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अब हिंसा करने वालों को नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी: यूपी सरकार के नए नियमों पर गरमाई सियासत, जानें किसने क्या कहा?

अगर आप हिंसक गतिविधियों में शामिल होते हैं तो सरकारी नौकरी का सपना कभी पूरा नहीं होगा. प्रदेश सरकार ने सरकारी नौकरियों के लिए चुने गए उम्मीदवारों के कैरेक्टर सर्टिफिकेट के नियमों को पहले से सख्त कर दिया है. जिसे लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है.

अब हिंसा करने वालों को नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी: यूपी सरकार के नए नियमों पर गरमाई सियासत, जानें किसने क्या कहा?

अगर आप सरकारी नौकरी करना चाहते हैं तो आपके लिए जरूरी खबर है. प्रदेश की योगी सरकार ने सरकारी नौकरियों के नियमों में एक बड़ा बदलाव किया है. इलाहाबाद हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद नियुक्ति और कार्मिक विभाग ने सरकारी नौकरियों के लिए कैरेक्टर वेरिफिकेशन के नियमों को कड़ा कर दिया है. नए दिशा-निर्देशों के तहत, अब अगर कोई युवा मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था को बदलने के लिए हिंसक गतिविधियों या गैर-कानूनी प्रदर्शनों में शामिल होता है, तो उसे सरकारी नौकरी के लिए पूरी तरह अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा.

किन विभागों में लागू होंगे ये नियम?

यह फैसला हाल ही में दिल्ली में 'सत्ता परिवर्तन' (Regime Change) की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों और बांग्लादेश की राजनीतिक उथल-पुथल के बाद सामने आया है. नियुक्ति और कार्मिक विभाग के प्रमुख सचिव एम. देवराज की तरफ से जारी गाइडलाइंस के मुताबिक, यूपी सरकार के विभागों, निगमों, परिषदों और स्थानीय निकायों में सीधी भर्ती पर ये नियम लागू होंगे. सरकार के इस कदम से राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है.

सुरेश खन्ना का बड़ा बयान

इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि सिर्फ सरकारी नौकरी ही क्यों, ऐसे लोगों को कोई अन्य सुविधा भी नहीं मिलनी जो देश विरोधी बातें करते हैं. वहीं, इस नई गाइडलाइन के सामने आते ही विपक्षी दलों ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है.

समाजवादी पार्टी ने इस आदेश की कड़ी आलोचना करते हुए इसकी तुलना सीधे ब्रिटिश शासन के दौरान लगाए जाने वाले काले कानूनों से की है. जबकि, कांग्रेस ने भी सरकार के इस फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसे मामलों का फैसला अदालतों को करना चाहिए, न कि प्रशासनिक मशीनरी को.

क्या हैं नए नियम और किस पर नहीं होगा असर?

संशोधित नियमों के मुताबिक, अगर कोई उम्मीदवार ऐसे किसी संगठन से जुड़ा है, जो हिंसक तरीकों से व्यवस्था बदलने की वकालत करता है, तो उसका चयन रद्द हो सकता है. सर्टिफिकेट से ठीक पहले के तीन सालों में ऐसी गतिविधियों में संलिप्तता को लगातार जुड़ाव माना जाएगा. हालांकि, अगर इस बात के पुख्ता सबूत मिलते हैं कि उम्मीदवार के आचरण में सुधार आ चुका है, तो इस पर विचार किया जा सकता है.

सरकार ने स्पष्ट किया है कि केवल राजनीतिक विचारधारा के आधार पर किसी को अयोग्य नहीं ठहराया जाएगा. इसके साथ ही, राहत की बात यह है कि केवल FIR दर्ज होने या जांच लंबित रहने मात्र से कोई उम्मीदवार अयोग्य नहीं होगा. बरी हो चुके मामले, आपसी समझौते से सुलझे विवाद और किशोर न्याय कानून के दायरे वाले मामले इसमें बाधक नहीं बनेंगे. पुलिस या एलआईयू को वेरिफिकेशन के लिए आवेदक के घर जाने की अनिवार्यता नहीं होगी और पूरी प्रक्रिया 30 दिनों के भीतर पूरी करनी होगी.

चुनाव से पहले बना बड़ा मुद्दा

इतना ही नहीं, जो कर्मचारी पहले से ही सरकारी सेवा में हैं, उन्हें इस नए वेरिफिकेशन से छूट दी गई है. अगर वेरिफिकेशन रिपोर्ट प्रतिकूल आती है, तो जिला मजिस्ट्रेट को कोई भी सिफारिश भेजने से पहले संबंधित उम्मीदवार को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाएगा. फिलहाल, यह नया नियम आगामी चुनावों से पहले सियासत का एक बड़ा मुद्दा बन गया है.

(लखनऊ से मयूर शुक्ला की रिपोर्ट)

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About the Author

Pooja Singh

Pooja Singh

पूजा सिंह डिजिटल पत्रकार हैं और ज़ी उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड (Zee UP-UK) की डिजिटल टीम में सब-एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली से ताल्लुक रखने वाली पूजा को मीडिया जगत में 5 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है. वे उत्तर प्रदेश की हाइपर-लोकल खबरों, क्राइम, प्रशासनिक गतिविधियों, राजनीतिक उठापटक और खेल जगत के मुद्दों पर पैनी नजर रखते हैं. खबरों की गहराई, ग्राउंड रियलिटी और तथ्य-आधारित डिजिटल कवरेज के लिए वे जाने जाते हैं.पूजा के पास डेस्क एडिटिंग का व्यावहारिक अनुभव है.  स्थानीय प्रशासन, जनसमस्याओं और राजनीतिक हलचलों की बेहतर समझ उन्हें ज़मीनी वास्तविकताओं को सटीक रूप से प्रस्तुत करने में मदद करती है. ज़ी मीडिया से पहले उन्होंने भारत के लिडिंग हिंदी न्यूज़ चैनल टीवी 9 डिजिटल और न्यूज नेशन में काम करने का अनुभव है. पूजा ने भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है.पूजा सिंह से आप pooja.singh@india.com पर सीधे ईमेल कर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप पूजा से एक्स (ट्विटर) और लिंक्डइन पर कनेक्ट कर सकते हैं.
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