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UP Weather Alert: उत्तर प्रदेश में झमाझम बारिश के सिलसिले पर अब ब्रेक लग गया है. प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में धूप खिलने के साथ ही मौसम के मिजाज में नरमी देखी जा रही है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, उत्तर भारत से दक्षिण-पश्चिम मानसून धीरे-धीरे विदाई की ओर बढ़ रहा है. हालांकि, मानसून की विदाई के बीच मौसम में एक बार फिर बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है.
आज रहेगा मौसम शुष्क, मानसून की विदाई
मौसम केंद्र लखनऊ के पूर्वानुमान के मुताबिक, आज उत्तर प्रदेश के किसी भी हिस्से में भारी बारिश होने की कोई संभावना नहीं है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर पूर्वी यूपी तक मौसम शुष्क बना रहेगा. धूप खिलने के कारण तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है, जिससे दिन के समय हल्की उमस का अहसास होगा. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि राजस्थान और उत्तर भारत के कुछ अन्य हिस्सों से मानसून की विदाई के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बन चुकी हैं.
बंगाल की खाड़ी में बना लो प्रेशर सिस्टम
भले ही उत्तर भारत से मानसून विदा हो रहा हो, लेकिन बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक नया निम्न दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) सक्रिय हो गया है. इस मौसमी प्रणाली के असर से ओडिशा, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल जैसे पूर्वी राज्यों में मूसलाधार बारिश का दौर जारी है. इस लो प्रेशर सिस्टम की वजह से उत्तर प्रदेश के मौसम पर भी बड़ा प्रभाव पड़ने वाला है.
भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट
आईएमडी की रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में शांत पड़ा मौसम जल्द ही करवट लेने वाला है. 25 सितंबर से प्रदेश के कई जिलों में बादलों की आवाजाही बढ़ेगी और बारिश का एक नया स्पेल शुरू होगा. 24 सितंबर तक पूर्वी उत्तर प्रदेश के मौसम में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन 25 से 27 सितंबर के दौरान पूर्वांचल के अधिकांश जिलों में गरज-चमक और तेज आंधी के साथ व्यापक बारिश होनी की संभावना जताई गई है. इस दौरान कुछ स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश भी हो सकती है.
अब अगर बात करें पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मौसम की तो पश्चिमी जिलों में भी फिलहाल मौसम साफ रहेगा, लेकिन 26 और 27 सितंबर को यहां तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है.
किसानों और आम जनता के लिए सलाह
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि सितंबर के अंतिम सप्ताह में होने वाली यह अचानक बारिश और आंधी खरीफ की फसलों को नुकसान पहुंचा सकती है. किसानों को सलाह दी गई है कि वे कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाएं और जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखें. वहीं, आम जनता को 25 सितंबर के बाद आकाशीय बिजली और तेज हवाओं के दौरान खुले जगहों या पेड़ों के नीचे आश्रय न लेने की हिदायत दी गई है.