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छेड़ा तो छोड़ेंगे नहीं...ट्रंप की धमकी पर ईरान का पलटवार, कहा- US के पास MOAB तो हमारे पास है फादर ऑफ ऑल बम

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले शुक्रवार को ईरान को धमकी दी थी कि वह उस पर मदर ऑफ ऑल बम गिरा सकते हैं. अब ईरान ने पलटवार किया है. उसने कहा है कि अगर यूएस के पास MOAB है तो हमारे पास भी फादर ऑफ ऑल बम है.

Written By Rachit Kumar
Published: Oct 22, 2026, 01:44 PM IST | Updated: Oct 22, 2026, 02:07 PM IST
Image Credit: ईरान ने बड़े-बड़े वॉर एक्सपर्ट्स को हैरान कर दिया है.
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अभी पिछले शुक्रवार को ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि वो ईरान पर कभी भी मदर ऑफ ऑल बम (MOAB) गिरा सकते हैं. यानी ईरान पर अगले हमले में ऐसे बम का इस्तेमाल करेंगे, जिसका जवाब दुनिया के किसी देश के पास नहीं. ईरान तो इस बम से बर्बाद ही हो जाएगा.

ट्रंप की इस धमकी के बाद ईरान पहले तो चुप रहा, लेकिन अब ईरान ने जो जवाब दिया है, वो दुनिया भर के वॉर एक्सपर्ट्स को हैरान कर रहा है.

ईरान की आईआरजीसी के प्रवक्ता होसैन मोहेबी ने कहा, 'अगर उनके पास (अमेरिका) 'मदर ऑफ ऑल बम' है तो हमारे पास 'फादर ऑफ ऑल बम' अभी से तैयार है. ये बात सौ फीसदी सही है. अमेरिका अपना मदर ऑफ ऑल बम पहले इस्तेमाल कर चुका है,अफगानिस्तान और दूसरी जगहों पर. अब हमारी बारी है फादर ऑफ ऑल बम की ताकत दिखाने की. हमने इसका एक टेस्ट भी कर लिया है.

ईरान ने दिखाई अपने बम की झलक

IRGC के प्रवक्ता ने फादर ऑफ ऑल बम के ऐलान के साथ उसकी झलक भी दिखा दी. अगर ये बम इस्तेमाल किया तो टारगेट के आसपास के कई किलोमीटर का इलाका धुआं धुआं हो जाएगा. हालांकि, ईरान ने इसकी पूरी डिटेल नहीं दी. लेकिन वॉर एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका की तरह ईरान ने बड़ा गैर-परमाणु बम तैयार किया है.पहले ये नाम रूस के ‘थर्मोबैरिक बम’ को दिया जाता है.ईरान ने रूस की तर्ज पर ही 10 टन भारी बम तैयार किया है. ईरान इसे अपने इल्यूशिन विमानों से कहीं भी गिरा सकता है.

जैसा कि ईरान ने दावा किया है, उसने अमेरिका के सबसे बड़े बम का तोड़ न सिर्फ तैयार कर लिया है, बल्कि परीक्षण के बाद इसे तैनात भी कर लिया है. ये अमेरिकी बम से कितना ताकतवर है, इसे समझने के लिए पहले मदर ऑफ ऑल बम की डिटेल जान लीजिए.

कैसा है यूएस का MOAB?

अमेरिका का वो महाशक्तिशाली बम है GBU-43-B यानी मैसिव ऑर्डनेंस एयर ब्लास्ट. इसे ही ‘मदर ऑफ ऑल बम’ कहा जाता है. अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच मदर ऑफ ऑल बॉम्ब (MOAB) के संभावित इस्तेमाल की चर्चा जोरों पर है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने ईरान के ऊर्जा और परमाणु ठिकानों पर हमले की योजना में इस बम को शामिल किया है.

इनमें पहाड़ के भीतर स्थित पिकैक्स माउंटेन नाम के संदिग्ध परमाणु ठिकाने का भी जिक्र है. क्योंकि अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक, इसी पहाड़ में ईरान ने संवर्धित यूरेनियम और दूसरे हथियार छिपा रखे हैं. इन पहाड़ों मे सुरंग और बंकर इतने गहरे हैं कि ये GBU-57 बंकर बस्टर बम से उड़ाए नहीं जा सकते.

तो क्या मदर ऑफ अल बम यानी GBU-43-B इसे ध्वस्त कर सकता है. इसे इसकी फायर पावर से समझते हैं.

ये परमाणु बम नहीं है. ये एक बहुत ही विशाल बम है, जो एक छोटे परमाणु बम से भी ज्यादा घातक हो सकता है. इसे मदर ऑफ ऑल बम कहते हैं. लेकिन इसमें परमाणु बम जैसा कुछ नहीं.

ये बम इतना विनाशक है कि इसे सामान्य बमों की तरह सीधे विमान से गिराने के बजाय एक विशेष व्यवस्था के जरिए छोड़ा जाता है. इसे सी-130 श्रेणी के विमान से गिराने के लिए एक खास क्रैडल यानी सहारा देने वाली संरचना में रखा जाता है.

पहली बार अफगानिस्तान में हुआ इस्तेमाल

एमओएबी का जंग में पहली बार इस्तेमाल 13 अप्रैल 2017 को अफगानिस्तान में किया गया था. इसे पूर्वी अफगानिस्तान के नंगरहार प्रांत में इस्लामिक स्टेट यानी आईएसआईएस के लड़ाकों के खिलाफ गिराया गया. अब बारी है ईरान की, लेकिन ट्रंप को इंतजार है 3 नवंबर के नतीजों का.

ट्रंप ये कह चुके हैं कि ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान फिर शुरू करने का विकल्प उन्होंने खुला रखा है. लेकिन अंदर की बात यह है कि ट्रंप ईरान के खिलाफ जंग को लेकर खुद टेंशन में है. अब ईरान ने फादर ऑफ ऑल बम के ऐलान के साथ ट्रंप की टेशन और बढ़ा दी है.

ईरान के सैन्य कमांडरों ने सीधा अलर्ट कर दिया है कि अबकी बार अमेरिका ईरान पर हमला करके देखे, हमारा पलटवार दुनिया देखेगी. अमेरिका इसे कभी भूल नहीं पाएगा.
 

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रचित कुमार जी न्यूज डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर हैं. देश, दुनिया और डिफेंस की खबरों को आसान भाषा में बताने में महारत हासिल है. जी न्यूज से मई 2022 में जुड़े और शिफ्ट देखने का 12 साल से ज्यादा का अनुभव है. जी न्यूज में Best Performer अवॉर्ड भी मिल चुका है. जी न्यूज, आजतक और एबीपी न्यूज में शिफ्ट देखते हुए महामहिम, बिहार के बाहुबली सीरीज शुरू की और कई एक्सप्लेनर खबरों पर काम किया.  इंडिया न्यूज और जनसत्ता में शिफ्ट देखने के साथ-साथ ट्रैफिक लाने वाली खबरों को तवज्जो दी. नवभारत टाइम्स से करियर की शुरुआत हुई और वहां तकरीबन ढाई साल तक फ्रंट पेज 2 और देश-विदेश के पन्नों की जिम्मेदारी संभाली. जर्नलिज्म में पोस्टग्रेजुएट और IIMC से डिप्लोमा करने  वाले रचित कुमार 13 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं. आप Rachit.kumar@India.com पर सीधे ईमेल कर इनसे जुड़ सकते हैं. 
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