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रामपुर: उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ समाजवादी पार्टी नेता और पूर्व मंत्री आजम खान की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं. फर्जी दस्तावेजों और अन्य मामलों में पहले से ही रामपुर जिला जेल में बंद आजम खान से पूछताछ करने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम आज (मंगलवार) को जेल पहुंची. आजम खान से 8 घंटे पूछताछ के बाद टीम जेल से बाहर निकली.
बेटे अब्दुल्ला से भी पूछताछ
ईडी के चार अफसरों ने आजम खान के सामने सवालों की झड़ी लगा दी. मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी और जौहर ट्रस्ट से जुड़ी अनियमितताओं को लेकर उनसे पूछताछ की गई. इसके अलावा ईडी ने आज़म खान के बाद उनके बेटे अब्दुल्ला से भी पूछताछ की. ईडी की टीम सुबह 9 बजे जेल के अंदर गई थी. शाम के पांच बजे के बाद टीम बाहर निकली. मीडिया के सवालों का जवाब दिए बिना टीम रवाना हो गई.
सरकारी पैसों को लेकर चल रही जांच
सूत्रों के मुताबिक, टीम का मुख्य फोकस जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण, ट्रस्ट में हुई वित्तीय गड़बड़ियों और फर्जी दानदाताओं के मामलों पर फोकस रहा. जांच एजेंसी यह भी खंगाल रही है कि यूनिवर्सिटी के निर्माण में सरकारी विभागों के बजट का दुरुपयोग तो नहीं किया गया है.
बयानों का सत्यापन होगा
बता दें कि हाल ही में ईडी ने जौहर ट्रस्ट के मामले में आजम खान के करीबी ठेकेदारों, फर्म संचालकों और रामपुर की चमरोआ सीट से सपा विधायक नसीर अहमद खान से लंबी पूछताछ की थी. अब जांच एजेंसी इन सभी के द्वारा दिए गए बयानों और साक्ष्यों का मिलान सीधे आजम खान से आमने-सामने बैठाकर या उनसे पूछताछ की है. फर्जी डोनर्स को लेकर भी ईडी ने पूछताछ की.
दो पैन कार्ड मामले में जेल में बंद
सूत्रों का यह भी कहना है कि आजम खान के बाद उनके बेटे अब्दुल्ला आजम से भी जेल के भीतर ही पूछताछ की गई है. जौहर यूनिवर्सिटी में सरकारी विभागों के बजट से निर्माण कार्य कराने, डमी ट्रस्टी औऱ फर्जी दानदाताओं के बारे में भी सवाल किए. बता दें कि आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम 17 नवंबर 2025 से दो पैन कार्ड से जुड़े मामले में रामपुर जिला जेल में बंद हैं. जौहर यूनिवर्सिटी और ट्रस्ट से जुड़े मामले में ईडी की पूछताछ को जांच के लिहाज से अहम माना जा रहा है. ईडी के इस शिकंजे से आजम परिवार की कानूनी मुश्किलें और अधिक गहरी होती दिख रही हैं.