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Haridwar Railway Station Fraud/ करण खुराना: इन दिनों अपनों के पास पहुंचने की राह में कन्फर्म टिकट सबसे बड़ा सिरदर्द बन गया है. त्योहारों की तारीखें पास आते ही रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों का सैलाब उमड़ पड़ा है, जहां हर कोई घर पहुंचने की जद्दोजहद में है. इस बीच जीआरपी पुलिस ने एक ऐसे गैंग का पर्दाफाश किया है, जो हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर 'मेरे मामा टीटी हैं' का मायाजाल बुनकर मजबूर यात्रियों की जेबें खाली कर रहा था.
ठगी की स्क्रिप्ट सुन आप भी रह जाएंगे हैरान!
महज 30 घंटे में जीआरपी ने इस गिरोह के 5 सदस्यों को दबोचकर जेल की सलाखों के पीछे धकेल दिया है. जांच में जो खुलासा हुआ है, उसे जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे. इस गैंग के शातिर ठग जनरल टिकट को एसी कोच में बदलवाने का झांसा देते थे. फर्जी टीटी बनकर रेलवे के नियम समझाते और मजदूरों से मोबाइल, पिन कोड, बैग और नकदी अपने कब्जे में ले लेते थे. इसके बाद बैंक खातों से हजारों रुपये उड़ाकर फरार हो जाते थे.
सबसे ज्यादा इस गैंग के शिकार वही मजदूर बनते थे, जो जनरल टिकट लेकर लंबी दूरी का सफर तय करने की जद्दोजहद में कर रहे होते थे.
जानिए कैसे हुआ मामले का खुलासा?
इस मामला तब सामने आया, जब 10 अक्टूबर की रात पश्चिम बंगाल के दो मजदूरों के खातों से करीब 90 हजार 500 रुपये निकाल लिए गए थे. मामले की भनक लगते ही जीआरपी कप्तान अरुणा भारती के नेतृत्व और सीओ अनुज की निगरानी में पुलिस ने कार्रवाई की और पांचों आरोपियों को दबोच लिया. पुलिस ने उनके पास से 25 हजार रुपये नकद, मोबाइल और बैग बरामद किए हैं. जबकि, 50 हजार रुपये फ्रीज कराए हैं.
बहरहाल, दीपावली से पहले मजदूरों की मेहनत की कमाई लूटने वालों के खिलाफ जीआरपी ने शिकंजा कस दिया है. कप्तान अरुणा भारती ने पुलिस टीम को ढाई हजार रुपये इनाम देने का ऐलान किया है.