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मोहम्मद गुफरान/ प्रयागराज: मेरठ के सनसनीखेज नीले ड्रम हत्याकांड में इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी खबर सामने आई है. पति सौरभ की हत्या कर शव को नीले ड्रम में सीमेंट से भरकर ठिकाने लगाने के दोषी मुस्कान और साहिल की फांसी की सजा के खिलाफ दाखिल अपील पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. हाईकोर्ट की डिविजन बेंच ने दोनों दोषियों की अपील को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है. अदालत अब इस मामले में 30 नवंबर को अगली सुनवाई करेगी.
गौरतलब है कि मेरठ की जिला एवं सत्र अदालत ने इस सनसनीखेज हत्याकांड में मुस्कान और साहिल को दोषी मानते हुए दोनों को फांसी (मृत्युदंड) की सजा सुनाई थी.दोनों पर आरोप था कि उन्होंने साजिश के तहत मुस्कान के पति सौरभ राजपूत की हत्या की और सबूत मिटाने के लिए शव को एक बड़े नीले ड्रम में डालकर ऊपर से सीमेंट-कंक्रीट भर दिया था.
ट्रायल कोर्ट के इस फैसले को चुनौती देते हुए दोनों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील दाखिल की थी. आज प्रयागराज हाईकोर्ट में उनकी अपील पर पहली सुनवाई हुई. यह मामला पूरे प्रदेश में काफी चर्चित रहा था, जिसे "नीले ड्रम वाला हत्याकांड" के नाम से जाना गया
यह पूरा मामला मेरठ का है, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया था. आरोप है कि मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर पति सौरभ की निर्मम हत्या कर दी थी. साक्ष्य मिटाने और अपराध को छिपाने के लिए दोनों ने शव को एक नीले प्लास्टिक के ड्रम में डाला और उसमें कंक्रीट भरकर उसे पूरी तरह सील कर दिया था. ये जघन्य अपराध करने के बाद दोनों घूमने के लिए चले गए. जांच के बाद पुलिस ने जब ड्रम से शव बरामद किया, तो इस खौफनाक साजिश का पर्दाफाश हुआ था. फिलहाल अब सबकी निगाहें 30 नवंबर को हाईकोर्ट में होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं.