नंदन श्रीवास्तव/शिवा शर्मा हत्याकांड: चर्चित शिवा शर्मा हत्याकांड और जांच से जुड़े मामले में नागपुर से गिरफ्तार की गईं श्रद्धा दुबे और उसकी बहन रश्मि दुबे पर शिकंजा कसता जा रहा है. दोनों बहनों को लखनऊ लाने के बाद जेल की महिला बैरक के क्वारंटाइन बैरक में रखा गया है. पुलिस और जांच एजेंसियां दोनों से लगातार पूछताछ कर रही हैं. इस बीच, पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया के दौरान दोनों के अजीबोगरीब रवैये और साक्ष्य मिटाने के बड़े खुलासे सामने आए हैं.
जेल में दोनों बहनों को अलग बैरक में रखा गया है. श्रद्धा दुबे और उसकी बहन रश्मि को महिला वार्ड की क्वारंटीन बैरक में रखा गया है. ड्राइवर तनवीर उर्फ दानिश को सर्किल नंबर पांच की पुरुष बैरक में शिफ्ट किया गया है. ग्लैमरस लाइफस्टाइल से जेल के सामान्य रूटीन तक जिस श्रद्धा दुबे की लाइफस्टाइल को लेकर चर्चाएं होती थीं, अब उसे जेल के निर्धारित नियमों के मुताबिक रहना होगा. जेल में भोजन से लेकर सोने तक की व्यवस्था जेल मैनुअल के अनुसार होती है.
नागपुर से गिरफ्तारी के बाद गुरुवार को श्रद्धा को लखनऊ लाया गया. मेडिकल प्रक्रिया के दौरान स्टाफ ने उससे दाएं हाथ के अंगूठे का निशान लगाने को कहा. इसके लिए अंगूठे को स्याही वाले पैड पर लगाकर कागज पर निशान देना था. आरोप है कि श्रद्धा ने दाएं हाथ की जगह बाएं हाथ का अंगूठा पैड पर लगा दिया. वह कागज पर निशान लगाने जा रही थी, तभी मेडिकल स्टाफ ने उसकी कारस्तानी पकड़ ली और उसका हाथ पकड़ लिया. इसके बाद उससे दाएं हाथ के अंगूठे का निशान लगवाया गया.
पुलिस पूछताछ में श्रद्धा के मोबाइल फोन को लेकर भी सवाल किए गए. पुलिस के मुताबिक, आरोपितों के पास से दो मोबाइल फोन बरामद हुए हैं, जबकि अन्य फोन के बारे में पूछताछ की गई. श्रद्धा ने एक आईफोन नेपाल में गुम होने की बात कही और चौथे मोबाइल के बारे में जानकारी नहीं दी. पुलिस का कहाना है कि बरामद मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी. इनपुट के अनुसार, श्रद्धा और उसकी बहन पर सबूत मिटाने के उद्देश्य से अपने दो पुराने मोबाइल फोन नेपाल में फेंकने का आरोप है.
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, श्रद्धा की मेड से अलग-अलग पुलिस टीमों ने कई घंटे तक पूछताछ की. मेड ने अपने बयान में बताया कि 9 अक्टूबर को उसने श्रद्धा और शिवा के बीच झगड़ा हुआ था. दोनों के बीच काफी देर तक विवाद हुआ था. मेड के मुताबिक, श्रद्धा अपने संपर्कों का हवाला देकर शिवा को धमका रही थी. हालांकि, मेड यह सही से नहीं बता सकी कि शिवा किन परिस्थितियों में फ्लैट से गिरा था.
पुलिस इस मामले में अब तक सात लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है. अपार्टमेंट में रहने वाले एक व्यक्ति से भी पूछताछ की गई, जो शिवा के गिरने के बाद मदद के लिए पहुंचा था और उसे अस्पताल ले गया था.
पुलिस ने श्रद्धा दुबे के दो बैंक खाते फ्रीज कर दिए हैं. इनपुट के मुताबिक, एक खाते में करीब ढाई लाख रुपये थे, जिसे घटना से पहले साइबर फ्रॉड के मामले में फ्रीज किया गया था. दूसरा खाता शिवा की मौत के बाद फ्रीज किया गया, जिसमें करीब साढ़े छह लाख रुपये बताए गए हैं.
पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपितों ने कथित तौर पर बताया कि दुबग्गा निवासी आमिर उन्हें लखनऊ से लेकर निकला था. वे पहले सीतापुर गए और फिर बहराइच के रुपईडीहा के रास्ते नेपाल पहुंचे.
पुलिस ने पूछा कि श्रद्धा ने ट्रॉली बैग साथ क्यों नहीं रखा और बुर्का क्यों पहना. कथित तौर पर उसने बताया कि लो प्रोफाइल दिखने के लिए ट्रॉली बैग छोड़ दिया था. नेपाल से महराजगंज में जिस रास्ते से वे दाखिल हुए, वह मुस्लिम इलाका था. इसलिए बुर्का पहन लिया था.
पुलिस ने पूछा कि 8/9 अक्टूबर की रात कहां घूमने गए थे? तब पुलिस के सवालों के जवाब में श्रद्धा ने कथित तौर पर बताया कि वह और शिवा 8 और 9 अक्टूबर की रात पार्टी करने गए थे. उसके मुताबिक, वे रातभर पार्टी करने के बाद 9 अक्टूबर की सुबह करीब सात बजे फ्लैट पर पहुंचे थे.
शिवा के शरीर पर मेकअप होने के सवाल पर श्रद्धा ने कहा कि वह उसका बॉयफ्रेंड था और शरीर पर लिपस्टिक के निशान थे. श्रद्धा के मुताबिक, दोनों साथ सो रहे थे और इसी दौरान उसकी नींद खुली तो शिवा उसके सामने फ्लैट से कूद गया. उसने अपने बयान को पहले दिए गए इंटरव्यू के समान बताया था.
पुलिस ने सवाल किया कि सरेंडर करने आई थी तो भागी क्यों? इस पर श्रद्धा ने कहा कि अग्रिम जमानत, सरेंडर की प्रक्रिया और FIR क्वैश होने की प्रक्रिया में काफी समय लगना था. इसलिए उसने मन बना लिया था कि पुलिस के सामने सरेंडर कर देगी, लेकिन ड्राइवर दानिश ने कहा कि पुलिस के सामने सरेंडर किया तो बहुत पीटेगी. इसलिए हम लखनऊ में हाईकोर्ट के वकील से मिलने के बाद भाग गए.
आरोपितों ने कथित तौर पर यह भी बताया कि नेपाल से लौटने के बाद वे देश छोड़ने की फिराक में थे, लेकिन पुलिस की ओर से लुकआउट नोटिस जारी होने के कारण हवाई यात्रा नहीं कर सकते थे.
पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपितों ने कथित तौर पर बताया कि वे फ्लैट में जो कैश था उसको लेकर भागे थे और बाद में उनके पास करीब 25 हजार रुपये ही बचे थे. इनपुट के मुताबिक, फरारी के दौरान वे कैब चालको को उनकी डिमांड से अधिक रुपये दे रहे थे.
पुलिस ने पूछा कि नागपुर में फ्लैट किसने दिलाया था ? पहले तो आरोपितों ने गोलमोल जवाब दिया. फिर बताया कि फ्लैट ऑनलाइन बुक किया था. यह भी बताया कि 18/19 की रात कुछ देर के लिए गोविंदनगर इलाके में एक होटल में रुके थे. रात करीब डेढ़ बजे वहां से निकल कर फतेहपुर, सतना होते हुए नागपुर पहुंचे.
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान एक बार कॉलिंग से जुड़ा गलत आईपी एड्रेस मिलने पर टीम प्रयागराज पहुंच गई थी. वहां पहुंचने के बाद पता चला कि आईपी एड्रेस गलत था.
पुलिस के मुताबिक, श्रद्धा वॉट्सऐप कॉलिंग के लिए अधिकतर ड्राइवर दानिश के फोन का इस्तेमाल करती थी. नागपुर जाते समय उसने कैब ड्राइवर से हॉटस्पॉट भी लिया था. पुलिस के अनुसार, ड्राइवर ने 19 अक्टूबर की देर शाम आरोपितों को नागपुर छोड़ा था.