'मैं ब्राजील नहीं, अमेरिका चला रहा...', ट्रंप के एक बयान के बाद ढीले पड़े बोल्सोनारो, चुनाव में मानी हार; लूला की जीत पर खड़े किए थे सवाल
ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव परिणाम पर सवाल खड़ा करने के कुछ समय बाद लिबरल पार्टी के नेता फ्लावियो बोल्सोनारो ने अपनी हार स्वीकार कर ली. उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बयान के बाद अपना रुख बदला. इससे पहले बोल्सोनारो परिणाम को गलत ठहरा रहे थे.
ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने शानदार जीत हासिल की है. 80 वर्षीय नेता चौथी बार ब्राजील के राष्ट्रपति बनेंगे. लूला ने इस चुनाव में कट्टर दक्षिणपंथी प्रतिद्वंद्वी और लिबरल पार्टी के नेता फ्लावियो बोल्सोनारो को शिकस्त दी है. फ्लावियो बोल्सोनारो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीब माने जाते हैं. ब्राजील में लूला की जीत के बाद चुनावी परिणामों पर सवाल भी खड़ा किया. इतना ही नहीं बोल्सोनारो ने इसे रद्द करने की मांग रख दी.
इस बीच दावा किया जा रहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के एक बयान ने स्थिति को पूरी तरीके से बदल दिया और बोल्सोनारो अपनी मांग से पीछे हट गए हैं. हाल में ही प्रेस से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि उन्होंने ब्राजील के चुनावी नतीजे देखे. ट्रंप ने एक सवाल के जवाब में कहा कि वह अमेरिका चला रहे हैं, ब्राजील नहीं. इससे पहले ट्रंप ने ब्राजील की चुनावी प्रक्रिया और परिणाम पर सवाल भी खड़े किए थे.
मैं ब्राजील नहीं चला रहा: ट्रंप
सोमवार (26 अक्टूबर) को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जब पत्रकारों ने सवाल किया कि वह ब्राजील के चुनाव में कथित अनियमितताओं पर दखल देंगे? इसके जवाब में ट्रंप ने कहा कि मैं अमेरिका चला रहा हूं, ब्राजील नहीं चला रहा. हालांकि, इस दौरान ट्रंप ने ब्राजील की चुनावी प्रक्रिया पर सवाल जरूर खड़े किए. उन्होंने कहा कि उनके लूला के साथ अच्छ संबंध हैं और वह उन्हें पसंद भी करते हैं. चुनाव का तरीक और मतदान का समय बढ़ाना थोड़ा असामान्य जरूर लगता है.
ट्रंप के बयान के तुरंत बाद बोल्सोनारो ने छोड़ी मांग
वाशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट में कहा गया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जैसे ही ब्राजील में किसी हस्तक्षेप से इनकार किया, इसके कुछ मिनटों बाद ही बोल्सोनारो के खेमे ने चुनाव रद्द करने की मांग छोड़ दी. बोल्सोनारो की लिबरल पार्टी (PL) के अध्यक्ष वाल्देमार कोस्टा नेटो ने एक बयान जारी किया और चुनाव आयोग के नतीजों को स्वीकार करने का ऐलान किया. हालांकि, इस दौरान उन्होंने कहा कि परिणामों पर लोकतांत्रित तरीके से बहस होनी चाहिए.
बोल्सोनारो ने क्या कहा?
ट्रंप के करीबी बोल्सोनारो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर चुनावी नतीजों को लेकर एक पोस्ट किया. उनकी ओर से कहा गया कि मेरी हार नहीं हुई है, बल्कि यह सिस्टम की जीत है. बोल्सोनारो ने कहा कि अब संसद (चैंबर ऑफ डेप्युटीज और सीनेट) को अपना मजबूत गढ़ बनाएंगे और वह विपक्ष का नेतृत्व करेंगे. बोल्सोनारो ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी लूला के गठबंधन पर आर्थिक दुरुपयोग लगाएगा और उन्हें अयोग्य ठहराने की मांग करेगा.
ब्राजील के चुनावी परिणाम पर क्यों है विवाद?
ब्राजील के चुनावी परिणाम पर मुख्य विवाद सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश क्रिस्टियानो जानिन एक फैसला था, जिसमें मतदान का समय बढ़ाया गया था. बोल्सोनारो ने सुप्रीम कोर्ट के इसी फैसले को आधार बनाया और चुनाव रद्द करने की मांग की.
सबसे खास बात है कि समय बढ़ाने की मांग शुरुआत में लूला की पार्टी ने परिवहन की कमी के कारण की थी. बाद में सभी दलों ने इसका समर्थन किया था. ब्राजील में हुए चुनाव में लूला को लगभग 6.4 करोड़ (51%) और बोल्सोनारो को 5.9 करोड़ (48%) वोट मिले हैं.
ब्राजील के चुनावी प्रक्रिया पर ट्रंप ने खड़े कि थे सवाल
इससे पहले ब्राजील के चुनावी प्रक्रिया पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने सवाल खड़ा किया था. ट्रंप ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा गया गया कि मुझे यह बहुत बुरा लगा, मैंने किसी का पक्ष नहीं लिया, लेकिन ऐसा लगा जैसे यह भी एक धांधली वाला चुनाव था. मैंने किसी का समर्थन नहीं किया, लेकिन मैंने चुनाव पर नजर रखी और यह बहुत घटिया और बुरा लग रहा है. (इनपुट-आईएएनएस)
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