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नीतिन श्रीवास्तव/बाराबंकी: मूल रूप से उन्नाव के रहने वाले और लंबे समय से बाराबंकी से जुड़े अभिनेता संजय त्रिपाठी ने रंगमंच से लेकर मुंबई की फिल्मी दुनिया तक अपनी अलग पहचान बनाई है. दर्शनशास्त्र में परास्नातक की पढ़ाई के बाद सिविल सेवा की तैयारी के लिए प्रयागराज पहुंचे संजय का रुझान रंगमंच की ओर हुआ और यहीं से उनके अभिनय सफर की शुरुआत हुई. हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘हैवान’ में अक्षय कुमार और सैफ अली खान के साथ नजर आ रहे संजय त्रिपाठी ने अपने अभिनय से अलग छाप छोड़ी है. फिल्म में उनके किरदार को दर्शक काफी सराह रहे हैं.
कौन हैं संजय त्रिपाठी
संजय त्रिपाठी का परिवार मूल रूप से उन्नाव का है. उन्होंने रानी शंकर सहाय से प्राथमिक शिक्षा हासिल की और इसके बाद राजकीय इंटर कॉलेज से पढ़ाई की. उन्नाव के केशरगंज में उनका पैतृक घर है. आगे की शिक्षा उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से पूरी की, जहां से दर्शनशास्त्र में परास्नातक किया. इसी दौरान उनका परिवार बाराबंकी आकर बस गया और बाराबंकी से उनका गहरा जुड़ाव हो गया.
सिविल सेवा की तैयारी करने प्रयागराज पहुंचे
संजय चार बहनों और दो भाइयों में सबसे बड़े हैं. उनके पिता रेलवे में कार्यरत थे, जबकि माता गृहिणी थीं. परास्नातक के बाद सिविल सेवा की तैयारी के लिए संजय प्रयागराज पहुंचे, लेकिन वहां उनका जुड़ाव रंगमंच से हो गया. राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) के वागेश कुमार सिंह ने उन्हें रंगमंच से जोड़ा. इसके बाद उन्होंने लगातार कई नाटकों में अभिनय किया. उन्होंने एनएसडी की प्रवेश परीक्षा भी उत्तीर्ण की, लेकिन साक्षात्कार में चयन नहीं हो सका.
2004 में काम की तलाश में मुंबई पहुंचे
साल 2004-05 के आसपास संजय पूरी तरह मुंबई आ गए और फिल्मों में काम की तलाश शुरू की. फिल्मकार विशाल भारद्वाज ने अपनी लघु फिल्म ‘ब्लड ब्रदर्स’ में उन्हें नशे के आदी व्यक्ति की छोटी लेकिन महत्वपूर्ण भूमिका दी. इसके बाद तिग्मांशु धूलिया की फिल्म ‘शागिर्द’ में अनुराग कश्यप के साथ गैंगस्टर की भूमिका निभाई. इसके बाद संजय को हॉलीवुड फिल्मकार जेनिफर लिंच की फिल्म ‘हिस्स’ में काम करने का अवसर मिला. निशिकांत कामत की फिल्म ‘मुंबई मेरी जान’ में भी उन्होंने अभिनय किया.
इन फिल्मों में किया काम
अनुराग कश्यप के साथ वे चर्चित वेब सीरीज ‘सेक्रेड गेम्स’ का हिस्सा रहे. अमोल गुप्ते के साथ ‘हवा हवाई’, राधिका आप्टे के साथ भारत-ब्रिटेन की फिल्म ‘बॉम्बैरिया’ और ईरानी फिल्मकार माजिद मजीदी की फिल्म ‘बियॉन्ड द क्लाउड्स’ में भी उन्होंने काम किया. संजय त्रिपाठी को करीब 15 वर्ष पहले प्रियदर्शन की फिल्म ‘आक्रोश’ में भी काम करने का अवसर मिला था. करीब तीन वर्ष पहले रामोजी राव फिल्म सिटी में काम के दौरान उन्होंने प्रियदर्शन को इस पुराने जुड़ाव की याद दिलाई. प्रियदर्शन को भी वह बात याद आ गई.
प्रियदर्शन अपने आप में सिनेमा की यूनिवर्सिटी: संजय त्रिपाठी
उन्होंने अपने सहयोगी के माध्यम से संजय को अपनी फिल्म के लिए बुलाया और इस तरह उन्हें अक्षय कुमार और सैफ अली खान के साथ काम करने का मौका मिला. संजय प्रियदर्शन को बेहद बेहतरीन फिल्म निर्देशक मानते हैं और उनके अनुसार प्रियदर्शन अपने आप में सिनेमा की एक विश्वविद्यालय हैं. उनकी फिल्म ‘हैवान’ 11 सितंबर को रिलीज हो चुकी है. संजय कहते हैं कि दर्शकों का प्यार और समर्थन उनके लिए सबसे ज्यादा मायने रखता है. मुंबई को दुनिया का सबसे अच्छा शहर मानने वाले संजय आज भी लखनऊ, उन्नाव और बाराबंकी में बिताए दिनों को याद करते हैं. उनका कहना है कि इन शहरों और यहां के लोगों से उनका भावनात्मक जुड़ाव आज भी बना हुआ है. बाराबंकी से अपने विशेष रिश्ते के कारण वह यहां के लोगों से मिलने वाले स्नेह और समर्थन को अपने लिए खास मानते हैं.