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CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का हल्ला बोल जारी है. कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दल एसआईआर में कथित धांधली का आरोप लगाते हुए देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांग रहे हैं. विपक्ष के इस विरोध प्रदर्शन पर महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने निशाना साधा है. सीएम फडणवीस ने कहा कि विपक्षी दल जानबूझकर संवैधानिक संस्थाओं और चुनावी प्रक्रिया से जनता का भरोसा खत्म कर देश में अराजकता का माहौल बनाना चाहते हैं.
सीएम फडणवीस ने यहां तक स्पष्ट किया कि विपक्ष का रिजीम चेंज का नारा लोकतांत्रिक तरीके से सरकार बदलने का नहीं है, बल्कि पड़ोसी देशों जैसी अराजकता की स्थिति पैदा करने का तरीका है. सीएम फडणवीस ने इस दौरान CJP को कांग्रेस जिताओ पार्टी करार दिया. सीएम ने सीनियर वकील प्रशांत भूषण ने के उस बयान का जिक्र भी किया जिसमें उन्होंने रिजीम चेंज को जरूरी करार दिया था.
महाराष्ट्र के सीएम फडणवीस ने लोकसभा में विपक्ष नेता राहुल गांधी के उन बयानों की आलोचना भी की, जिसमें उन्होंने सीईसी ज्ञानेश कुमार पर 'वोट चोरी' का आरोप लगाया था और एसआईआर के दौरान बड़ी संख्या में वैध वोटों के काटे जाने का दावा किया था. सीएम ने इसे एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति का अत्यंत गैर-जिम्मेदाराना बयान बताया.
मुख्यमंत्री ने कहा कि वोटर लिस्ट की जांच और सुधार एक सामान्य और पारदर्शी प्रक्रिया है. 27 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने एक साल की लंबी सुनवाई के बाद इस प्रक्रिया को पूरी तरह वैध ठहराया था. इसके साथ ही सीएम फडणवीस ने याद दिलाया कि 1952 से 2004 के बीच एसआईआर की प्रक्रिया 8 बार हो चुकी है.
बता दें कि सीएम ने एक बयान में आंकड़ों का हवाला दिया. उन्होंने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया के तहत 9 लाख से अधिक बूथों पर 11 लाख सरकारी अधिकारियों और 35 लाख राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया. जांच के बाद 13.30 करोड़ नाम हटाए गए. जिन लोगो को नाम हटाए गए उनमें मृतक, स्थायी रूप से पलायन या डुप्लीकेट मतदाता थे.
ऐसे में सीएम फडणवीस ने सवाल किया कि 29 सितंबर को कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में इन हटाए गए नामों को वापस जोड़ने की मांग क्यों की गई?सीएम ने कहा कि 2.5 करोड़ मृत लोगों और लाखों फर्जी वोटरों को वापस लिस्ट में शामिल करने की कांग्रेस की मांग केवल चुनावी प्रक्रिया में धांधली और भ्रम फैलाने की साजिश का हिस्सा है.
सीएम फडणवीस ने अपने बयान में वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण के बयान का जिक्र भी किया. सीएम ने आरोप लगाया कि योगेंद्र यादव का यह कहना कि 'लोकतंत्र का भविष्य संसद नहीं, सड़कें और रेजिस्टेंस तय करेंगे' और राहुल गांधी का अपने भाषणों में लगातार 'रेजिस्टेंस' शब्द का इस्तेमाल करना, उनके अराजकतावादी इरादों को दर्शाता है. सीएम ने यह भी कहा कि विपक्ष सुप्रीम कोर्ट या चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं में तय प्रत्रिया के तहत सबूत पेश करने से बचता है और केवल मीडिया में आरोप लगाकर भाग जाता है.
महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने एक कड़ा संदेश देते हुए कहा कि भारत की व्यवस्था पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल या श्रीलंका जैसी नहीं है. भारत बाबासाहेब आंबेडकर के मजबूत संविधान से चलता है. सीएम ने विपक्ष के नसीहत देते हुए कह कि कोई भी राजनीतिक दल बीजेपी का विरोध करे, लेकिन भारत या उसके संविधान का विरोध नहीं किया जाना चाहिए. देश की जनता विपक्ष के अराजकता के एजेंडे को सफल नहीं होने देगी. (रिपोर्ट- अंकुर त्यागी)