शिकंजे में आया भारत का मोस्ट वॉन्टेड, अमेरिका में हिमांशु भाऊ को FBI ने किया गिरफ्तार
गैंगस्टर हिमांशु भाऊ को अमेरिका की जांच एजेंसी एफबीआई ने गिरफ्तार कर लिया है. उसके खिलाफ साल 2023 में रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था. उस पर हत्या, हत्या की कोशिश, रंगदारी, जालसाजी समेत कई मामले दर्ज हैं.
कुख्यात गैंगस्टर हिमांशु भाऊ को अमेरिका से गिरफ्तार कर लिया गया है. वह एनआईए और दिल्ली पुलिस की हिटलिस्ट में था. भारत के मोस्ट वॉन्टेड अपराधी को अमेरिका की एजेंसी एफबीआई ने गिरफ्तार किया है. अगस्त 2023 में, कई आपराधिक मामलों में वॉन्टेड घोषित किए जाने के बाद इंटरपोल ने भाऊ के खिलाफ रेड नोटिस जारी किया. उस समय, पुलिस ने बताया था कि वह हत्या, हत्या के प्रयास, जबरन वसूली, आपराधिक धमकी और जालसाजी से जुड़े 18 मामलों में वॉन्टेड था.
हिमांशु भाऊ दिल्ली और हरियाणा में दर्ज कई आपराधिक मामलों में वॉन्टेड है. उसका असली नाम हिमांशु रितोलिया है. वह हरियाणा के रोहतक जिले के रितोली गांव का रहने वाला है. आरोप है कि उसने विदेश में रहते हुए दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और पंजाब में फैला एक आपराधिक नेटवर्क खड़ा किया है. अगस्त 2023 में, भारतीय लॉ एन्फोर्समेंट एजेंसियों की गुजारिश पर उसके खिलाफ इंटरपोल रेड नोटिस जारी किया गया था. वह राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी एनआईए, दिल्ली पुलिस और हरियाणा पुलिस की 'वॉन्टेड' लिस्ट में शामिल है.
कौन है हिमांशु भाऊ?
2002 में जन्मा भाऊ हरियाणा के ऑर्गनाइज्ड क्राइम नेटवर्क से जुड़े सबसे कम उम्र के गैंगस्टरों में से एक है. बताया जाता है कि वह कम उम्र में ही अपराध की दुनिया में आ गया था और 2020 में अन्य कैदियों के साथ एक जुवेनाइल करेक्शनल फैसिलिटी से भाग गया था.
पुलिस ने उसे हत्या, हत्या के प्रयास, जबरन वसूली, अवैध हथियारों और आपराधिक साजिश से जुड़े कई मामलों से जोड़ा है. उसके अपराध कई राज्यों तक फैले हुए हैं. जांचकर्ताओं का आरोप है कि वह विदेश से अपना नेटवर्क चलाता है और भारत में अपने साथियों के साथ मिलकर काम करता है. रिपोर्ट्स के अनुसार, भाऊ नीरज बवाना गैंग से जुड़ा है और लॉरेंस बिश्नोई-गोल्डी बराड़ नेटवर्क के साथ उसकी हिंसक दुश्मनी रही है.
कई हाई-प्रोफाइल मामलों से कनेक्शन
जांचकर्ताओं ने भाऊ और उसके गैंग के सदस्यों को दिल्ली और हरियाणा में हुई कई हाई-प्रोफाइल गोलीबारी और हत्या के मामलों से जोड़ा है. इनमें दिल्ली के एक बर्गर किंग आउटलेट में हुई हत्या, यूट्यूबर एल्विश यादव के घर के बाहर गोलीबारी और अन्य टारगेटेड अटैक्स शामिल हैं. इस गैंग पर व्यापारियों को डराने-धमकाने और उनसे जबरन वसूली रंगदारी की मांग करने के लिए गोलीबारी और धमकियों का इस्तेमाल करने का भी आरोप है.
2022 में हरियाणा में 24 घंटे के भीतर तीन हत्याएं होने के बाद भाऊ पुलिस की नजर में आया. जांचकर्ताओं का आरोप है कि उसका नेटवर्क अपने टारगेट्स पर हमले करने के लिए हथियारों से लैस साथियों का इस्तेमाल करता था.
हाल ही में, बाहरी दिल्ली में एक प्रॉपर्टी डीलर की हत्या के मामले में भी भाऊ के कथित गैंग के सदस्यों से पूछताछ की गई है. सितंबर 2026 में एक मुठभेड़ के बाद दिल्ली पुलिस ने दो शूटरों को गिरफ्तार किया और इस मामले में एक नाबालिग साथी को हिरासत में लिया.
इंटरपोल नोटिस और पुलिस की कार्रवाई
अगस्त 2023 में, कई आपराधिक मामलों में वॉन्टेड घोषित किए जाने के बाद इंटरपोल ने भाऊ के खिलाफ रेड नोटिस जारी किया था. उस समय पुलिस ने बताया था कि वह हत्या, हत्या के प्रयास, जबरन वसूली, आपराधिक धमकी और जालसाजी से जुड़े 18 मामलों में वॉन्टेड था.
'रेड नोटिस' का मकसद किसी वॉन्टेड शख्स का पता लगाना और प्रत्यर्पण या इसी तरह की कानूनी कार्यवाही पूरी होने तक उसे अस्थायी रूप से गिरफ्तार करना होता है. यह अपने आप में कोई अंतरराष्ट्रीय गिरफ्तारी वॉरंट नहीं है.
अमेरिका में हुई यह गिरफ्तारी, भारतीय एजेंसियों की उन कोशिशों में एक अहम मोड़ हो सकती है, जिनका मकसद इस भगोड़े को वापस लाकर उसके खिलाफ दर्ज मामलों में कानूनी कार्रवाई का सामना कराना है. उसे भारत लाने की प्रक्रिया पूरी तरह से लागू होने वाले कानूनी नियमों और प्रत्यर्पण प्रक्रिया पर निर्भर करेगी.