वेदेंद्र प्रताप शर्मा/आज़मगढ़: उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है. इसी कड़ी में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने आज़मगढ़ के अल्मोड़ा में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी और भाजपा दोनों पर जमकर निशाना साधा. ओवैसी ने आगामी विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे अब किसी की गुलामी न करें बल्कि खुद अपने नेता बनें.
"लाल टोपी ने मुसलमानों को सिर्फ पहनाई टोपी"
सभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर सीधा हमला बोला. उन्होंने कहा कि युवाओं को अपनी जवानी अपने माता-पिता के नाम कुर्बान करनी चाहिए, न कि अखिलेश यादव के नाम। ओवैसी ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी ने हमेशा मुसलमानों का इस्तेमाल सिर्फ अपना सियासी कद बढ़ाने और सत्ता की सीढ़ी चढ़ने के लिए किया है, मगर उन्हें कभी समाज में बराबरी का हक नहीं दिया.
स्थानीय मुद्दों को उठाते हुए उन्होंने कहा कि सैफई में अनगिनत स्कूल-कॉलेज हैं, लेकिन आज़मगढ़ में, जहां लंबे समय तक डबल यादव (सपा) की सरकार रही—विकास के नाम पर निराशा ही हाथ लगी है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ऐतिहासिक शिबली एकेडमी को अखिलेश यादव सरकार के दौरान सिर्फ 5 लाख रुपये दिए गए थे. आज़मगढ़ में कई सांसद, विधायक और जिला पंचायत अध्यक्ष होने के बावजूद यहां की सड़कें आज भी बदहाल हैं।
सीएम योगी और अखिलेश यादव को दी खुली चुनौती
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अखिलेश यादव के बीच अक्सर होने वाले जुबानी हमलों पर प्रतिक्रिया देते हुए ओवैसी ने दोनों नेताओं को चुनावी अखाड़े की चुनौती दे डाली. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संभल से चुनाव लड़ना चाहिए, जबकि अखिलेश यादव को गोरखपुर से मैदान में उतरना चाहिए. ओवैसी ने कहा कि वे एक-दूसरे को मौखिक चुनौती देने के बजाय इन सीटों से चुनाव लड़कर दिखाएं, जिससे जनता को यह साफ हो सके कि किस नेता में कितना दम है.
एनकाउंटर और बुलडोजर कार्रवाई पर उठाए सवाल
केंद्र और राज्य सरकार की कार्यशैली पर हमला बोलते हुए AIMIM प्रमुख ने उत्तर प्रदेश में हो रहे एनकाउंटरों और बुलडोजर एक्शन का भी जिक्र किया. उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि अब तो एनकाउंटरों का नाम प्रधानमंत्री के नाम पर कोई योजना रख देना चाहिए और चुनाव आयोग का नाम बदलकर 'प्रधानमंत्री सरकार बनाओ कार्यालय' कर देना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने चुनिंदा लोगों के घरों, दुकानों, मस्जिदों और कब्रिस्तानों पर बुलडोजर चलवाने का काम किया है.
दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन का जिक्र करते हुए ओवैसी ने कहा कि सरकार की पाबंदियों और युवाओं की गिरफ्तारियों से उनके हौसले नहीं टूटने वाले हैं. ओवैसी के इस आक्रामक तेवर ने यूपी के सियासी पारे को एक बार फिर गर्मा दिया है.