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West Asia War: पश्चिम एशिया में फरवरी 2026 के बाद से ही संघर्ष जारी है. अमेरिका-ईरान दोनों ही देश युद्धविराम को लेकर लगातार अपनी शर्ते सामने ला रहे हैं, लेकिन अबतक इसका कोई समाधान नहीं निकला है. वहीं अब एक बार फिर शर्तों का सिलसिला शूरू हो चुका है. ईरान ने युद्ध समाप्त करने के लिए अमेरिका को औपचारिक रूप से अपनी नई मांगें बताई हैं. उसके टॉप ऑफिसर का कहना है कि ईरान ने बातचीत फिर से शुरू करने के लिए अपनी 7 शर्तें रखी हैं, साथ ही ये चेतावनी दी है कि इन मांगों के पूरी न होने पर वह जंग के लिए भी तैयार है.
'अल जजीरा' के साथ बातचीत में ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल सेक्रेटरी के सचिव मोहसिन रजाई ने बताया कि कतर ने वाशिंगटन को तेहरान की शर्तें सौंप दी है और ईरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहा है. रेजाई ने कहा,' हमारी शर्तें सभी मोर्चों पर युद्ध की समाप्ति, हमारे फ्रीज किए गए फंड्स की रिहाई और नौसैनिक नाकाबंदी को समाप्त करना है.'
ईरान के सिक्योरिटी चीफ मोहसिन रेजाई ने 'अल जजीरा' को उन शर्तों का ब्यौरा दिया, जो ईरान ने अमेरिका को भेजी थीं. उन्होंने कहा,' वाशिंगटन के हित में यही है कि वह इन शर्तों को स्वीकार करे. ट्रंप की धमकियों से कोई नतीजा नहीं निकलेगा. हम निर्णायक युद्ध के लिए तैयार हैं.' रेजाई ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक अलग पोस्ट शेयर करते हुए बताया कि उन्होंने अमेरिका के साथ बातचीत शुरू करने के लिए 7 शर्तें रखी हैं. उन्होंने यह भी कहा कि अगर अमेरिका युद्ध के इस दलदल से निकलना चाहता है, तो उसे ईरान के अधिकारों और शर्तों को स्वीकार करना होगा. यही उसके हित में होगा.
रेजाई ने 'अल जजीरा' को यह भी बताया कि ईरान, अमेरिका की ओर से एक और हमले की संभावना के लिए भी तैयारी कर रहा है. उन्होंने कहा कि तेहरान ने अपनी सैन्य योजना में बदलाव किया है और अब उसका ध्यान खाड़ी, ओमान की खाड़ी और अरब सागर में मौजूद अमेरिकी नौसैनिक संपत्तियों (Naval Assets) पर है. उन्होंने दावा किया कि ईरान ने हाल ही में एक अमेरिकी जहाज या एयरक्राफ्ट कैरियर के पास मल्टी वॉरहेड एंटी शिप मिसाइल का परीक्षण किया था और चेतावनी दी कि भविष्य में ईरान की किसी भी जवाबी कार्रवाई में इस क्षेत्र में अमेरिकी ठिकाने और US बिजनेस इंटरेस्ट भी शामिल होंगे.
रेजाई ने कहा कि ईरान इस संघर्ष को जल्द से जल्द खत्म करने के लिए कूटनीतिक प्रयास कर रहा है. वहीं, उन्होंने परमाणु मुद्दे पर कहा कि ईरान ने परमाणु अप्रसार संधि (Nuclear Non-Proliferation Treaty) से हटने का फैसला नहीं किया है. हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि और प्रतिबंध या उसके परमाणु मामले को युनाइटेड नेशन सिक्योरिटी काउंसिल (UNSC) को सौंपने से तेहरान को हटने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि तेहरान, होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ओमान के साथ समझौते के लिए तैयार है. उन्होंने बताया कि दोनों पक्ष समझौते के बहुत करीब पहुंच गए थे, लेकिन फिर उसे टाल दिया गया.
ईरान की ओर से ये बातें ऐसे वक्त पर सामने आई हैं, जब वॉशिंगटन इस संघर्ष में अपने अगले कदम पर विचार कर रहा है. इससे पहले ट्रंप ने इसी हफ्ते 'एक्सियोस' को बताया था कि उन्हें ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई फिर से शुरू करने या न करने को लेकर एक बड़ा फैसला लेना है. ट्रंप ने कहा था,' क्या मैं वहां जाकर ईरानी सरकार को पूरी तरह खत्म कर दूं या नहीं?' उन्होंने आगे कहा था कि मेरे साथ कुछ भी हो सकता है.