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पारस गोयल/मेरठ: मेरठ के थाना रेलवे रोड क्षेत्र स्थित केसरगंज मस्जिद का मामला तूल पकड़ता जा रहा है, हिंदू रक्षा दल द्वारा मस्जिद के बाहर हनुमान चालीसा पाठ करने के ऐलान के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है. एहतियात के तौर पर मेरठ पुलिस ने मस्जिद की ओर जाने वाले सभी रास्तों को बैरिकेडिंग लगाकर बंद कर दिया है और शहर के सभी प्रमुख चौराहों पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके और शहर में शांति व्यवस्था बनी रहे.
मस्जिद की तरफ जाने वाले सभी रास्ते सील
पुलिस ने एहतियात के तौर पर केसरगंज मस्जिद की तरफ जाने वाले सभी प्रमुख रास्तों को पूरी तरह से सील कर दिया है. मस्जिद की ओर बढ़ने वाले हर चौराहे पर भारी बैरिकेडिंग लगा दी गई है और मेरठ पुलिस के साथ-साथ अतिरिक्त बल भी चप्पे-चप्पे पर मुस्तैद नजर आ रहा है. किसी भी अप्रिय घटना या शांति व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश को नाकाम करने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी सख्ती बरत रहा है. आने-जाने वाले हर वाहन व संदिग्ध व्यक्ति पर कड़ी नजर रखी जा रही है. पुलिस का कहना है कि किसी भी अप्रिय घटना को रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियात के तौर पर ये कदम उठाए गए हैं.
क्या है पूरा मामला?
हिंदू रक्षा दल की ओर से केसरगंज मस्जिद के बाहर हनुमान चालीसा पढ़ने का ऐलान किया गया है. इसके मद्देनजर किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पुलिस ने मस्जिद की तरफ जाने वाले रास्तों पर आवाजाही प्रतिबंधित की है. इलाके में पुलिस की अतिरिक्त तैनाती की गई है और प्रमुख चौराहों पर बैरिकेडिंग की गई है.
फिलहाल पुलिस का फोकस कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी संभावित विवाद को रोकने पर है. स्थिति को देखते हुए इलाके में सुरक्षा व्यवस्था आगे भी जारी रखी जा सकती है.
वहीं संभल में भी पिछले कुछ समय से मस्जिद और धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों को लेकर प्रशासन की सक्रियता चर्चा में रही है. जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान नवंबर 2024 में हिंसा के बाद यहां सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन लगातार सतर्क रहा है. अलग-अलग मामलों में प्रशासन की ओर से जमीन और अतिक्रमण से जुड़े मामलों की जांच और कार्रवाई भी की गई है. ऐसे में मेरठ का केसरगंज मामला सामने आने के बाद पुलिस की प्राथमिकता किसी भी संभावित तनाव को रोकना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है.