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रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक ओर यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ अगले महीने त्रिपक्षीय बैठक करने का प्रस्ताव दिया है. वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) की रिपोर्ट के मुताबिक, पुतिन इस 'त्रिमूर्ति' फॉर्मूले से बातचीत को आगे बढ़ाकर रूस के हितों के अनुकूल एक मजबूत शांति समझौते की राह निकालना चाहते हैं. रिपोर्ट के मुताबिक पुतिन, ट्रंप के साथ सुधरते रिश्तों का फायदा उठाकर इस पहल को आगे बढ़ाना चाहते हैं. हालांकि, इस प्रस्ताव ने यूक्रेन और अमेरिका के यूरोपीय सहयोगियों की चिंता बढ़ा दी है. इसकी एक बड़ी वजह यह है कि प्रस्तावित बैठक में यूक्रेन की भागीदारी का जिक्र नहीं है.
वहीं दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप, यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के ऊपर जमकर 'फायर' हुए हैं. उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने ही अंदाज में भारी भरकम पोस्ट लिखकर जेलेंस्की को फटकार लगाते हुए कहा है कि वो युद्ध का खात्मा नहीं चाहते.
रूस-यूक्रेन युद्ध पर लंबे समय से पैनी नजर रख रहे रूस के एक पूर्व खुफिया अधिकारी के हवाले से WSJ ने खुलासा किया है कि पुतिन ने 9 अक्टूबर को ट्रंप से फोन पर बातचीत के दौरान पहली बार तीनों नेताओं (पुतिन-ट्रंप-जिनपिंग) की बैठक का आइडिया शेयर किया था. उसी बातचीत में रूस से डीजल खरीदने और उसे दुनिया के बाजारों तक पहुंचाने के इंतजाम पर भी सहमति बनी.
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने पुष्टि की कि संभावित मीटिंग को लेकर चर्चा चल रही है. हालांकि, उन्होंने साफ किया कि अभी न तो बैठक को लेकर कोई ठोस फैसला हुआ है और ना ही उसका एजेंडा तय हुआ है. पेसकोव के मुताबिक, तीनों पक्ष इस तरह की बैठक होने की संभावना से इनकार नहीं कर रहे हैं, लेकिन फिलहाल मुलाकात की तारीख और मसौदा साफ नहीं है.
दूसरी ओर अमेरिका के एक वरिष्ठ अधिकारी ने WSJ को बताया कि ट्रंप ने अभी इस प्रस्ताव को औपचारिक मंजूरी नहीं दी है. हालांकि, काफी हद तक इस बात की संभावना है कि यूक्रेन युद्ध को खत्म कराने की उनकी चाहत के मद्देनजर वो पुतिन के आइडिया से सहमत हो सकते हैं.
इसी बीच ट्रंप ने जेलेंस्की को कड़े शब्दों में फटकार लगाते हुए उन्हें जमकर खरी-खोटी सुनाई. ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा- 'रूस को लेकर मेरा स्टैंड क्लियर है. रूस-यूक्रेन की लड़ाई में शांति के लिए ही काम कर रहा हूं. मैं ऐसा कुछ भी नहीं होने देना चाहता जिससे रूस बातचीत की मेज से भागे. उससे भी जरूरी बात ये है कि रूस, अब ईरान का उतना साथ नहीं दे रहा. मैं चाहता हूं कि चीजें नॉर्मल रहें और होगा भी ऐसा, बशर्ते कोई बेवकूफ इंसान इसमें रुकावट न डाले.'
यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने ट्रंप पर आरोप लगाया है कि वो कीव पर रूस के सामने सरेंडर करने का दबाव बना रहे हैं. इस आरोप ने अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ चल रहे हफ्तेभर पुराने विवाद को और हवा दे दी है. जेलेंस्की ने ट्रंप की उस मांग को मानने के लिए नया प्रस्ताव देते हुए कहा था कि हम डीजल की कीमतों पर नियंत्रण रखने के लिए रूस की रिफाइनरीज पर हमले बंद कर देंगे, लेकिन इसके बदले आपको हमें 'पैट्रियट' एयर-डिफेंस मिसाइलों का बड़ा स्टॉक देना चाहिए.
जेलेंस्की ने अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनावों का जिक्र करते हुए कहा, 'चुनावों से पहले हमारे सामने कुछ खतरनाक दिन आने वाले हैं. वो (ट्रंप) बस इतना चाहते हैं कि हम रूसी फ्यूल रिफाइनरियों पर हमले बंद कर दें और अगर हमने उनकी बात नहीं मानी तो वो यूक्रेन की फंडिग रोक देंगे. ये ब्लैकमेलिंग है.'
अमेरिका-यूक्रेन के रिश्ते अब तक के सबसे खराब स्तर तक पहुंच चुके हैं. जेलेंस्की के मुताबिक वाशिंगटन ने कीव को लेकर जो रवैया अपनाया है, उसे मैत्रीपूर्ण तो नहीं कहा जा सकता.
ब्लूमबर्ग को दिए इंटरव्यू में जेलेंस्की ने कहा, उन्होंने स्टारलिंक इंटरनेट की स्पीड को जानबूझकर धीमा किया है, जो रूस से लड़ रही यूक्रेनी सेना के लिए सबसे जरूरी है. हमें, बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने वाली 'पैट्रियट' इंटरसेप्टर मिसाइलों की आपूर्ति में भी देरी की जा रही है, जबकि इनका स्टॉक खात्मे के कगार पर है.