लखनऊ/नंदन श्रीवास्तव: लखनऊ के चर्चित कारोबारी शिवा शर्मा संदिग्ध मौत मामले में मुख्य आरोपी मॉडल श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर दानिश को पुलिस महाराष्ट्र के नागपुर से लखनऊ ले आई है. राजधानी लखनऊ पहुंचने के बाद तीनों को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा. इसके बाद पुलिस आगे की रिमांड प्रक्रिया पूरी करेगी. तीनों को हजरतगंज थाने ले जाया गया. मेडिकल के बाद तीनों को कोर्ट में पेश किया जाएगा.
72 घंटे की ट्रांजिट रिमांड मंजूर
मामले में वैधानिक कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस और एसटीएफ ने नागपुर की स्थानीय अदालत से तीनों आरोपियों की 72 घंटे की ट्रांजिट रिमांड हासिल कर ली थी. कोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद पुलिस टीम तीनों को कड़ी सुरक्षा के बीच लखनऊ लाया जा रहा है. यूपी STF के सूत्रों के मुताबिक, पहले श्रद्धा दुबे को फ्लाइट से लखनऊ लाने की योजना बनाई गई थी लेकिन नागपुर से डायरेक्ट फ्लाइट उपलब्ध नहीं होने के चलते सड़क मार्ग से लाने का फैसला किया गया.
आज कोर्ट में पेशी
लखनऊ पहुंचने के बाद पुलिस तीनों आरोपियों को स्थानीय अदालत में पेश करेगी. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, लखनऊ लाने के बाद एसटीएफ और स्थानीय पुलिस आरोपियों की कस्टडी रिमांड की मांग करेगी, ताकि शिवा शर्मा की मौत की गुत्थी, साजिश के पीछे की वजहों और फरारी के दौरान मदद करने वाले सहयोगियों को लेकर गहन पूछताछ की जा सके.
गिरफ्तारी के बाद दो और ऑडियो हुए वायरल
श्रद्धा दुबे की गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर उसके दो और ऑडियो आए हैं. इसमें भी वह शिवा को गालियां दे रही है. इसके साथ ही उसे अंजाम भुगतने की धमकियां भी देती है. गिरफ्तारी के बाद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें आरोपी श्रद्धा नागपुर में पुलिस हिरासत के दौरान अजीब सवाल पूछती नजर आई. श्रद्धा दुबे को जब नागपुर से गिरफ्तार किया गया तो वह पूछ रही कि आगे बैठ जाऊं?
श्रद्धा दुबे केस में Z गैंग का एंगल!
श्रद्धा दुबे केस में Z गैंग का एंगल सामने आने के बाद जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है. लखनऊ के कारोबारी शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत मामले में आरोपी श्रद्धा दुबे का नागपुर कनेक्शन, मुंबई में ठिकाने की तैयारी और अब Z गैंग की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं. जांच एजेंसियों का फोकस इस बात पर है कि क्या श्रद्धा की फरारी के दौरान किसी नेटवर्क ने उसकी मदद की थी और क्या मुंबई में ठहरने की व्यवस्था में Z गैंग की कोई भूमिका थी, हालांकि Z गैंग के कनेक्शन की आधिकारिक पुष्टि के बिना किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी और अब सभी की निगाहें लखनऊ पुलिस की पूछताछ पर टिकी हैं.