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ब्लू ड्रम हत्याकांड: सलाखों के पीछे बदल जाएगी साहिल-मुस्कान की दुनिया, जानिए सजा पर वकीलों की क्या रही दलीलें?

Meerut Blue Drum Case: मेरठ के चर्चित ब्लू ड्रम हत्याकांड में जिला जज अरविंद कुमार मिश्र की अदालत में सजा पर बहस पूरी हो गई है. सभी वकीलों को कोर्ट रूम से बाहर निकाल दिया गया था. बंद कोर्ट रूम में सजा पर दोनों पक्ष के वकीलों ने अपना-अपना पक्ष रखा. सजा होने के बाद दोनों दोषियों की जिंदगी पूरी तरह बदल जाएगी.

ब्लू ड्रम हत्याकांड: सलाखों के पीछे बदल जाएगी साहिल-मुस्कान की दुनिया, जानिए सजा पर वकीलों की क्या रही दलीलें?

Meerut Blue Drum Case: सौरभ राजपूत मर्डर केस में जिला जज की अदालत में सुनवाई अब अपने सबसे अहम दौर में पहुंच गई है. जिला जेल से मुख्य आरोपी साहिल और मुस्कान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट की कार्यवाही से जुड़े. बंद कोर्ट रूम में गहमागहमी के बीच सजा को लेकर दोनों पक्षों के वकीलों की बहस पूरी हुई. इस बीच सभी वकीलों को कोर्ट रूम से बाहर निकाल दिया गया. इस दौरान जहां अभियोजन पक्ष ने इसे जघन्यतम अपराध बताते हुए फांसी की मांग की, वहीं बचाव पक्ष की ओर से लीगल डिफेंस काउंसिल ने सुधारात्मक सिद्धांत के आधार पर कम से कम सजा की पैरवी की.

बचाव पक्ष की वकील ने क्या कहा?
बचाव पक्ष की वकील ने कहा कि आज अभियोजन पक्ष ने अपना पक्ष रखते हुए डेथ पेनाल्टी की मांग की है. मैंने अपना पक्ष रिफॉर्मेटिव थ्योरी यानी सुधारात्मक सिद्धांत पर आधारित रखा गया है. सुप्रीम कोर्ट की जितनी भी गाइडलाइंस आई हैं, उन सभी को न्यायालय के समक्ष रखा है. उन्होंने कोर्ट के सामने दलील दी कि दोनों बंदियों में अभी भी सुधार और पुनर्वास (Rehabilitation) की पूरी संभावना है, इसलिए इन्हें कम से कम सजा यानी आजीवन कारावास दिया जाए. बचाव पक्ष की वकील ने कहा कि अब अंतिम फैसला क्या होगा, यह माननीय न्यायालय के हाथ में है.

वहीं डीजीसी ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने कई निर्णयों में कहा है कि ऐसे अपराधियों को यदि मृत्युदंड से नीचे की सजा देकर रियायत बरती जाती है तो यह कानून और न्यायिक व्यवस्था का मजाक होगा और कानून के राज को प्रभावहीन करेगा.

दोनों की समान भूमिका, बेटी का तर्क नहीं चलेगा
बचाव पक्ष ने यह तर्क दिया था कि मुस्कान की छोटी बेटी है. इस पर डीजीसी ने कहा कि साहिल और मुस्कान दोनों ने एक राय, एक मत होकर इस अपराध को अंजाम दिया है. दोनों की आपराधिक मानसिकता एक जैसी है. इसलिए बच्ची होने का तर्क उसकी अपराध की गंभीरता और भयावहता को कम नहीं करता. दोनों की समान भूमिका, समान आशय है. यह अनैतिक संबंधों की परिणीति है और दोनों ने मिलकर पति की हत्या की है, इसलिए दोनों बराबर सजा यानी फांसी के हकदार हैं.

जेल में अच्छा आचरण प्लानिंग का हिस्सा
जेल में अच्छे आचरण के तर्क पर डीजीसी ने कहा कि यह जरूर देखा जाता है कि न्यायिक हिरासत में आचरण कैसा रहा है, लेकिन जिस प्रकार क्रूर, निर्मम और सोची-समझी शांत मानसिकता से हत्या की गई है. उससे पता चलता है कि ये बेहद खतरनाक अपराधी हैं. इन्होंने बड़ी योजना बनाकर ड्रम खरीदा, रेत-सीमेंट खरीदा, दवाई, चाकू-छुरी खरीदी और हत्या करके शव को जमाया फिर घूमने चले गए. जो व्यक्ति इतनी प्लानिंग कर सकता है, वह जानता है कि जेल में उसका आचरण भी सजा पर असर डालेगा, इसलिए उसने सोच-समझकर अपना व्यवहार सामान्य रखा है.

उन्होंने कहा कि अच्छा आचरण का मतलब होता है कि जेल में पढ़े-लिखे कैदी अनपढ़ कैदियों को पढ़ाते हैं. धार्मिक शिक्षा, परोपकारी या सेवाभाव का कोई काम करते हैं. ऐसा कोई कृत्य इन दोनों ने नहीं किया है, इसलिए इसका सजा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए.

अंत समय में भगवान याद आना दिखावा
पूजा-पाठ करने के सवाल पर डीजीसी ने कहा कि जब जघन्य अपराध कर देता है और सजा भुगतने का समय आता है, तब उसे भगवान, पैगंबर याद आते हैं. ये अंत समय में याद करने की अपेक्षा पहले ही याद करके अच्छा काम करते और हत्या न करके तलाक दे देते. इस पूजा-पाठ से सजा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ने वाला.

समाज पर पड़ा बुरा असर, नीले ड्रम से दहशत
कोर्ट ने यह भी पूछा था कि अपराध का समाज पर क्या असर पड़ा. डीजीसी ने बताया कि हमने बताया कि यह अपराध समाज को तोड़ता है और भय का वातावरण बनाता है. नीले रंग का ड्रम आज भय और आतंक का पर्याय बन गया है. इस घटना के बाद देश में ऐसी घटनाओं की बाढ़ आ गई. किसी महिला ने पति को पहाड़ी से धक्का देकर मार दिया. किसी ने सांप से मरवा दिया, कोई जमीन में गाड़ दे रहा है. इसलिए इनके साथ रियायत की कोई गुंजाइश नहीं है.

साहिल ने किसी भी अपराध से किया इनकार
इससे पहले सुनवाई के दौरान जज ने साहिल से सवाल किया कि क्या उसने पहले कभी कोई अपराध किया है, जिस पर साहिल ने किसी भी पुराने अपराध से साफ इनकार कर दिया. इस दौरान साहिल का बदला हुआ लुक भी चर्चा में है. उसने जेल में अपनी दाढ़ी बढ़ा ली है. जिला जज अरविंद कुमार मिश्र की अदालत के फैसले के बाद अब गुनहगारों की जिंदगी पूरी तरह बदलने वाली है. जेल सुपरिटेंडेंट के मुताबिक, सजा तय होने के बाद अब इनका आम कैदियों वाला रुतबा खत्म हो जाएगा. इन्हें जेल मैन्युअल के हिसाब से दोषी कैदियों की बैरकों में शिफ्ट किया जाएगा.

आम कैदियों वाला रूआब होगा खत्म
सौरभ राजपूत मर्डर केस पर जेल सुपरिटेंडेंट वीरेश राज शर्मा ने बताया कि कोर्ट के फैसले के बाद जेल में उनकी स्थिति और रहने की शर्तें बदल जाएंगी. उन्हें दोषी कैदी नंबर दिए जाएंगे. जेल की यूनिफॉर्म दी जाएगी और दोषी कैदियों के साथ रखा जाएगा. इतना ही नहीं, आने वाले दिनों में इन्हें उत्तर प्रदेश की हाई-सिक्योरिटी जेलों यानी आगरा सेंट्रल जेल और लखनऊ के नारी निकेतन भेजा जा सकता है. जहां उत्तर प्रदेश की महिला कैदियों को रखा जाता है. कोर्ट जो भी फैसला सुनाएगा, उन्हें उसे मानना ​​होगा.

पीहू को अपने साथ रखना चाहती हैं सौरभ की मां
ज़ी मीडिया से बातचीत के दौरान सौरभ राजपूत की मां भावुक हो गईं. उन्होंने कहा कि वह छोटी बेटी को अपने साथ नहीं रखेगी, लेकिन सौरभ की बेटी पीहू को अपने साथ रखना चाहती हैं. पीहू अभी अपने नाना-नानी के साथ है. वहीं ज़ी मीडिया से बातचीत के दौरान सरकारी वकील कृष्णकांत ने बताया कि जेल में एक बार भी मुस्कान ने बेटी और मां-बाप से मिलने की इच्छा जाहिर नहीं की.

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Pooja Singh

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पूजा सिंह डिजिटल पत्रकार हैं और ज़ी उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड (Zee UP-UK) की डिजिटल टीम में सब-एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली से ताल्लुक रखने वाली पूजा को मीडिया जगत में 5 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है. वे उत्तर प्रदेश की हाइपर-लोकल खबरों, क्राइम, प्रशासनिक गतिविधियों, राजनीतिक उठापटक और खेल जगत के मुद्दों पर पैनी नजर रखते हैं. खबरों की गहराई, ग्राउंड रियलिटी और तथ्य-आधारित डिजिटल कवरेज के लिए वे जाने जाते हैं.पूजा के पास डेस्क एडिटिंग का व्यावहारिक अनुभव है.  स्थानीय प्रशासन, जनसमस्याओं और राजनीतिक हलचलों की बेहतर समझ उन्हें ज़मीनी वास्तविकताओं को सटीक रूप से प्रस्तुत करने में मदद करती है. ज़ी मीडिया से पहले उन्होंने भारत के लिडिंग हिंदी न्यूज़ चैनल टीवी 9 डिजिटल और न्यूज नेशन में काम करने का अनुभव है. पूजा ने भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है.पूजा सिंह से आप pooja.singh@india.com पर सीधे ईमेल कर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप पूजा से एक्स (ट्विटर) और लिंक्डइन पर कनेक्ट कर सकते हैं.
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