इन दिनों पूरे मिडिल ईस्ट में भारी तनाव बना हुआ है. एक तरफ अमेरिका, ईरान पर अपनी पाबंदियां और सख्त करता जा रहा है, तो दूसरी तरफ सऊदी अरब और यमन के हूती गुट के बीच तनातनी लगातार बढ़ रही है. इस बीच यमन के हूती विद्रोहियों ने दावा किया है कि लाल सागर में जुकर द्वीप के पास 14 भारतीयों को ले जा रही एक शिप (यॉट) पर हमला हुआ है. हूतियों ने ये आरोप सऊदी अरब पर मढ़ा है. साथ ही दावा किया कि यॉट पर सवार 14 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया है. इधर भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है.
भारतीय विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, 'हम सऊदी अरब के नागरिक और ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर पर जारी हमलों की कड़ी निंदा करते हैं, जिसमें 21 अक्टूबर को दम्माम के किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट और शयबाह ऑयल फील्ड पर हुए हमले शामिल हैं. बेहद दुर्भाग्यपूर्ण रूप से इन हमलों में नागरिकों की मौत हुई है और कई लोग घायल हुए हैं.'
14 भारतीयों वाली शिप (यॉट) पर यह हमला ऐसे समय हुआ है, जब पहले से ही सऊदी अरब में हुए हमलों से तनाव बना हुआ है. हाल ही में सऊदी के दम्माम में किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए अटैक में एक भारतीय की मौत हो गई, जबकि 2 भारतीय घायल हुए थे. इसके अलावा, वहां के पूर्वी इलाके में अरामको के शयबाह ऑयल फील्ड पर भी हमला हुआ था, जिसमें एक और भारतीय नागरिक जख्मी हुआ था.
भारतीय विदेश मंत्रालय ने इन सभी हमलों का जिक्र करते हुए लिखा, 'हम पीड़ित परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं. रियाद स्थित भारतीय दूतावास सऊदी अधिकारियों के लगातार संपर्क में है और हर संभव सहायता प्रदान करेगा.' बयान में आगे लिखा, 'आम नागरिकों और जरूरी बुनियादी ढांचे पर ऐसे हमले पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं और इन्हें तुरंत रोका जाना चाहिए. हम सऊदी अरब की संप्रभुता की रक्षा के लिए वहां की जनता और सरकार के साथ मजबूती से खड़े हैं और उम्मीद करते हैं कि क्षेत्र में जल्द से जल्द शांति और सामान्य स्थिति बहाल होगी.'
सीजीटीएन यूरोप की रिपोर्ट के मुताबिक, 14 भारतीयों वाली शिप (यॉट) पर हुए हमले को लेकर हूती विद्रोहियों ने एक आधिकारिक बयान जारी किया, जिसमें कहा गया कि 'सऊदी दुश्मन' ने जुकर द्वीप के करीब एक भारतीय यॉट को निशाना बनाया, जिसमें शुरुआती जानकारियों के अनुसार 14 भारतीय नागरिक सवार थे. यमनी सशस्त्र बलों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इन लोगों को सुरक्षित बचा लिया है, मामले से जुड़ी बाकी डिटेल जल्द शेयर की जाएगी.
हूतियों ने इस हमले को गैर-जिम्मेदाराना कार्रवाई बताते हुए कहा है कि सऊदी अरब का यह कदम लाल सागर में अंतरराष्ट्रीय जहाजरानी की सुरक्षा के लिए सीधा खतरा है. इसके साथ ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ऐसे हमलों पर तत्काल रोक लगाने की अपील की.
इधर यमन के रक्षा मंत्रालय ने एक कड़ी चेतावनी जारी की है, जिसमें साफ कहा गया है कि हूती विद्रोहियों के कब्जे वाले इलाकों में अगर उनके समर्थन में कोई रैली निकाली गई, तो उसे सेना का वैध निशाना माना जा सकता है. इस चेतावनी के सामने आने के बाद आम लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ चुकी हैं.
वहीं, ईरान के सरकारी टीवी के हवाले से खबर मिली है कि होर्मुज स्ट्रेट में गुरुवार देर रात कम से कम 7 तेल टैंकरों पर या तो हमले हुए हैं, या वे समुद्री सुरंगों (नेवल माइंस) की चपेट में आकर तबाह हो गए या फिर उनमें भीषण आग लग गई. अगर इन दावों की निष्पक्ष पुष्टि हो जाती है तो 28 फरवरी को संघर्ष शुरू होने के बाद से इस बेहद अहम समुद्री रास्ते में एक ही दिन के भीतर जहाजों को पहुंचा यह अब तक का सबसे बड़ा नुकसान साबित होगा.