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यूरोप में फ्रिज के जरिए फूड सप्लाई चेन को टारगेट कर रहे हैं हैकर्स? 18 दिन में दूसरा बड़ा हमला

यूरोप में स्मार्ट फ्रिज और कोल्ड स्टोरेज के जरिए फूड सप्लाई चेन को निशाना बनाने का 18 दिन में यह दूसरा बड़ा मामला सामने आया है. इस गंभीर साइबर हमले ने खाद्य सुरक्षा और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है.

यूरोप में फ्रिज के जरिए फूड सप्लाई चेन को टारगेट कर रहे हैं हैकर्स? 18 दिन में दूसरा बड़ा हमला
Image Credit: AI Generated Image - European Fridge Hack: फ्रांस के बाद अब यूरोप के इन देशों में सुपरमार्केट्स के फ्रीजर हुए खराब

यूरोप भर के सुपरमार्केट इन दिनों एक अनोखे और खतरनाक साइबर हमले का सामना कर रहे हैं. हैकर्स ने दुकानों के फ्रिज और फ्रीजर सिस्टम में घुसपैठ करके उनका तापमान अचानक बहुत ज्यादा बढ़ा दिया, जिससे भारी मात्रा में खाना खराब हो गया. बेल्जियम, लक्जमबर्ग, स्वीडन और एस्टोनिया जैसे देशों के सुपरमार्केट इस डिजिटल हमले से प्रभावित हुए हैं. सोमवार को डच-बेल्जियन रिटेल ग्रुप अहॉल्ड डेलहाइज और कोल्रुइट ने जानकारी दी कि रात के समय हुए एक आईटी हादसे की वजह से बेल्जियम और लक्जमबर्ग के दर्जनों स्टोर्स में कूलिंग सिस्टम ठप हो गए.

डेलहाइज की प्रवक्ता सारा डी मीस्टर के मुताबिक, सोमवार सुबह कंपनी को महसूस हुआ कि उनके कूलिंग सिस्टम का तापमान अचानक बढ़ रहा है. वहीं, डेलहाइज के रेफ्रिजरेशन सिस्टम का संचालन करने वाली कंपनी 'सबकोबेल' के सीईओ स्टीफन मोएलांस ने बताया कि यह सीधे तौर पर एक साइबर हमला था. हैकर्स ने सिस्टम में घुसकर रेफ्रिजरेशन यूनिट्स के इवेपोरेटर को 'डिफ्रॉस्ट मोड' में डाल दिया, जिससे कूलिंग बंद हो गई और तापमान तेजी से बढ़ने लगा. दूसरी ओर, बेल्जियम में स्पार स्टोर्स का संचालन करने वाली कंपनी कोल्रुइट ग्रुप ने बताया, उनके कम से कम पांच स्टोर्स के फ्रिज सिस्टम को निशाना बनाया गया.

स्वीडन और एस्टोनिया में भी अफरा-तफरी

यह समस्या सिर्फ बेल्जियम तक सीमित नहीं रही. स्वीडन की मशहूर ग्रोसरी चेन आईसीए (ICA) और कूप (Coop) ने भी इसी तरह की समस्या की सूचना दी. स्टॉकहोम के 'आईसीए बैरोनन' स्टोर में एक नोटिस लगाकर ग्राहकों को बताया गया कि साइबर हमले की वजह से दुकान के सभी फ्रीजर खराब हो गए हैं. स्टोर के सेल्स मैनेजर के अनुसार, यह हमला रात 2 बजे हुआ और सुबह 5:30 बजे इसका पता चला. हैकर्स ने फ्रीजर का तापमान बढ़ाकर 50 डिग्री सेल्सियस (122 डिग्री फारेनहाइट) तक सेट कर दिया था.

स्वीडिश रिटेल ग्रुप 'कूप' के भी करीब छह स्टोर्स इस हमले की चपेट में आए. वहीं, एस्टोनिया में भी एक सुपरमार्केट चेन का कूलिंग सिस्टम प्रभावित हुआ, जहां टेक्नोलॉजी सप्लायर 'किटमैन कोल्डटेक' के सीईओ जान मुत्सो ने पुष्टि की कि सुबह-सुबह तापमान 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा दिया गया था.

13 अक्टूबर फ्रांस में भी हुई थी ऐसी ही घटना

यह घटना अचानक नहीं हुई है. इसके पहले 13 अक्टूबर को फ्रांस में भी ऐसा ही एक बड़ा हमला देखने को मिला था. फ्रांसीसी पुलिस के अनुसार, हैकर्स ने सैकड़ों सुपरमार्केट के कूलिंग यूनिट्स का कंट्रोल अपने हाथ में ले लिया था और तापमान 50 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ा दिया था. इस वजह से न सिर्फ भारी मात्रा में खाना बर्बाद हुआ, बल्कि अत्यधिक गर्मी के कारण कुछ जगहों पर आग लगने की घटनाएं भी सामने आईं. अहॉल्ड कंपनी ने भी पिछले महीने डच पुलिस को अपने इंफ्रास्ट्रक्चर में संदिग्ध गतिविधियों की शिकायत दर्ज कराई थी.

स्मार्ट तकनीक और साइबर सुरक्षा का खतरा

आजकल रेफ्रिजरेटर, हीटिंग सिस्टम, सुरक्षा कैमरे और अलार्म नेटवर्क जैसे उपकरण, जो पहले पूरी तरह मैकेनिकल हुआ करते थे, अब इंटरनेट से जुड़े हैं और उन्हें दूर बैठकर नियंत्रित किया जा सकता है. यह सुविधा जितनी आसान है, साइबर अपराधियों के लिए उतने ही नए दरवाजे खोलती है. स्वीडन के नेशनल साइबर सिक्योरिटी सेंटर के प्रमुख जॉन बिलो ने बताया कि वे देश भर के स्टोर में कूलिंग सिस्टम से जुड़ी कई घटनाओं पर काम कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि हाल के हफ्तों में स्वीडन में ऐसे कई 'ऑपरेशनल टेक्नोलॉजी डिवाइस' पहचाने गए हैं जो इंटरनेट पर असुरक्षित थे और जिन्हें तुरंत अपडेट या पैच करने की सख्त जरूरत है. फिलहाल किसी भी हैकर समूह ने इन हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है और जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इसके पीछे किसका हाथ है.

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About the Author

Ravindra Pratap Singh

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रवींद्र प्रताप सिंह ने साल 2015 में जागरण.कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा मौजूदा समय वो ज़ी न्यूज डिजिटल में चीफ सब एडिटर हैं. अगस्त 2025 में उन्होंने ज़ी न्यूज ज्वाइन किया है. रवींद्र देश और दुनिया की खबरों के अलावा खेलों में क्रिकेट जगत और क्राइम की खबरों पर बेहतरीन पकड़ रखते हैं. इसके पहले रवींद्र रिपब्लिक भारत में इवनिंग शिफ्ट के इंचार्ज रहे और शाम की शिफ्ट संभालते हुए होम पेज की जिम्मेदारी रवींद्र के ऊपर थी. उससे पहले रवींद्र ने जनसत्ता और न्यूज नेशन में भी शाम की शिफ्ट और होम पेज की जिम्मेदारी बखूबी निभाई. इसके पहले रवींद्र ने 5 सालों तक पी7 और लाइव इंडिया जैसे न्यूज चैनलों में काम किया था. रवींद्र आकाशवाणी में काम करने का अनुभव रखते. अवध यूनिवर्सिटी से मॉस कम्युनिकेशन से पोस्ट ग्रेजुएट रवींद्र पिछले डेढ़ दशक से सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं. आप रवींद्र से जुड़ने के लिए Ravindra.Singh@India.com पर मेल कर सकते हैं या फिर फेसबुक पर संपर्क करने के लिए https://www.facebook.com/pintu.singh.397 और एक्स पर https://x.com/rs66533 रवींद्र से संपर्क किया जा सकता है. 
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