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ग्रेटर नोएडा के सेक्टर पाई के पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की शाखा इन दिनों विवादों में है. करोड़ों रुपये के कथित फर्जीवाड़े की खबर फैलते ही गुरुवार को भी बैंक परिसर में खाताधारकों की भीड़ उमड़ पड़ी. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) के मुआवजे की रकम जमा करने वाले कई किसान और स्थानीय निवासी जब अपना पैसा निकालने पहुंचे, तो उनके खातों से पैसे गायब मिले. इनमें एक व्यक्ति ऐसा भी है, जिसने अपनी दिव्यांग बेटी के इलाज के लिए एफडी करवाई थी, जिसका पैसा अब गायब है.
गुस्साए लोगों का कहना है कि जब तक उनकी पाई-पाई वापस नहीं मिलेगी, वे बैंक के बाहर ही डटे रहेंगे.
जब ज़ी मीडिया की टीम मौके पर पहुंची तो संजय नाम के शख्स भी बैंक से पैसा निकालने के लिए आए हुए थे. उन्होंने बताया कि उनकी बेटी दिव्यांग है, जिसका इलाज चल रहा है. उसके इलाज के लिए ढाई लाख रुपये डॉक्टर ने मांगे हैं. मैंने 2024 में नोएडा एयरपोर्ट से मुआवजा मिलने के बाद 12 लाख रुपये की एफडी करवाई थी, लेकिन आज जब बच्ची के इलाज के लिए रुपये की जरूरत पड़ी तो मेरे खाते में कुछ भी नहीं बचा है.
अब संजय काफी परेशान है. उनका कहना है कि अब वह किससे अपनी बेटी के इलाज के लिए पैसे मांगेंगे, क्योंकि यह एफडी उन्होंने केवल बेटी के इलाज के लिए ही कराई थी.
वहीं, बिरोंडा के रहने वाले शमसुद्दीन ने ज़ी मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि मुआवजा मिलने के बाद रुपये बैंक में जमा किए थे और करीब नौ लाख रुपये जमा थे, जब आज निकालने आए तो बैंक वालों ने उल्टे 46 हजार रुपये हमपर ही बकाया बता दिया, जिसे उन्हें जमा करना होगा. जबकि, मेरे 9 लाख का कोई जवाब नहीं दिया, वह अकाउंट से गायब कर दिए.
इसके अलावा धर्म सिंह नाम के खाताधारक के खाते से जेवर एयरपोर्ट मुआवजे के पूरे डेढ़ करोड़ रुपये गायब मिले. उन्होंने बताया कि जेवर एयरपोर्ट का डेढ़ करोड़ का मुआवजा मिला था, जब आज पैसे निकालने आए तो अकाउंट बिल्कुल खाली है और बैलेंस जीरो है. बैंक वालों ने कहा कि जल्दी ही आपके पैसे वापस मिल जाएंगे.
फर्जीवाड़े की खबर जंगल की आग की तरह फैली, जिसके बाद शिल्पी नाम की एक महिला खाताधारक भी घबराई हुई बैंक पहुंचीं. हालांकि, जांच कराने के बाद उन्हें राहत मिली, क्योंकि उनकी 1.5 लाख रुपये की एफडी सुरक्षित थी. उन्होंने बताया कि हमने अपना अकाउंट चेक कराया. हमारी एक डेढ़ लाख रुपये की एफडी सुरक्षित है और खाते में पैसे हैं. बैंक में गड़बड़ी की खबर मिलने के बाद हम लोग काफी घबरा गए थे, लेकिन अब संतुष्ट हैं.
दरअसल, ऐच्छर गांव के पंजाब नेशनल बैंक शाखा में कथित घोटाला हुआ है. गुरुवार तक करीब 30 खाता धारकों ने एफडी तोड़कर और बचत खाते से रकम में हेरफेर की शिकायत की है. इन 30 खाता धारकों की करीब 35 करोड़ रुपये हेरफेर किए जाने का खुलासा हुआ है. घोटाले का खुलासा होते ही खाता धारक अपने-अपने अकाउंट की जांच करने आ रहे हैं.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, बैंक की ओर से 1 लाख रुपये से अधिक की निकासी के लिए 4-5 दिन पहले सूचना देने वाले संदिग्ध मैसेज और फोन कॉल मिलने पर जब खाताधारकों ने अपने खातों की जांच की, तो बचत और एफडी खातों से पैसे गायब मिले, जिसके बाद बुधवार को कई ग्राहक पासबुक लेकर बैंक पहुंचे और अपनी जमा रकम वापस पाने के लिए बैंक के बाहर विरोध प्रदर्शन करने लगे. बैंक के मुख्य प्रबंधक राकेश निगम का कहना है कि यह गड़बड़ी कब शुरू हुई, इसकी सही जानकारी फिलहाल नहीं है. जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा.
वहीं, इस मामले में बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय ने शाखा प्रबंधक समेत पांच कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है और शाखा में नए स्टाफ की तैनाती कर दी गई है. भारतीय किसान यूनियन (कृषक) ने गबन की रकम 130 से 150 करोड़ होने का आरोप लगाया है और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है.
हालांकि, अब तक कुल रकम की आधिकारिक पुष्टि हुई है. फिलहाल 18 खाता धारकों की एफडी तोड़कर धनराशि गबन करने का केस दर्ज पुलिस जांच कर रही है. बैंक की एंटी करप्शन टीम भी जांच में जुट गई है.
(ग्रेटर नोएडा से भूपेश प्रताप सिंह की रिपोर्ट)