SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

अमेरिका में जंग का साइड इफेक्ट: पेट्रोल के बाद फ्लाइट टिकटों की कीमत ने रुलाया, गुस्साए लोगों ने ट्रंप को याद दिलाया वादा

America Fuel Price Increase: भले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार ईरान के साथ जंग जीतने का ऐलान कर रहे हों, लेकिन ग्राउंड रिएलिटी कुछ और ही दिख रही है. इस संघर्ष ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था और आम नागरिकों की जेब पर काफी प्रभाव डाला है.

Written By Shruti Kaul
Published: Sep 29, 2026, 07:06 AM IST | Updated: Sep 29, 2026, 07:08 AM IST
Join

West Asia War: पश्चिम एशिया जंग ने दुनियाभर में तेल की सप्लाई में बड़ी बाधा डाली है. इसके चलते बड़ी से बड़ी इकोनॉमी वाले देश भी धाराशायी होते दिखे. सोमवार ( 28 सितंबर 2026) को इस संघर्ष के 7 महीने पूरे हो गए, जिसको लेकर अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि कुछ ही हफ्तों में ईरान की अर्थव्यवस्था ढह सकती है. ट्रंप प्रशासन के आलोचकों का कहना है कि अधिकारियों ने पहले भी इस तरह के दावे किए हैं. उनका तर्क है कि उन्होंने अमेरिकियों की आर्थिक स्थिति पर जंग के प्रभाव को खत्म करने के लिए कोई खास कदम नहीं उठाए हैं.    

'स्पेक्ट्रम न्यूज 1' के मुताबिक, पश्चिम एशिया संघर्ष शुरू होने के 7 महीने बाद नॉर्मल गैसोलीन के एक गैलन की औसत कीमत संघर्ष शुरू होने से पहले के मुकाबले 1.50 डॉलर ज्यादा है. अब इसमें 2.70 डॉलर की वृद्धि हुई है. पिछले हफ्ते इसमें और बढ़ोत्तरी देखी गई है.  

अमेरिका में लगातार बढ़ रही तेल की कीमतें 


'स्पेक्ट्रम न्यूज 1' की रिपोर्ट के मुताबिक, पेट्रोल पंप पर ज्यादा खर्चा करने के चलते अमेरिकी परिवारों को इस साल अबतक तकरीबन 775 डॉलर का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ा है. वहीं, ट्रंप की ओर से ईरान के शांति प्रस्ताव को अस्वीकार करने के बाद से ही तेल की कीमतों में और उछाल आया है, जबकि ट्रंप ने ही रविवार ( 27 सितंबर 2026) को कहा था कि जैसे ही ईरान आत्मसमर्पण करेगा और जंग समाप्त होगी, वैसे ही तेल की कीमतें तेजी से गिरेंगी. डेमोक्रेट्स का कहना है कि ट्रंप पहले भी ऐसे वादे कर चुके हैं.

ट्रंप ने पूरा नहीं किया वादा


डेलावेयर से डेमोक्रेट सीनेटर क्रिस कून्स ने बढ़ते गैस के दाम को लेकर कहा,' राष्ट्रपति ट्रंप ने 2 साल पहले री इलेक्शन के लिए चुनाव लड़ा था और वादा किया था कि वे कोई नया बेतुका विदेशी युद्ध नहीं लड़ेंगे, आम अमेरिकी के लिए खर्च कम करेंगे और हेल्थ सर्विस को मजबूत बनाएंगे, लेकिन इसमें कुछ भी बदलाव नहीं हुआ है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि जंग शुरू होने के बाद से जेट फ्यूल की कीमतें भी आसमान छू रही हैं. इसके चलते लोगों को फ्लाइट टिकट्स में भी बढ़ोत्तरी का सामना करना पड़ेगा.  

आसमान छू रहीं फ्लाइट टिकट्स 


रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रैवल बुकिंग कंपनी 'हॉपर' का कहना है कि उसकी नई रिसर्च से पता चलता है कि थैंक्सगिविंग और क्रिसमस के आसपास डॉमेस्टिक फ्लाइट टिकट्स पिछले 10 सालों में सबसे ऊंचे स्तर पर हैंय थैंक्सगिविंग के लिए एक राउंड-ट्रिप टिकट की कीमत पिछले साल के मुकाबले लगभग 95 डॉलर ज्यादा होगी. एयरलाइंस कंपनियां महीनों पहले ही फ्यूल की अनुमानित लागत और अन्य खर्चों के आधार पर फ्लाइट टिकट्स की कीमत तय करने का फैसला लेती है. वहीं, एक्सपर्ट्स का कहना है कि फ्लाइट टिकट्स की कीमतों में गिरावट से पहले जेट फ्यूल की लागत में कमी आनी चाहिए. फिलहाल अब पश्चिम एशिया संघर्ष ही पता लगा सकता है कि आने वाले दिनों में तेल की कीमतें बढ़ेंगी या इसमें कुछ सुधार आएगा. 

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

ज़ी न्यूज में सब एडिटर. वनस्थली विद्यापीठ यूनिवर्सिटी, राजस्थान से जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन. ये राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय मुद्दो से जुड़े विषयों पर लिखती हैं. लिखने के अलावा श्रुति को नई जगहों पर घूमना, संगीत सुनना, फिल्में देखना और फूड एक्सप्लोर करने का बेहद शौक है. 
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES