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चीन नै कैसे दुनिया को बनाया अपना बाजार? समझें बीजिंग का औद्योगिक मास्टरप्लान, भारत को तय करना है लंबा रास्ता

भारत से बाद में आजाद होने वाला चीन आज पूरी दुनिया की फैक्ट्री बन चुका है. चीन के शाओदोंग शहर में दुनिया के 70% डिस्पोजेबल सिगरेट लाइटर बनाए जाते हैं. दानयांग शहर में दुनिया के आधे चश्मे के लेंस बनते हैं. दुनिया के हर सात में से लगभग एक गिटार झेंगआन शहर में बनता है. इस मामले में भारत को अभी बहुत लंबा सफर तय करना है.

चीन नै कैसे दुनिया को बनाया अपना बाजार? समझें बीजिंग का औद्योगिक मास्टरप्लान, भारत को तय करना है लंबा रास्ता
Image Credit: प्रतीकात्मक AI तस्वीर

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर बड़ी भविष्यवाणी की है. IMF के मुताबिक, भारत की इकोनॉमिक ग्रोथ शानदार है. IMF के अनुसार, भारत का प्रदर्शन अगर ऐसा ही रहा तो 2027 तक दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है. जापान को पीछे छोड़ने में भारत कामयाबी हासिल कर लेगा. वहीं, पहले नंबर के लिए अमेरिका और चीन में कड़ा संघर्ष देखने को मिल सकता है. IMF का अनुमान भारत के लिए उत्साह बढ़ाने वाला है, लेकिन भारत को चीन जैसी अर्थव्यवस्था को टक्कर देने के लिए अभी काफी लंबा रास्ता तय करना है. अब सवाल यह है कि भारत के बाद आजाद होने वाला चीन आखिर आगे कैसे निकल गया? आर्थिक नीतियों के विशेषज्ञ रॉबिन रिवैटन और बेन साउथवुड ने अपनी एक रिपोर्ट में इसे बड़ी आसान भाषा में समझाया है.

रॉबिन रिवैटन और बेन साउथवुड के मुताबिक, अमेरिका भले ही पहले नंबर की अर्थव्यवस्था हो, लेकिन चीन ने बड़ी तेजी के साथ पूरी दुनिया को अपना बाजार बनाया है. इसके पीछे चीन के आर्थिक सुधारों, सस्ती श्रम शक्ति और मजबूत सरकारी नीतियों का बड़ा अहम योगदान रहा. उन्होंने कहा कि चीन की औद्योगिक नीतियों को समझना हो तो BOE टेक्नोलॉजी नामक एलसीडी निर्माता कंपनी का इतिहास देखना होगा. उन्होंने कहा कि कभी चीन के हेफेई शहर में डिस्प्ले उद्योग का कोई नामो-निशान नहीं था, लेकिन फिर चीनी सरकार ने BOE टेक्नोलॉजी में 500 मिलियन डॉलर का निवेश करके उसे स्थापित कराया. आज यह कंपनी दुनिया भर में स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनियों को डिस्प्ले सप्लाई करती है.

चीन की औद्योगिक नीतियों का कमाल

इसी तरह से हेफेई ने इलेक्ट्रिक कार बनाने वाली कंपनी NIO और चिप बनाने वाली कंपनी CXMT को भी सपोर्ट किया. महज एक दशक में इन कंपनियों ने शहर की डीजीपी में कई गुणा बढ़ोतरी की. रॉबिन रिवैटन और बेन साउथवुड के अनुसार, इन कंपनियों में लगभग 25 अरब डॉलर का निवेश किया गया था और इनसे करीब 9 अरब डॉलर की कमाई हुई. ताइवानी कंपनियों को लुभाने के लिए सस्ती जमीन देने के साथ-साथ उनकी पसंद और नापसंद का भी विशेष ख्याल रखा गया. शंघाई ने टेस्ला की मदद की. कंपनी को ग्रांट, सस्ते लोन, टैक्स में छूट और कम कीमत पर जमीन दी गई. जनवरी 2019 में प्लांट का निर्माण कार्य शुरू हुआ और उसी साल दिसंबर में उत्पादन भी शुरू हो गया.

दुनिया के बाजार में चीन का कब्जा

चीन में उद्योग-धंधों की मदद करने वाले सरकारी अधिकारियों को इनाम दिया जाता है. इस वजह स्थानीय अफसर किसी भी उद्योगपति के प्रोजेक्ट में अडंगा नहीं लगाते हैं. इसका असर यह हुआ कि आज चीन के शाओदोंग शहर में दुनिया के 70% डिस्पोजेबल सिगरेट लाइटर बनाए जाते हैं. दानयांग शहर में दुनिया के आधे चश्मे के लेंस बनते हैं. दुनिया के हर सात में से लगभग एक गिटार झेंगआन शहर में बनता है. रॉबिन रिवैटन और बेन साउथवुड कहते हैं कि पूरी दुनिया को चीन के आर्थिक चमत्कार को देखकर अपनी नीतियों को बदलने की जरूरत नहीं है. नई आर्थिक नीति लागू करने में नुकसान भी हो सकता है. अपने पुराने मॉडल को ही दुरुस्क करना, बेहतर होगा.

भारत को तय करना है लंबा रास्ता

चीन की तुलना में भारत को अभी बहुत लंबा रास्ता तय करना है. हाल के वर्षों में भारत की प्रभावशाली आर्थिक वृद्धि के बावजूद भारत की वैश्विक निर्यात दर चीन की तुलना में काफी पीछे है. वैश्विक निर्यात में योगदान के मामले में चीन दुनिया में पहले स्थान पर है, जबकि भारत 11वें स्थान पर आता है. एक्सपोर्ट के मामले में चीन के बाद अमेरिका का नंबर है. अमेरिका ने पिछले साल कुल 2019.54 अरब डॉलर का साजोसामान पूरी दुनिया का बाजारों में एक्सपोर्ट किया था. अमेरिका के बाद जर्मनी, नीदरलैंड, जापान, इटली और फ्रांस का नंबर है.

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About the Author

K. Raj Mishra

K. Raj Mishra

कर्मराज मिश्रा ज़ी न्यूज (डिजिटल) टीम में बतौर चीफ सब एडिटर कार्यरत हैं. वे यहां देश-विदेश की राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लिखते हैं. कानपुर यूनीवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर की डिग्री हासिल करके IBN-7 न्यूज चैनल से इंटर्नशिप की. इसके बाद खबर फास्ट, नेशन लाइव और साधना न्यूज न्यूज चैनलों में काम करने के बाद डिजिटल का रुख किया और 2017 से 2020 तक हिंदुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में बतौर सीनियर सब एडिटर काम किया. इसके बाद News Nation, India Ahead के बाद वर्तमान में Z Media का हिस्सा हैं. मीडिया में 10 साल के कार्यकाल के दौरान यूपी, बिहार, छत्तीसगढ़ और दिल्ली विधानसभा चुनावों के अलावा 2019 और 2024 का लोकसभा चुनाव कवर किया है.
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