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पारस गोयल/मेरठ: मेरठ के चर्चित 'सौरभ हत्याकांड' (नीले ड्रम कांड) में जिला कोर्ट ने फैसला सुना दिया है. जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा ने सौरभ की पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को दोषी ठहराया है. अगली सुनवाई में सजा का ऐलान होगा. सौरभ के परिवार ने दोनों को फांसी की सजा की मांग की है.
मामले में 17 सितंबर को ही दोनों पक्षों की अंतिम बहस पूरी हो चुकी थी. पीड़ित परिवार और अभियोजन पक्ष (सरकारी वकील) ने अदालत से दोनों मुख्य आरोपियों के लिए फांसी (मृत्युदंड) की मांग की है. मुस्कान 3 दिनों से लगातार पूजा कर रही थी. साहिल ने मौन धारण किया हुए था. रात भर दोनों बेचैन थे. मुस्कान ने कहा कि अगर मुझे सजा मिले तो मेरे मां बाप और बच्चों से मिलवा देना. मुस्कान अभी भी साथी बंदियों से अपने को बेकसूर बताती है. दोनों रात भर नहीं सोए. दोनों ही कोर्ट में आने से बच रहे थे. मुस्कान और साहिल की कोर्ट में वर्चुअल पेश हुए.
17 सितंबर को पूरी हुई थी अंतिम बहस
सौरभ हत्याकांड में जिला जज की अदालत में 17 सितंबर को दोनों पक्षों की अंतिम बहस पूरी हो गई थी. इसके बाद अदालत ने 30 सितंबर को फैसले की तारीख तय की थी. मामले की सुनवाई के दौरान करीब 126 पेशियां हुईं और अभियोजन पक्ष की ओर से 22 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए. कोर्ट में अभियोजन पक्ष ने मामले से जुड़े परिस्थितिजन्य और वैज्ञानिक साक्ष्य पेश किए. वहीं, बचाव पक्ष ने अपनी दलीलें रखते हुए चश्मदीद गवाह नहीं होने का तर्क दिया. अब अदालत इन साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर कोर्ट ने फैसला सुनाया.
मुस्कान और प्रेमी साहिल ने रची थी खौफनाक साजिश
यह मामला मेरठ के ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र का है. 3 मार्च 2025 को सौरभ राजपूत की हत्या का मामला सामने आया था. सौरभ मर्चेंट नेवी में काम करते थे और उनकी शादी मुस्कान रस्तोगी से हुई थी. पुलिस जांच के बाद मुस्कान और साहिल शुक्ला को इस हत्याकांड में आरोपी बनाया गया था. सौरभ की पत्नी मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम दिया था. आरोपियों ने सौरभ की निर्मम हत्या करने के बाद उसके शव को टुकड़े-टुकड़े करके नीले रंग के प्लास्टिक ड्रम में भर दिया था. घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मुस्कान और साहिल बेखौफ होकर हिमाचल प्रदेश के मनाली घूमने चले गए थे, ताकि किसी को उन पर शक न हो.
सौरभ के परिवार को सजा का इंतजार
सौरभ के परिवारजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. मृतक के परिजनों ने अदालत से गुहार लगाई है कि जिस तरह से विश्वासघात कर निर्मम तरीके से सौरभ की जान ली गई, उसके लिए मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा दी जानी चाहिए. अभियोजन पक्ष ने भी इसे 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' (दुर्लभ से दुर्लभतम) मामला मानते हुए अदालत से अधिकतम सजा देने की अपील की है.