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उत्तर प्रदेश सरकार के पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने जौनपुर में एक निजी कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आगामी 2027 विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए दावा किया कि समाजवादी पार्टी को इस बार सीटें जीतने के लिए तरसना पड़ेगा. मंत्री के इस बयान से प्रदेश की सियासत में जुबानी जंग और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं.
ओम प्रकाश राजभर ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच संबंधों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि राहुल गांधी, अखिलेश यादव से मानो यह कह रहे हैं कि ‘तेरा क्या होगा कालिया’. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की मंशा उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी को कमजोर करने की है. राजभर ने बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और बिहार में राष्ट्रीय जनता दल का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस उसी तरह उत्तर प्रदेश में सपा को खत्म होते देखना चाहती है.
ओम प्रकाश राजभर ने वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय उनका गठबंधन समाजवादी पार्टी के साथ था और पूर्वांचल में सपा को 65 सीटें जिताने में गठबंधन की भूमिका रही. उन्होंने चुनौती भरे अंदाज में कहा कि अब 2027 के चुनाव में समाजवादी पार्टी अपने दम पर जीत हासिल करके दिखाए.
विधान परिषद चुनाव की मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर पूछे गए सवाल पर ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि सरकार इस मामले में कार्रवाई कर रही है. उन्होंने मतदाता सूची में नामों के सामने गलत विवरण दर्ज होने के आरोपों का जिक्र करते हुए इसके लिए BLO की कार्यप्रणाली को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि कई जगहों पर निलंबन की कार्रवाई भी की जा रही है.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राजभर ने कहा कि खड़गे को देश से माफी मांगनी चाहिए. जौनपुर में दिए गए इन बयानों के जरिए ओम प्रकाश राजभर ने एक बार फिर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को निशाने पर लिया. उनके बयानों से साफ है कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होता जा रहा है.