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देहरादून: उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी साहू उर्फ पप्पू गिरधारी को देहरादून की निचली अदालत से बड़ा झटका लगा है. विशेष न्यायाधीश (SC-ST एक्ट) की अदालत ने गिरधारी साहू की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दी है.अदालत के इस फैसले के बाद अब उनके अगले कानूनी कदम पर नजर रहेगी. अब उनके पास राहत के लिए हाईकोर्ट का रुख करने का विकल्प हो सकता है.
क्या है पूरा मामला?
यह मामला रेखा आर्य की ओर से अपने पति के खिलाफ दर्ज कराई गई शिकायत और उससे जुड़ी प्राथमिकी से संबंधित है. शिकायत में उत्पीड़न समेत कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं. मामले में एससी-एसटी एक्ट के प्रावधान भी शामिल हैं. हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि होना अभी बाकी है. मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही आरोपों पर अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी.
अग्रिम जमानत के लिए क्यों पहुंचे थे कोर्ट?
गिरधारी साहू ने गिरफ्तारी से राहत पाने के लिए अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी. इस तरह की याचिका का उद्देश्य संभावित गिरफ्तारी की स्थिति में पहले से कानूनी संरक्षण लेना होता है.कोर्ट में याचिका पर सुनवाई के दौरान मामले में लागू कानूनी प्रावधानों पर विचार किया गया. एससी-एसटी एक्ट की धाराओं 18 और 18ए के तहत अग्रिम जमानत पर प्रतिबंध से जुड़े पहलू भी महत्वपूर्ण रहे. अंततः अदालत ने याचिका खारिज कर दी.
अब आगे क्या होगा?
देहरादून की निचली अदालत से राहत न मिलने के बाद अब गिरधारी साहू के सामने विधिक तौर पर उच्च न्यायालय (उत्तराखंड हाईकोर्ट) का रुख करने का ही रास्ता शेष बचा है. ऐसा माना जा रहा है कि निचली अदालत के इस फैसले के खिलाफ साहू के वकील जल्द ही नैनीताल स्थित हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दाखिल कर सकते हैं. इस घटनाक्रम के बाद प्रदेश के राजनीतिक माहौल में चर्चाएं तेज हो गई हैं, क्योंकि मामला सीधे तौर पर सरकार की कैबिनेट मंत्री के परिजन से जुड़ा हुआ है.
बरेली में तलाश बेनतीजा, फोन भी बंद
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पुलिस और जांच एजेंसियों की संयुक्त टीम गिरधारी साहू की धरपकड़ के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है. इसी कड़ी में टीम बरेली पहुंची थी, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद वह पुलिस की पकड़ में नहीं आ सके. अधिकारियों के अनुसार, साहू का मोबाइल फोन भी लगातार स्विच ऑफ आ रहा है, जिसके कारण उनकी वर्तमान स्थिति और लोकेशन के बारे में पुख्ता जानकारी जुटाने में कठिनाई हो रही है.
एसआईटी ने दर्ज किए कैबिनेट मंत्री के बयान
दूसरी ओर, एसआईटी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य के बयान दर्ज कर लिए हैं और घटना से जुड़े तमाम प्रासंगिक दस्तावेजों को अपने कब्जे में ले लिया है. जांच टीम इस बात की भी बारीकी से पड़ताल कर रही है कि कथित कंपनी के संचालन और दस्तावेजों में किन नियमों का पालन किया गया था.मामले से जुड़ी एक कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग भी इन दिनों चर्चा में है, जिसकी सत्यता को परखने के लिए उसे फॉरेंसिक जांच के वास्ते प्रयोगशाला भेज दिया गया है.