शांति वार्ता से पहले यूक्रेन पर रूस का बड़ा हमला: 1 की मौत, 8 घायल; अबू धाबी में होनी है अहम बैठक
अब 10-11 नवंबर को अबू धाबी में रूस, यूक्रेन और अमेरिका एक साथ बैठक करने वाले हैं, लेकिन इससे पहले रूस ने यूक्रेन पर बड़ा हमला किया है. ये दावा राष्ट्रपति जेलेंस्की ने किया है. आइए जानते हैं पूरा मामला...
यूक्रेन और रूस के बीच 2022 से जंग चल रही है. इस संघर्ष को रोकने के लिए जितनी भी कोशिशें की गई हैं, वो सारी नाकाम रही हैं. अब 10-11 नवंबर को अबू धाबी में रूस, यूक्रेन और अमेरिका की एक बड़ी बैठक होने जा रही है. लेकिन इस मीटिंग से ठीक पहले यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने एक बड़ा दावा कर दिया है. जेलेंस्की ने शनिवार को कहा कि रूस ने रात भर में यूक्रेन पर 172 ड्रोन और 36 बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया है.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, जेलेंस्की ने बताया कि इन सभी मिसाइलों का निशाना राजधानी कीव और उसके आसपास के इलाके थे. इस हमले में यूक्रेन की राजधानी के क्षेत्र में एक शख्स की मौत हो गई है, जबकि एक बच्चे समेत कुल 8 लोग घायल हुए हैं.
रूस ने क्या कहा?
दूसरी तरफ रूस का कहना है कि उसने कीव और उसके आसपास यूक्रेन की डिफेंस इंडस्ट्री से जुड़े ठिकानों पर जोरदार हमला किया है. इस दौरान वहां के ऊर्जा और ट्रांसपोर्ट सिस्टम को भी निशाना बनाया गया. रूसी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, ताजा हमलों में झाइटॉमिर इलाके के बिजली ढांचे को भी नुकसान हुआ है.
हवाई हमलों में तेजी
दरअसल, पिछले कुछ हफ्तों में रूस ने यूक्रेन पर हवाई हमले काफी तेज कर दिए हैं, जबकि जमीन पर लड़ाई लगभग थमी हुई है. फरवरी 2022 में शुरू हुई इस जंग को अब करीब पांच साल होने को हैं. ऐसे में रूस अब बड़े शहरों के पावर सिस्टम को ऐसी मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बना रहा है, जिन्हें रोक पाना बेहद मुश्किल है.
हाल के हफ्तों में रूस ने कीव के पुलों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है. इसकी वजह से 30 लाख से ज्यादा की आबादी वाले इस शहर का ट्रैफिक बुरी तरह चरमरा गया है.
ट्रंप प्रशासन की मध्यस्थता में चौथी बातचीत होगी
ये हमले ऐसे वक्त हुए हैं, जब कुछ ही दिनों में अबू धाबी में रूस, यूक्रेन और अमेरिका के अधिकारियों की बड़ी बैठक होने जा रही है. यह अमेरिका की तरफ से शांति लाने की कोशिशों का हिस्सा है, हालांकि अब तक इसका कोई खास नतीजा नहीं निकला है.
10-11 नवंबर को होने वाली इस बैठक में फरवरी 2022 से चल रही जंग को खत्म करने पर बातचीत होगी. इससे पहले फरवरी में जिनेवा में बैठक हुई थी. ट्रंप प्रशासन की मध्यस्थता में होने वाली यह चौथी बातचीत होगी.
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, बढ़ते तनाव के बीच यूरोपीय देशों ने साफ कर दिया है कि रूस पहले यूक्रेन के खिलाफ युद्ध रोके. यूरोप की सुरक्षा को लेकर रूस की चिंताओं पर कोई भी बातचीत इसके बाद ही होगी. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यूरोपीय अधिकारी अपनी बात पर अड़े हुए हैं. उनका मानना है कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की युद्ध से पहले की मांगें अभी भी मंजूर नहीं की जा सकतीं, क्योंकि इससे पूर्वी यूरोप में नाटो (NATO) की मौजूदगी खत्म हो जाएगी.
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