जा रहा है. उन्होंने साफ कहा कि ईरान किसी पर हमला बोलने या नुकसान पहुंचाने के लिए अपनी ताकत नहीं बढ़ा रहा. हमारा मकसद सिर्फ अपने देश की तरक्की और अपनी हिफाजत करना है. मसूद पेजेशकियान ने दो टूक शब्दों में कहा कि अपने देश की रक्षा करने के लिए हमें दुनिया के किसी भी मुल्क से इजाजत लेने की जरूरत नहीं है.

ये भी पढ़ें: UN में पेजेशकियान ने US-इजरायल को सुनाई खरी-खरी; बोले- परमाणु हथियार नेतन्याहू के पास, जांच ईरान में क्यों?

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पत्रकारिता में 9 साल से सक्रिय भूपेंद्र कुमार राय Zee News में सीनियर सब एडिटर के तौर पर न्यूज टीम का हिस्सा हैं, देश विदेशी की खबरें कवर करते हैं. 2017 में ETV Bharat (हैदराबाद) से करियर की शुरुआत करने के बाद वे 2020 में Zee News पहुंचे, जहां 2022 तक काम किया. 2023 में News24 की स्पोर्ट्स टीम को लीड करने का मौका मिला. इसके बाद India Daily Live में बतौर चीफ सब एडिटर स्पोर्ट्स टीम के साथ जुड़े. 2024 में दोबारा News24 लौटे और नई स्पोर्ट्स वेबसाइट लॉन्चिंग का अहम हिस्सा रहे. अक्टूबर 2025 में News24 से अलविदा लेकर एक बार फिर Zee News पहुंचे हैं. खेलों में गहरी रुचि रखते हैं और क्रिकेट वर्ल्ड कप, एशियन गेम्स, ओलंपिक गेम्स, हॉकी वर्ल्ड कप समेत बड़े खेल इवेंट को कवर करने का अनुभव है. ब्रेकिंग न्यूज, क्रिकेट एनालिसिस और किस्से-कहानियों पर अच्छी पकड़ है. जी न्यूज में खेल से जुड़ी खबरों के बाद अब न्यूज टीम के साथ रियलटाइम न्यूज पर काम कर रहे हैं. एक्सप्लेनर और किसी भी मुद्दे पर रिसर्च के साथ उसे आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचा रहे हैं. आप Bhoopendra.Rai@zeemedia.com पर सीधे ईमेल या फिर नीचे X और Facebook से जुड़ सकते हैं.
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