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ऊर्जा सुरक्षा ही आर्थिक सुरक्षा: पीएम मोदी बोले- क्लीन एनर्जी में पहले निवेश न करते, तो दुनिया से बदतर होते भारत के हालात

भारत मंडपम में यह समिट 2 से 5 नवंबर तक चलेगी. इसके जरिए दुनिया भर के बड़े निवेशक, टेक कंपनियां, बैंक और नीति निर्माता एक छत के नीचे आए हैं, ताकि देश और दुनिया में क्लीन एनर्जी के प्रोजेक्ट्स और निवेश को रफ्तार दी जा सके.आइए जानते हैं पीएम मोदी ने अपने संबोधन में क्या कहा है?

ऊर्जा सुरक्षा ही आर्थिक सुरक्षा: पीएम मोदी बोले- क्लीन एनर्जी में पहले निवेश न करते, तो दुनिया से बदतर होते भारत के हालात
Image Credit: भारत मंडपम में इंडिया रिन्यूएबल एनर्जी समिट एंड एक्सपो 2026 को संबोधित करते हुए पीएम मोदी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 नवंबर यानी सोमवार को भारत मंडपम में इंडिया रिन्यूएबल एनर्जी समिट एंड एक्सपो 2026 का इनॉगरेशन किया है. इस मौके पर उन्होंने ऊर्जा सुरक्षा के महत्व को समझाया और इस क्षेत्र में भारत द्वारा लिए गए अहम फैसलों का जिक्र किया. पीएम मोदी ने कहा, 'मौजूदा वैश्विक संकट ने पूरी दुनिया को यह साफ संदेश दे दिया है कि ऊर्जा सुरक्षा का सीधा संबंध आर्थिक सुरक्षा से है. अगर भारत ने बीते एक दशक में क्लीन एनर्जी में निवेश न किया होता और नए सिस्टम तैयार न किए होते, तो आज हमारे हालात बाकी दुनिया के मुकाबले कहीं ज्यादा गंभीर हो सकते थे.'

पीएम मोदी ने कहा, कुछ सालों में ग्लोबल इकोनॉमी ने ऐसे संकटों का सामना किया है, जो पहले कभी नहीं हुए. कोविड-19 से लेकर पश्चिम एशिया के संकट तक दुनिया को एक के बाद एक चुनौतियों का सामना करना पड़ा. मुझे गर्व है कि 140 करोड़ भारतीयों ने देश को इस मुश्किल समय से निकालने में मदद की है. उन्होंने कहा, कई चुनौतियों के बावजूद भारत ने एक मजबूत ग्रोथ ट्रैक बनाए रखा.

फॉसिल फ्यूल सीमित, क्लीन एनर्जी असीमित: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि ऊर्जा सुरक्षा का फ्यूचर सिर्फ और सिर्फ स्वच्छ ऊर्जा पर टिका है. उन्होंने कहा कि जीवाश्म ईंधन (पेट्रोल-डीजल, कोयला) के भंडार सीमित हैं, जबकि रिन्यूएबल एनर्जी की संभावनाएं असीम हैं और हर क्षेत्र व देश इसका फायदा उठा सकता है.

50 लाख टन ग्रीन हाइड्रोजन बनाने का टारगेट

पीएम मोदी ने बताया कि भारत ग्रीन हाइड्रोजन बनाने में आगे निकलने के लिए पूरी ताकत से काम में जुटा है. नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन के जरिए इस दशक के खत्म होने तक 50 लाख टन ग्रीन हाइड्रोजन बनाने का टारगेट रखा गया है. साथ ही सरकार अब गाड़ियों और ट्रांसपोर्ट में भी ग्रीन हाइड्रोजन का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा रही है.

300 गीगावाट के करीब पहुंची क्षमता

पीएम मोदी ने रिन्यूएबल एनर्जी के मोर्चे पर भारत की रफ्तार के कुछ आंकड़े भी शेयर किए हैं. उन्होंने बताया कि देश में कुल बिजली क्षमता का 50% से ज्यादा हिस्सा अब बिना कोयला-पेट्रोल (नॉन-फॉसिल) वाले जरियों से आ रहा है. भारत 300 गीगावाट के करीब पहुंच चुका है और तेजी से 500 गीगावाट के टारगेट की तरफ बढ़ रहा है. पीएम मोदी ने बताया कि सोलर और रिन्यूएबल एनर्जी के मामले में भारत आज दुनिया के टॉप 3 देशों में शामिल है और बहुत जल्द 100 गीगावाट नई नॉन-फॉसिल एनर्जी जोड़ने के लिए तेजी से काम कर रहा है.

'पीएम सूर्य घर और कुसुम योजना से करोड़ों की बचत हुई'

पीएम मोदी ने बताया कि फरवरी 2024 में शुरू हुई 'पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' के तहत पिछले 2 साल में 65 लाख से ज्यादा घरों को सोलर रूफटॉप से जोड़ा जा चुका है. इसी का नतीजा है कि बिजली बिलों में 76% तक की भारी कटौती दर्ज हुई है. उन्होंने बताया कि इस मिशन का टारगेट 1 करोड़ घरों को कवर करना है. उन्होंने 'पीएम-कुसुम योजना' का जिक्र किया और बताया कि इस योजना के जरिए 30 लाख से ज्यादा किसानों को सोलर पंप और सिस्टम का लाभ मिल रहा है, जिससे प्रति किसान सालाना करीब 1 लाख रुपये की बचत हो रही है. इसके अलावा 44,000 से अधिक सरकारी इमारतों पर लगे सोलर सिस्टम से हर साल लगभग 700 करोड़ रुपये की बचत हो रही है.

मैन्युफैक्चरिंग में 100 गुना छलांग और 15 लाख करोड़ का निवेश

पीएम मोदी ने देश में क्लीन एनर्जी सामान बनाने (घरेलू मैन्युफैक्चरिंग) पर बात करते हुए कहा कि 10 साल पहले देश की सोलर मॉड्यूल बनाने की क्षमता सिर्फ 2 GW थी, जो आज बढ़कर 200 GW से भी ज्यादा हो चुकी है. सोलर सेल बनाने की क्षमता भी 40 GW तक पहुंच गई है. इसके अलावा, सरकार ने ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर और नेशनल ग्रिड को मजबूत करने के लिए हाल ही में 2 लाख करोड़ रुपये के बड़े निवेश को हरी झंडी दी है.

पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 10 सालों में रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में 15 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश आया है. इसमें 2024 के री-इन्वेस्ट समिट के बाद आया करीब 6 लाख करोड़ रुपये का निवेश भी जुड़ा हुआ है. इस दशक के खत्म होने तक इस सेक्टर में 20 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के नए मौकों की उम्मीद है. साथ ही, विकासशील देशों को सस्ती तकनीक और फंड दिलाने के लिए भारत ने 200 मिलियन डॉलर की 'अफ्रीका सोलर फैसिलिटी' की मदद देने का अपना वादा भी दोहराया है.

अब आप रिन्यूएबल एनर्जी के बारे में भी जानिए

रिन्यूएबल एनर्जी एक ऐसी ऊर्जा है, जिसे बार-बार इस्तेमाल किया जा सके और जो कभी खत्म न हो क्योंकि यह कुदरती तौर पर खुद-ब-खुद दोबारा बनती रहती है. नीचे कुछ उदाहरण दिए हैं:

  • सोलर एनर्जी: सूरज की धूप से बनने वाली बिजली.
  • विंड एनर्जी: तेज हवाओं (पवन चक्कियों) के जरिए बनने वाली बिजली.
  • हाइड्रो पावर: बहते पानी के बहाव से बनने वाली पनबिजली.
  • बायो एनर्जी: कचरे, गोबर और खेती के बचे अवशेषों (पराली आदि) से तैयार होने वाली ऊर्जा.
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Bhoopendra Rai

Bhoopendra Rai

पत्रकारिता में 9 साल से सक्रिय भूपेंद्र कुमार राय Zee News में सीनियर सब एडिटर के तौर पर न्यूज टीम का हिस्सा हैं, देश विदेशी की खबरें कवर करते हैं. 2017 में ETV Bharat (हैदराबाद) से करियर की शुरुआत करने के बाद वे 2020 में Zee News पहुंचे, जहां 2022 तक काम किया. 2023 में News24 की स्पोर्ट्स टीम को लीड करने का मौका मिला. इसके बाद India Daily Live में बतौर चीफ सब एडिटर स्पोर्ट्स टीम के साथ जुड़े. 2024 में दोबारा News24 लौटे और नई स्पोर्ट्स वेबसाइट लॉन्चिंग का अहम हिस्सा रहे. अक्टूबर 2025 में News24 से अलविदा लेकर एक बार फिर Zee News पहुंचे हैं. खेलों में गहरी रुचि रखते हैं और क्रिकेट वर्ल्ड कप, एशियन गेम्स, ओलंपिक गेम्स, हॉकी वर्ल्ड कप समेत बड़े खेल इवेंट को कवर करने का अनुभव है. ब्रेकिंग न्यूज, क्रिकेट एनालिसिस और किस्से-कहानियों पर अच्छी पकड़ है. जी न्यूज में खेल से जुड़ी खबरों के बाद अब न्यूज टीम के साथ रियलटाइम न्यूज पर काम कर रहे हैं. एक्सप्लेनर और किसी भी मुद्दे पर रिसर्च के साथ उसे आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचा रहे हैं. आप Bhoopendra.Rai@zeemedia.com पर सीधे ईमेल या फिर नीचे X और Facebook से जुड़ सकते हैं.
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