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मोतिहारी के शिक्षा विभाग में फर्जी लोगों के नाम पर शिक्षकों के वेतन का करीब 60 लाख रुपया गबन के मामले में अब मोतिहारी प्रशासन सख्त होता दिखाई दे रहा है. दो कर्मियों पर एफआईआर दर्ज होने के 24 घंटे के अंदर जहां एसपी ने दोनों आरोपियों पर दस-दस हजार रुपये के इनाम की घोषणा कर दी है. वहीं, अब मोतिहारी डीएम ने भी सख्त रुख अख्तियार करते हुए शिक्षा विभाग समेत सभी विभागों को वेतन भुगतान की जांच कर के ही अगला भुगतान करने का निर्देश दिया है.
डीएम सुमन सौरभ यादव ने अपने आदेश में जो बड़ी बात कही है, वह यह है कि पूर्व के भुगतान की जांच कर गड़बड़ी मिलने पर भुगतान के लिए बने बिल के मेकर, चेकर और एप्रूभर पर एफआईआर दर्ज करते हुए राशि वसूली की जाए यानी कि शिक्षा विभाग में जांच में अब जब गबन की पुष्टि के बाद सिर्फ दो कर्मियों पर जो एफआईआर दर्ज हुआ है, वह गबन वाली राशि का भुगतान मेकर, चेकर समेत एप्रूभर के पास किए जाने के बाद ही हुआ है.
मोतिहारी में पुलिस प्रशासन अपराधियों और भ्रष्टाचारियों के खिलाफ लगातार सख्ती बरत रहा है. इसी कड़ी में नगर थाना कांड संख्या-1054/26 (सरकारी राशि का गबन) के मामले में फरार चल रहे 2 प्राथमिक अभियुक्तों पर मोतिहारी पुलिस ने 10-10 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की है.
मो. इमादुद्दीन शाबिर (पिता- मो० जलालुद्दीन शाबिर), निवासी- सिसहनी, थाना- कुंडवाचैनपुर, जिला- पूर्वी चंपारण. अमन कुमार (पिता- सत्यनारायण प्रसाद), निवासी- नया मोहल्ला छतौनी बाजार, थाना- छतौनी, जिला- पूर्वी चंपारण. वहीं, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इन अभियुक्तों के बारे में सटीक सूचना देने वाले व्यक्ति को इनाम की राशि दी जाएगी और उनकी पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी.
जिला स्थापना शाखा, समाहरणालय पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) द्वारा वित्तीय पारदर्शिता और अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए एक बेहद सख्त और अहम आदेश जारी किया गया है. जिलाधिकारी द्वारा जारी पत्रांक-1465 (दिनांक- 27.10.2026) के माध्यम से सभी निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है.
गृह विभाग और शिक्षा विभाग के अंतर्गत अधिकारियों, कर्मियों एवं शिक्षणेत्तर कर्मियों के वेतन-भुगतान से संबंधित आंकड़ों की जब शुरुआती जांच की गई, तो प्रथम दृष्टया कई बड़ी विसंगतियां (अनियमितताएं) सामने आईं. इसी गड़बड़ी को रोकने के लिए यह निर्देश दिए गए हैं.
अब मुख्यालय समेत आपके विभाग के शत-प्रतिशत अधिकारियों एवं कर्मियों के वेतन और भत्तों की जांच वरीय पदाधिकारी द्वारा कराई जाएगी, उसके बाद ही अक्टूबर-2026 के वेतन का भुगतान किया जाएगा. यह नियम अब हर महीने लागू रहेगा.
अगर पिछले भुगतानों में किसी भी प्रकार की अनियमितता या गड़बड़ी पाई जाती है, तो संबंधित Maker, Checker और Approver के विरुद्ध विधिसम्मत आपराधिक और अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी और अतिरिक्त भुगतान की गई राशि की वसूली सुनिश्चित होगी. वहीं, Maker, Checker और Approver का जिम्मा प्राथमिकता के आधार पर केवल नियमित पदाधिकारियों और कर्मियों को ही सौंपा जाए, जिसे सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए.
रिपोर्ट: पंकज कुमार