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फ्रांस पर तंज: दंगे, लूट-आगजनी के बाद नाइट कर्फ्यू, डोनाल्ड ट्रंप बोले- 'पेरिस बनेगा मुस्लिम सिटी'; क्या कहते हैं आंकड़े?

आसमान छूती महंगाई, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में बढ़ोतरी की मांग को लेकर यूरोप के कई देश सुलग रहे हैं. फ्रांस में हालात ज्यादा बेकाबू हैं. कई मांगो को लेकर शुरू हुए प्रदर्शन अब थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. पूरा देश उबल रहा है. यूरोप की इस हालत पर तंज कसते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान दिया है.

Written By Shwetank Ratnamber
Published: Oct 20, 2026, 06:31 AM IST | Updated: Oct 20, 2026, 02:41 PM IST
Image Credit: ट्रंप ने फ्रांस पर तंज कसा है (AI & White House)
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फ्रांस में बीते कुछ दिनों से हालात बेकाबू हैं. प्रदर्शनों के नाम पर चल रही गुंडागर्दी की आंच से पूरा देश तप रहा है. शहर-शहर दंगों के हालात हैं. आगजनी, लूट और तोड़फोड़ के बाद नाइट कर्फ्यू लगाना पड़ा है. इस बीच ट्रंप ने फ्रांस में चल रहे घटनाक्रम पर तंज कसते हुए कहा है कि पेरिस बहुत जल्द मुस्लिम सिटी बन सकता है. आपको बताते चलें कि 24 घंटे के अंदर फ्रांस को लेकर दिया गया ये दूसरा बड़ा बयान है. फ्रांस को घेरते हुए ट्रंप ने कहा कुछ नीतियों ने एक सुंदर देश जो आर्ट और कल्चर के लिए दुनियाभर में मशहूर था, उसे तबाह करके रख दिया है. 

ट्रंप ने आगे ये भी कहा, 'अगर यूरोप अपनी सीमाएं बंद नहीं करता और अपराधियों को बाहर नहीं निकालता, जिस तरह वो लोग विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं, उससे तो पूरा यूरोप खत्म हो सकता है.'

नाइट कर्फ्यू

फ्रांस ने पेरिस के कुछ हिस्सों में आंशिक कर्फ्यू लगाते हुए प्रदर्शनों पर रोक लगाई है. बीते कुछ सालों में हुई सबसे भीषण हिंसा के बाद, राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों का प्रशासन हालात सामान्य करने की कोशिश कर रहा है. पेरिस पुलिस प्रशासन ने बताया कि शहर के कई इलाकों में सोमवार रात 11 बजे से मंगलवार सुबह 6 बजे तक कर्फ्यू रहा. नाइट कर्फ्यू को जरूरत पड़ने पर बढ़ाया जा सकता है.

ट्रंप का तंज

ट्रंप ने आगे कहा, 'फ्रांस का घटनाक्रम बहुत दुखद स्थिति है. फ्रांस में जो कुछ हो रहा है, उसका संबंध प्रवासियों से है, स्कूल-कॉलेजों में फीस बढ़ाने या हेल्थ सर्विस बेहतर करने जैसी मांगों से इन प्रदर्शनों का कोई लेना-देना नहीं है. इस तरह का दंगे-फसाद इमीग्रेशन यानी बाहरी लोगों को बसाने का नतीजा है, जो उन्हें भारी पड़ रहा है. मैंने राष्ट्रपति मैक्रों से कहा है अपनी सीमाएं बंद कर दीजिए.' 

ट्रंप ने अपनी बात दोहराते हुए कहा, 'अगर दंगाइयों पर समय रहते काबू नहीं पाया गया तो पेरिस मुस्लिम शहर बन सकता है.'

ट्रंप ने मीडिया से बात करते हुए फ्रांस की हालत पर चिंता जताई. उन्होंने कहा, 'मैं नहीं चाहता अमेरिका के महान लोग कभी ऐसे हालातों का सामना करें, इसलिए हम उन लोगों को अमेरिका से बाहर कर रहे हैं जो खतरा बन सकते हैं.'

चौबीस घंटों में दूसरा बड़ा हमला

इससे पहले ट्रंप के डिप्टी यानी अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा था कि फ्रांस के नेताओं ने 'तीसरी दुनिया' के देशों के लोगों को बसाकर अपनी ऐसी हालात कर ली है, उम्मीद है फ्रांस सबक लेगा और दंगाइयों से निपटकर अपने महान देश को बर्बादी से बचाएगा.

फ्रांस में कितनी मुस्लिम आबादी?

ट्रंप ने पेरिस का नाम लेकर कैसे ये कह दिया कि वो एक मुस्लिम शहर बन सकता है, आइए बताते हैं. यूं तो फ्रांस की सरकार इस तरह के आंकड़े खासकर आबादी का धार्मिक डेटा जारी नहीं करती. इसी तरह से पेरिस का शहरी प्रशासन अमूमन ऐसे आंकड़े जारी नहीं करता है. फिर भी ट्रंप के बयान का आधार यूरोप के ट्रस्टेड सोर्स के हवाले से आई कुछ रिपोर्ट्स हैं, जिनमें दावा किया गया है कि राजधानी पेरिस में फ्रांस के बाकी शहरों की तुलना में ज्यादा मुस्लिम आबादी रहती है. 

स्वतंत्र शोध संस्थान प्यू रिसर्च सेंटर की एक रिपोर्ट के मुताबिक फ्रांस में मुस्लिम आबादी कुल आबादी का करीब 9 से 10 फीसदी है. फ्रेंच थिंक टैंक के मुताबिक पेरिस में रहने वाले मुसलमानों का आंकड़ा कुल आबादी का 15 फीसदी हो सकता है. इसकी वजह शहरी इलाकों की कुछ घनी बस्तियों में इस्लाम को फॉलो करने वालों की तादाद अन्य धर्म के लोगों की तुलना में ज्यादा होना है. पेरिस के सीन-सेंट-डेनिस जैसे इलाकों में अप्रवासियों की बसावट होने के चलते माना जाता है कि यहां पूरे देश की तुलना में ज्यादा मुस्लिम लोग रहते हैं.  

अमेरिकी राष्ट्रवाद का हवाला

वेंस ने पर्सनल सोशल मीडिया अकाउंट से भी फ्रांस की हालत पर चिंता जताते हुए लिखा- 'पश्चिमी उदारवादियों ने विविधता और मानवता के नाम पर 'तीसरी दुनिया' के लोगों को फ्रांस और यूरोप के बाकी देशों में बसने दिया. बुनियादी चिंताओं को नजरअंदाज करके उन्होंने किसी की बात नहीं मानी. फ्रांस की सरकार दंगाइयों के पागलपन पर समय रहते काबू पाए वरना ये पूरे फ्रांस की ऐतिहासिक विरासत फूंक देंगे. अमेरिकी लोग भी फ्रांस की हालत देख रहे होंगे. डेमोक्रेट्स यही सब चाहते हैं. हम ऐसा नहीं होने देंगे.'

'पेरिस मुस्लिम सिटी बनेगा', ट्रंप के इस तंज की एक वजह ये भी हो सकती है कि ट्रंप, जब ईरान पर हमला करने के लिए यूरोप से मदद मांग रहे थे तो फ्रांस और इटली ने उन्हें सबसे पहले ठेंगा दिखाते हुए पल्ला झाड़ लिया था. मैक्रों और मेलोनी के इस तरह कन्नी काटने से भड़के ट्रंप ने तब भी यूरोप के नेताओं को खूब खरी-खोटी सुनाई थी. फ्रांस कई दिनों से सुलग रहा है तो ट्रंप पेरिस को मुस्लिम सिटी बनने जैसे यानी फ्रांस को असहज करने वाले बयान दे रहे हैं.

ट्रंप आए दिन प्रवासियों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' पॉलिसी को जस्टिफाई करने के लिए कहते हैं कि समुदाय विशेष के लोग आबादी बढ़ने के बाद संसाधनों पर कब्जा करके मूल निवासियों का हक छीन लेते हैं. अमेरिका में ऐसा न हो इसलिए सख्ती कर रहे हैं. इसी कड़ी में वीजा पॉलिसी सख्त करके विदेशी मूल के लोगों को नौकरी देने के बजाए अमेरिकी लोगों को ही नौकरी देने के लिए माहौल बना रहा है.

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About the Author

श्वेतांक रत्नाम्बर वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें टीवी और डिजिटल न्यूज़ मीडिया में 22 वर्षों से ज्यादा का व्यापक अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (Hindi) की डिजिटल टीम में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय (देश-दुनिया) खबरों की डेस्क पर कार्यरत हैं. समसामयिक मुद्दों, वैश्विक राजनीति और कूटनीति पर गहरी समझ रखने वाले श्वेतांक जटिल अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों और राजनीतिक समीकरणों का सटीक विश्लेषण करने के विशेषज्ञ हैं.Zee News डिजिटल से पहले उन्होंने ज़ी मीडिया नेटवर्क के ग्लोबल न्यूज़ चैनल 'WION' के साथ काम किया है. इस दौरान उन्होंने 'Gravitas', 'The West Asia Post' और 'One Africa' जैसे कई प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्राइम-टाइम शोज़ के हिंदी प्रोडक्शन और इंटरप्रिटेशन में अहम भूमिका निभाई. 2004 से शुरू हुए अपने पत्रकारिता करियर में श्वेतांक ने रिपोर्टिंग और एंकरिंग के साथ-साथ चार लोकसभा और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की व्यापक ग्राउंड कवरेज की है.जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI), नई दिल्ली से जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा के बाद मास कम्युनिकेशन और पॉलिटिकल साइंस में मास्टर्स डिग्री हासिल करने वाले श्वेतांक लंबे समय से 'प्रेस क्लब ऑफ इंडिया' (PCI) के सम्मानित सदस्य हैं.आप श्वेतांक रत्नाम्बर से सीधे shwetank.ratnamber@india.com पर ईमेल के जरिए संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप उनसे एक्स (ट्विटर), मेटा (फेसबुक) और लिंक्डइन पर भी कनेक्ट कर सकते हैं.' 
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