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Who is Dhanraj Parimal Nathwani: रिलायंस के कॉरपोरेट गलियारों से लेकर गुजरात के क्रिकेट प्रशासन तक पहचान बनाने वाले धनराज परिमल नाथवानी अब उत्तर प्रदेश की राजनीति में चर्चा में हैं. समाजवादी पार्टी ने उन्हें राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया है. बुधवार को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में धनराज नाथवानी और पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रो. रामगोपाल यादव ने विधानसभा परिसर स्थित निर्वाचन कार्यालय में नामांकन दाखिल किया. धनराज नाथवानी का नाम सामने आने के बाद उनके कारोबारी और खेल प्रशासन से जुड़े प्रोफाइल को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई है. आइए जानते हैं कौन हैं धनराज परिमल नाथवानी और अब तक उनका सफर कैसा रहा है.
रिलायंस समूह से 2010 से जुड़े हैं धनराज नाथवानी
धनराज परिमल नाथवानी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड में ग्रुप प्रेसिडेंट हैं. वह रिलायंस न्यू एनर्जी लिमिटेड के निदेशक भी हैं. उनकी प्रोफाइल के मुताबिक, वह वर्ष 2010 से रिलायंस समूह से अलग-अलग जिम्मेदारियों के साथ जुड़े हुए हैं. रिलायंस में उन्होंने वित्त, लेखा, खरीद, मानव संसाधन, कॉरपोरेट अफेयर्स और सुरक्षा समेत कई गैर-तकनीकी विभागों से जुड़ी जिम्मेदारियां संभाली हैं.
गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष
कॉरपोरेट क्षेत्र के अलावा धनराज नाथवानी की पहचान खेल प्रशासन से भी जुड़ी है. वह गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन (GCA) के अध्यक्ष हैं. इससे पहले वह GCA के उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं. उनकी प्रोफाइल के अनुसार, अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण से जुड़े प्रोजेक्ट में भी उनकी भूमिका रही है. वह गुजरात स्टेट फुटबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष के तौर पर भी काम कर चुके हैं.
द्वारका देवस्थान समिति के उपाध्यक्ष
धनराज नाथवानी द्वारका देवस्थान समिति के उपाध्यक्ष भी हैं. यानी कॉरपोरेट और खेल प्रशासन के अलावा धार्मिक-सामाजिक संस्थाओं से भी उनका जुड़ाव रहा है.
पिता भी हैं राज्यसभा सदस्य
धनराज नाथवानी के पिता परिमल नाथवानी रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़े रहे हैं. वह राज्यसभा सदस्य भी हैं. ऐसे में धनराज नाथवानी का रिलायंस समूह और सार्वजनिक जीवन से जुड़ा पारिवारिक बैकग्राउंड भी है.
कहां से की पढ़ाई?
धनराज नाथवानी ने लंदन के रीजेंट्स बिजनेस स्कूल से इंटरनेशनल बिजनेस की पढ़ाई की है. इसके अलावा उन्होंने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट से कॉरपोरेट लॉ और पब्लिक रिलेशंस मैनेजमेंट में विशेषज्ञता के साथ एमबीए किया है.
सपा का सियासी गणित और 'सरप्राइज' दांव
सपा सूत्रों के मुताबिक, पार्टी ने एक ओर जहां संसदीय मामलों के अनुभवी प्रो. रामगोपाल यादव को चुनकर अपने कोर वोट बैंक और संगठन को संदेश दिया है, वहीं धनराज नाथवानी जैसे उद्योगपति व खेल प्रशासक को राज्यसभा का टिकट देकर कॉरपोरेट और रणनीतिक गलियारों में नई हलचल पैदा कर दी है. विधानसभा में संख्या बल के हिसाब से सपा की 2 सीटें तय मानी जा रही हैं, जबकि 16 अक्टूबर को होने वाली वोटिंग से पहले सपा तीसरे उम्मीदवार को लेकर भी रणनीति बना रही है.
10 सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान होना है। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर है। धनराज नाथवानी के उम्मीदवार बनाए जाने के बाद अब राज्यसभा चुनाव में उनकी भूमिका और सपा की आगे की रणनीति पर नजर रहेगी.