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Om Prakash Rajbhar Target Akhilesh yadav: लोकनायक जयप्रकाश नारायण (जेपी) की जयंती के अवसर पर उत्तर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है. सोशल मीडिया के माध्यम से राजभर ने जेपीएनआईसी (JPNIC) के निर्माण और उसके संचालन को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं, साथ ही उन्हें अयोध्या से चुनाव लड़ने की खुली चुनौती भी दी है. उन्होंने जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (JPNIC) के निर्माण पर खर्च हुए 865 करोड़ रुपये का हिसाब मांगते हुए परियोजना को अधूरा छोड़ने पर सवाल उठाए.
।865 करोड़ खर्च के बाद भी JPNIC अधूरा क्यों?
ओमप्रकाश राजभर ने अपने पोस्ट में लिखा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण (Loknayak Jayaprakash Narayan) के नाम पर जेपीएनआईसी जैसा प्रोजेक्ट बनाया गया, जिसे 865 करोड़ रुपये खर्च करने के बाद भी अधूरा छोड़ दिया गया. उन्होंने सवाल किया कि इस भारी-भरकम बजट में से आखिर कितना पैसा किसकी जेब में गया? राजभर ने इसकी संचालन समिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसमें डिंपल यादव, धर्मेंद्र यादव और पूरे सैफई परिवार को क्यों बैठाया गया था? जनता के पैसों से बनी इमारत के व्यावसायिक हिस्सों—होटल, क्लब और जिम—की कमाई आखिर किसकी जेब में जानी थी?
अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती पर घेरा
राजनीतिक बयानबाजी को आगे बढ़ाते हुए राजभर ने अखिलेश यादव को चुनौती दी कि वे पीछे न भागें. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या से चुनाव लड़ने की उनकी चुनौती स्वीकार कर ली है. ओपी राजभर ने तंज कसते हुए कहा कि मैदान में उतरने के बाद ही उन्हें समझ आ जाएगा कि इटावा और मैनपुरी के 'यादवलैंड' के बाहर उनकी और उनकी पार्टी की ज़मीनी हकीकत क्या है. उन्होंने अपने पोस्ट के अंत में अखिलेश यादव को चुनौती से पीछे नहीं हटने की नसीहत भी दी.
सियासी बयानबाजी तेज
OP राजभर के इस बयान में JPNIC परियोजना पर खर्च, संचालन समिति और अयोध्या से चुनाव लड़ने का मुद्दा प्रमुख रहा.। उनके आरोपों और चुनौती से उत्तर प्रदेश की सियासत में बयानबाजी को नया मुद्दा मिल सकता है.