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लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानों के तीर एक बार फिर तीखे हो गए हैं. सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष और योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के हालिया अयोध्या दौरे को लेकर उन पर सीधा और तीखा हमला बोला है. राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक लंबा संदेश लिखकर अखिलेश यादव की नीयत और राजनीतिक प्रतिबद्धता पर सवाल उठाए हैं.
'अयोध्या गए लेकिन दर्शन नहीं किए'
ओपी राजभर ने अपने पोस्ट में अखिलेश यादव को टैग करते हुए लिखा कि वे अयोध्या गए लेकिन प्रभु श्री राम के दर्शन करने नहीं पहुंचे. राजभर ने तंज कसते हुए आरोप लगाया कि अपने वोट बैंक और राजनीतिक समीकरणों के दबाव के कारण अखिलेश यादव मंदिर जाने से बच रहे हैं.उन्होंने कहा कि अगर आस्था है तो उसे राजनीति का बंधक नहीं बनाना चाहिए और अगर आस्था नहीं है तो खुलकर नास्तिक होने की बात स्वीकार करनी चाहिए.
अखिलेश जी, हो आए अयोध्या? दर्शन करने नहीं गए ना? जाते भी कैसे, दाढ़ी-टोपी रूठ जो जाती। एक बात बताइयेगा? अयोध्या की सड़कों पर जब आप पहुंचे तो क्या आपके कानों में कारसेवकों की चीख़ें नहीं गूंजी? उन्हीं कारसेवकों की चीख़ें जिनपर आपके पिता जी ने गोली चलवाई थी? याद तो आई होगी? अंदर अंदर आप मुस्कुराए भी होंगे? अभी भी समय है, पश्चाताप कर लीजिए। पाप ख़त्म तो नहीं होंगे, शायद ईश्वर माफ़ कर दे। प्रभु श्री राम बड़े दयालु हैं। दूसरी बात। अगर आस्था है तो राजनैतिक समीकरण का बंधक मत बनिए। अगर आस्था नहीं है तो खुलकर कहिए कि मैं नास्तिक हूं। बीच में रहकर ना 80 के रहेंगे, ना 20 के। बाक़ी आपकी एक तस्वीर देखी। भोजन प्रसाद पाते हुए। आश्चर्य हुआ कि जो अखिलेश जी इफ़्तारी में टोपी लगाकर चहकते हुए दिखते हैं, वही अखिलेश जी कैसे असहज बैठे हैं। ये तस्वीर देखकर लग रहा है कि भोजन प्रसाद के लिए नहीं बल्कि वोट की भूख मिटाने बैठे हैं। ऐसा लगता है जैसे इफ़्तार वाली मुस्कान दिख गई तो मौलाना नाराज़ हो जायेंगे। उम्मीद है आपकी अंतरात्मा जागेगी और आज नहीं तो कल, आप प्रभु श्री राम के और प्रभु हनुमान के दर पर शीश नवाकर माफ़ी ज़रूर मांगेंगे। जय श्री राम, जय हनुमान। @yadavakhilesh
— Om Prakash Rajbhar (@oprajbhar) October 9, 2026
अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे पर उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा, "... आप जिस तरह का खेल कर रहे हैं आप खुद सशंकित हैं। आप अयोध्या गए थे तो हनुमान गढ़ी और भगवान राम के दर्शन कर लेते तो सवाल खड़े नहीं होते..."
'इफ्तार वाली मुस्कान और वोट की भूख'
अखिलेश यादव की अयोध्या में भोजन करते हुए सामने आई तस्वीर का जिक्र करते हुए सुभासपा प्रमुख ने कहा कि जो अखिलेश यादव इफ्तार पार्टियों में टोपी लगाकर चहकते नजर आते हैं, वही अयोध्या में प्रसाद ग्रहण करते समय बेहद असहज दिखाई दे रहे थे. राजभर ने आरोप लगाया कि यह तस्वीर देखकर साफ लगता है कि यह भोजन आस्था के लिए नहीं, बल्कि केवल राजनीतिक वोट बैंक की भूख मिटाने के लिए किया जा रहा था.

कारसेवकों का जिक्र कर मांगी माफी की सलाह
राजभर ने इतिहास के पन्नों को उकेरते हुए कारसेवकों पर हुई गोलीबारी की घटना का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को अपने पिता के शासनकाल की उन घटनाओं के लिए प्रभु श्री राम के दरबार में जाकर प्रायश्चित करना चाहिए। राजभर ने उम्मीद जताई कि अखिलेश यादव की अंतरात्मा जागेगी और वे एक दिन श्री राम और हनुमान जी के चरणों में शीश नवाकर जरूर माफी मांगेंगे.