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आगरा में शिक्षा के नाम पर धड़ल्ले से अवैध दुकानें चल रही हैं, जिनपर बेसिक शिक्षा विभाग का हथौड़ा चल गया है. जिले में 59 अमान्य स्कूलों के खिलाफ विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी और सख्त कार्रवाई की है. जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) की इस कार्रवाई से फर्जी स्कूल संचालकों में हड़कंप मच गया है. विभाग ने इन सभी स्कूलों पर एक-एक लाख रुपये का भारी-भरकम जुर्माना लगाया है. साथ ही इनके संचालन पर पूरी तरह रोक लगाने के आदेश दिए हैं.
बेसिक शिक्षा विभाग ने हाल ही में जांच करवाई थी, जिसमें आगरा जिले के 6 विकास खंडों (ब्लॉकों) में कुल 59 स्कूल अवैध और फर्जी पाए गए. ये सभी स्कूल बिना किसी मान्यता के मासूम बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे थे.
विभाग द्वारा जारी लिस्ट के मुताबिक, अवैध संचालन के मामले में बाह ब्लॉक सबसे आगे है, जहां सबसे ज्यादा 15 स्कूल बिना मान्यता के संचालित हो रहे थे. इसके अलावा जैतपुरकलां में 13, जगनेर में 12, खेरागढ़ में 10, फतेहपुर सीकरी में 5 और अछनेरा ब्लॉक में 4 अवैध स्कूल चिह्नित किए गए हैं.
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. राकेश सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी संबंधित खंड शिक्षाधिकारियों (BEO) को कड़े निर्देश दिए हैं. बीएसए ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र के चिह्नित स्कूलों के संचालकों से तत्काल एक-एक लाख रुपये का जुर्माना वसूल करें. साथ ही, इन सभी स्कूलों का संचालन तुरंत बंद कराया जाए. कार्रवाई पूरी होने के बाद इसकी विस्तृत रिपोर्ट भी आला अधिकारियों को सौंपने को कहा गया है.
बेसिक शिक्षा विभाग के मुताबिक, बिना मान्यता के कोई भी स्कूल चलाना सीधे तौर पर शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 और उत्तर प्रदेश शिक्षा का अधिकार नियमावली, 2011 के प्रावधानों का उल्लंघन है. इसी के तहत अमान्य स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई हो रही है और आगे भी होगी. ऐसे किसी भी फर्जी स्कूल संचालक को बख्शा नहीं जाएगा, जो बच्चों के भविष्य को खतरे में डालकर अपना कारोबारा चला रहे हैं.
(आगरा से कपिल अग्रवाल की रिपोर्ट)