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ईरान ने US के सामने रखीं 7 शर्तें: नहीं मानने पर दी 'निर्णायक जंग' की चेतावनी, बोला 'अंजाम भुगतने को रहें तैयार'

ईरान और अमेरिका के बीच जारी जंग के बीच तेहरान ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने 7 शर्तें रख दी हैं. नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई के नेतृत्व में ईरान ने साफ कह दिया है कि कतर के जरिए भेजी गई मांगें मान ली जाएं, वरना वॉशिंगटन आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार रहे. आइए जानते हैं पूरा मामला...

Written By Bhoopendra Rai
Published: Sep 20, 2026, 05:57 PM IST | Updated: Sep 20, 2026, 07:21 PM IST
Image Credit: Iran US War
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ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा संघर्ष खत्म होगा या आर-पार की जंग होगी? ये सवाल इसलिए सामने आया है, क्योंकि ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत फिर शुरू करने के लिए 7 शर्तें रख दी हैं. जिनका मकसद है जारी जंग पर फौरन रोक लगाना. ये शर्तें कतर के जरिए वॉशिंगटन भेजी गई हैं. तेहरान ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को साफ शब्दों में चेतावनी भी दे दी है. ईरान ने कहा कि अगर ये शर्तें ठुकराई गईं, तो वह 'निर्णायक जंग' के लिए पूरी तरह तैयार है.

अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी मोहसिन रेजाई ने इसकी पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि कतर दोनों देशों के बीच बिचौलिया बना हुआ है. कतर ने सारी शर्तें वॉशिंगटन पहुंचा दी हैं. अब तेहरान बस ट्रंप के जवाब का इंतजार कर रहा है.

रेजाई ने सार्वजनिक रूप से 7 शर्तों का खुलासा तो नहीं किया, लेकिन जंग खत्म करने के लिए तेहरान की तीन प्रमुख मांगें जरूर गिनाईं. पहली ये कि सभी मोर्चों पर जारी जंग को तुरंत पूरी तरह रोका जाए, दूसरी मांग ये है कि ईरान के जब्त (फ्रीज) किए गए फंड्स को तत्काल रिलीज किया जाए और तीसरी मांग ये है कि अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकाबंदी को फौरन खत्म करे.

मोहसिन रेजाई ने अपने बयान में दो टूक कहा, 'वॉशिंगटन के हित में यही है कि वह इन शर्तों को स्वीकार कर ले. ट्रंप की धमकियों से कुछ हासिल होने वाला नहीं है. हम एक निर्णायक युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार हैं.'

अमेरिकी नौसेना पर ईरान की नजर, नए हमले का अलर्ट

रेजाई ने ईरानी सेना के हवाले से बड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि अमेरिका एक और बड़ा हमला कर सकता है, इसकी पूरी आशंका है. हालांकि, उनका कहना यह भी है कि तेहरान इस जंग को जल्द से जल्द खत्म करना चाहता है. रेजाई ने बताया कि शुरुआती लड़ाई के बाद ईरान ने अपनी रणनीति बदल ली है. अब ईरान की सीधी नजर फारस की खाड़ी, ओमान की खाड़ी और अरब सागर में मौजूद अमेरिकी नौसेना पर है.

'तेहरान टाइम्स' के मुताबिक, रेजाई ने एक बड़ा दावा भी किया. उन्होंने कहा कि ईरान ने हाल ही में एक अमेरिकी जंगी जहाज या एयरक्राफ्ट कैरियर के बिल्कुल करीब मल्टी-वारहेड एंटी-शिप मिसाइल का कामयाब टेस्ट किया है. उन्होंने वॉशिंगटन को साफ लफ्जों में चेताया कि अगर अमेरिका ने दोबारा हमला किया, तो ईरान चुप नहीं बैठेगा. वह खाड़ी में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों के साथ-साथ वहां चल रहीं अमेरिकी कंपनियों और कारोबारी ठिकानों को भी सीधा निशाना बनाएगा. रेजाई ने दो टूक कहा, 'हकीकत यही है कि जंग अभी खत्म नहीं हुई है.'

परमाणु नीति पर ईरान का क्या है रुख?

चारों तरफ से भारी दबाव के बावजूद मोहसिन रेजाई ने साफ किया है कि ईरान का 'परमाणु अप्रसार संधि' (NPT) छोड़ने का फिलहाल कोई इरादा नहीं है. रेजाई ने कहा कि तेहरान की न्यूक्लियर पॉलिसी में कोई बदलाव नहीं हुआ है. ईरान आज भी परमाणु हथियारों पर रोक लगाने वाले धार्मिक फतवे का पूरी तरह पालन कर रहा है. साथ ही उन्होंने चेतावनी भी दे दी. उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका ने अपनी आक्रामकता बंद नहीं की, तो ईरान को आगे चलकर अपने इस फैसले पर दोबारा सोचने के लिए मजबूर होना पड़ेगा.

मालूम हो कि अमेरिका और इजरायल ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को ही इस जंग की सबसे बड़ी वजह बताया था. उनका दावा था कि वे तेहरान को एटम बम बनाने से रोकना चाहते हैं. वहीं ईरान हमेशा से यही कहता आ रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम सिर्फ और सिर्फ शांतिपूर्ण मकसद के लिए है.

28 फरवरी से दहक रही जंग

अमेरिका और इजरायल ने मिलकर 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ बड़ा सैन्य ऑपरेशन शुरू किया था. ट्रंप और नेतन्याहू सरकार के इन साझा हवाई हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई और कई बड़े अधिकारी मारे गए थे. इसके जवाब में ईरान ने भी खाड़ी में बने अमेरिकी ठिकानों पर ताबड़तोड़ मिसाइलें बरसाईं. तब से दोनों तरफ से वार-पलटवार का यह सिलसिला लगातार जारी है.

कतर और पाकिस्तान दोनों सुलह कराने में जुटे

हाल ही में ट्रंप ने उम्मीद जताई थी कि यह जंग जल्द खत्म हो सकती है. न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक के दौरान ट्रंप छह खाड़ी देशों के नेताओं से मिलने वाले हैं. इस बीच कतर और पाकिस्तान दोनों देशों के बीच सुलह कराने में जुटे हैं. पिछले महीने इस्लामाबाद में हुई बातचीत किसी नतीजे के बिना ही खत्म हो गई थी. अब पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी के तेहरान जाने की चर्चा है. ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने पाकिस्तान की मध्यस्थता की बात तो मानी है, लेकिन उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि उन्हें नकवी के पास अमेरिका की तरफ से किसी खास प्रस्ताव की कोई खबर नहीं है.

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पत्रकारिता में 9 साल से सक्रिय भूपेंद्र कुमार राय Zee News में सीनियर सब एडिटर के तौर पर न्यूज टीम का हिस्सा हैं, देश विदेशी की खबरें कवर करते हैं. 2017 में ETV Bharat (हैदराबाद) से करियर की शुरुआत करने के बाद वे 2020 में Zee News पहुंचे, जहां 2022 तक काम किया. 2023 में News24 की स्पोर्ट्स टीम को लीड करने का मौका मिला. इसके बाद India Daily Live में बतौर चीफ सब एडिटर स्पोर्ट्स टीम के साथ जुड़े. 2024 में दोबारा News24 लौटे और नई स्पोर्ट्स वेबसाइट लॉन्चिंग का अहम हिस्सा रहे. अक्टूबर 2025 में News24 से अलविदा लेकर एक बार फिर Zee News पहुंचे हैं. खेलों में गहरी रुचि रखते हैं और क्रिकेट वर्ल्ड कप, एशियन गेम्स, ओलंपिक गेम्स, हॉकी वर्ल्ड कप समेत बड़े खेल इवेंट को कवर करने का अनुभव है. ब्रेकिंग न्यूज, क्रिकेट एनालिसिस और किस्से-कहानियों पर अच्छी पकड़ है. जी न्यूज में खेल से जुड़ी खबरों के बाद अब न्यूज टीम के साथ रियलटाइम न्यूज पर काम कर रहे हैं. एक्सप्लेनर और किसी भी मुद्दे पर रिसर्च के साथ उसे आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचा रहे हैं. आप Bhoopendra.Rai@zeemedia.com पर सीधे ईमेल या फिर नीचे X और Facebook से जुड़ सकते हैं.
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