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ईरान ने एक बार फिर ऑनलाइन और ऑफ लाइन दोनों मीडियम से सुपरपावर अमेरिका को चुनौती दी है. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप पर निशाना साधते हुए एक बार फिर उनकी हत्या करने की धमकी दी गई है. हाल ही में अमेरिकी फौजों ने ईरान पर घात लगाकर घातक हमला किया था. इसके बाद भड़के ईरानी लोगों ने तेहरान के तमाम गली-चौराहों में ट्रंप के खिलाफ बड़ी-बड़ी होर्डिग्स और बिलबोर्ड्स लगाकर उनकी खिल्ली उड़ाई है. किसी तस्वीर में उन्हें जेल में बंद दिखाया है. तो किसी में ईरान के लोग उनका गला पकड़े हुए हैं. ट्रंप ही नहीं उनके डिप्टी जेडी वेंस और उनके कैबिनेट मंत्रियों को भी ईरान ने अपने बिलबोर्ड्स में जगह देते हुए उनका मजाक उड़ाया है.
पास ही लगे एक और होर्डिंग में ट्रंप के साथ उनके खास दोस्त 'बीबी' बेंजामिन नेतन्याहू दिख रहे हैं. उनके चेहरे खून से सने थे और उन्होंने फटे-पुराने सूट पहने हैं और बैकग्राउंड में इजरायल और अमेरिका के जर्जर झंडे लगे हैं.
ट्रंप के विरोधियों का कहना है कि मिड टर्म चुनाव प्रचार में राष्ट्रवाद का आखिरी तड़का लगाकर ट्रंप ने पूरे जोर से ईरान पर हमला किया था. उन्हें लग रहा था कि ईरान का डर दिखाकर अमेरिकी अमेरिकी लोग रिपब्लिकंस को भाव (वोट) देंगे और डेमोक्रेट्स का सूपड़ा साफ हो जाएगा लेकिन ये चाल उलटी पड़ गई.
मिड टर्म चुनावों की मतगणना में उनकी पार्टी पिछड़ गई है. माना जा रहा है कि ट्रंप, ईरान पर हमले को तुरुप का इक्का मान रहे थे, वो दांव उन्हें बैकफायर कर गया.
28 फरवरी के हमले के घाव भरे भी नहीं थे कि मिड टर्म इलेक्शन के दौरान हुए हमलों ने ईरानी लोगों के जख्मों को कुरेद कर हरा कर दिया. ताजा हमलों से भड़के लोगों ने ट्रंप के खिलाफ भड़ास निकालने के लिए बिलबोर्ड्स का इस्तेमाल किया. इस तरह के बिल बोर्ड देखकर ट्रंप के विरोधी नेता भी उनकी खिल्ली उड़ा रहे होंगे.

ईरान की गलियों में लगा एक और बोर्ड नीचे देखिए, जिसमें पास ही लगे एक और होर्डिंग में ट्रंप के साथ अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विशेष दूत स्टीव विटकोफ भी दिख रहे हैं.

यूं तो ईरान बीते 8 महीनों में कई बार सुपरपावर देश के राष्ट्रपति ट्रंप की खिल्ली उड़ा चुका है. हालांकि इससे पहले विदेशी एंबेसी के सोशल मीडिया हैंडल्स का इस्तेमाल कर चुके तेहरान के लोगों ने ऑनलाइन के बजाए एक बार फिर से ऑफलाइन ऐसे बिलबोर्ड लगाकर अमेरिका से बदला लेने की कसम खाई है.