Meerut Blue Drum Case/ ब्रजेश तिवारी/ राजू राज/ पारस गोयल: मेरठ में चर्चित नीला ड्रम मर्डर केस यानी सौरभ राजपूत हत्याकांड में आज का दिन बहुत बड़ा था. जिला जज अरविंद कुमार मिश्र की अदालत ने सौरभ हत्याकांड में दोषी ठहराई गई मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को फांसी की सजा सुनाई है. सौरभ के परिजनों ने कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है. वह दोनों को फांसी की सजा की मांग कर रहे थे.
रातभर नहीं सोए मुस्कान और साहिल
सजा के ऐलान से ठीक पहले जेल का माहौल भी पूरी तरह बदला हुआ था. फांसी के फंदे पर लटकने के खौफ से मुस्कान और साहिल की सांसें अटकी हुई थीं. जानकारी के मुताबिक, दोनों ने जेल में रातभर आंखें तक बंद नहीं की और न ही साथी बंदियों से दोनों ने कोई बातचीत की. इतना ही नहीं, दोनों ने रात और सुबह का खाना भी नहीं खाया था. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट अपना फैसला सुनाया है. जेल प्रशासन ने इसके लिए पूरी तैयारी कर ली है. आदेश मिलते ही दोनों को कॉन्फ्रेंस रूम में पेश किया गया.
सौरभ के भाई ने मौत की सजा की मांग की
मृतक सौरभ राजपूत के भाई ने सुबह पूजा-पाठ कर भगवान से कातिलों को फांसी की सजा मिलने की प्रार्थना की है. राहुल राजपूत ने ज़ी मीडिया से बातचीत के दौरान दो टूक कहा कि अगर उन्हें फांसी की सजा नहीं मिलती है तो हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का भी रुक करेंगे. उनका कहना है कि मुस्कान और साहिल को कोर्ट से कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए. उन्हें फांसी की सजा मिलनी चाहिए. परिवार इस दिन का इंतजार कर रहा था. डेढ़ साल तक परिवार ने कोर्ट में लंबी लड़ाई लड़ी और आज इंसाफ का दिन है.
मृतक सौरभ राजपूत के भाई का कहना है कि आए दिन ऐसे मामले सामने आ रहे हैं. ऐसे में मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा हो जाएगी तो यह मामले आने बंद हो जाएंगे.
क्या था ये पूरा मामला?
3 मार्च 2025 को मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर साजिश रची और पति सौरभ राजपूत को पहले नशीला पदार्थ देकर बेहोश कर दिया. इसके बाद दोनों ने मिलकर चाकू से बेरहमी से सौरभ की हत्या कर दी. सबूतों को मिटाने के लिए आरोपियों ने शव को एक नीले ड्रम में डालकर सीमेंट से सील कर दिया था और खुद शिमला जाकर मौज कर रहे थे. 18-19 मार्च 2025 को पुलिस ने दोनों को धर दबोचा था. इस मामले में कुल 126 तारीखों पर सुनवाई चली, जिसके बाद 30 सितंबर 2026 को जिला अदालत ने दोनों को हत्या और सबूत मिटाने का दोषी करार दिया था.
आज 11 बजे के बाद आने वाला यह फैसला तय करेगा कि कानून के शिकंजे में फंसे इन कातिलों को उनके किए की क्या सजा मिलती है.