खुदकुशी या मर्डर? लखनऊ में छात्रा की संदिग्ध मौत का उलझा रहस्य, पैरों का जमीन छूना और खुला गेट दे रहा खौफनाक गवाही
लखनऊ में छात्रा की संदिग्ध मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. परिवार ने अंश कुमार पर छात्रा की हत्या कर शव को फंदे से लटकाने का गंभीर आरोप लगाया है. आरोप है कि आरोपी छात्रा को परेशान करता था. उसे स्कूल से उठाने की धमकी देता था.
लखनऊ के मलिहाबाद के कस्मंडी कला इलाके में 15 वर्षीय छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला उलझता जा रहा है. कमरे में दुपट्टे के फंदे से लटके मिले छात्रा के शव ने भले ही प्राथमिक तौर पर इसे खुदकुशी का रूप दिया हो, लेकिन घटनास्थल की चौंकाने वाली परिस्थितियां और परिजनों के दावों ने इस पूरी घटना को आत्महत्या से बदलकर एक गहरी साजिश और मर्डर की आशंका के बीच ला खड़ा किया है.
घटनास्थल की परिस्थितियां, अनसुलझे सवाल
पीड़ित परिवार ने जिस तरह से क्राइम सीन का खुलासा किया है, उसने पुलिस की थ्योरी पर बड़े सवालिया निशान लगा दिए हैं. परिजनों के मुताबिक, जिस पाइप से दुपट्टे का फंदा बनाया गया था, उसकी ऊंचाई छात्रा की लंबाई के बराबर थी. शव लटकने के बावजूद मृतका के पैर जमीन को छू रहे थे. इतना ही नहीं, फंदे वाली जगह के ठीक बगल में एक बक्सा भी रखा हुआ था. पीड़ित परिवार का कहना है कि घटनास्थल की परिस्थितियां सामान्य आत्महत्या की कहानी पर सवाल खड़े करती हैं.
परिवार का कहना है कि उस बक्से पर कोई भी आसानी से पैर रख सकता था और वहां से पाइप तक हाथ पहुंचना भी आसान था. घटनास्थल की परिस्थितियां सामान्य आत्महत्या की कहानी पर सवाल खड़े करती हैं.
घर के दरवाजों ने भी खड़े किए सवाल
मामले को लेकर परिजनों ने घर के दरवाजों की स्थिति को लेकर भी बड़ा दावा किया है. परिवार के मुताबिक, घर में आने वाला मुख्य दरवाजा अंदर से बंद था, लेकिन उससे बाहर निकलने वाला दूसरा गेट खुला हुआ था. उस गेट से आसानी से बाहर निकला जा सकता था. ऐसे में सवाल है कि घटना के वक्त घर में कौन मौजूद था? क्या किसी की आवाजाही हुई थी? क्या कोई व्यक्ति घर के अंदर आया और फिर दूसरे रास्ते से बाहर निकल गया? इन सभी सवालों का जवाब पुलिस की जांच और घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्य ही दे सकते हैं.
अंश कुमार पर गंभीर आरोप
परिवार का आरोप है कि अंश कुमार छात्रा को लंबे समय से परेशान कर रहा था. उसे लगातार प्रताड़ित किया जाता था और स्कूल से उठा ले जाने की धमकी तक दी जाती थी. परिजनों का आरोप है कि दोनों परिवारों के बीच पहले भी मारपीट और विवाद हो चुका था. परिवार का सीधा आरोप है कि अंश कुमार ने छात्रा की हत्या करने के बाद उसके शव को फंदे से लटका दिया. हालांकि, इस आरोप की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. पुलिस जांच में इन सभी पहलुओं की पड़ताल बेहद जरूरी है.
पोस्टमार्ट और फॉरेंसिक रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
अब पुलिस के सामने कई अहम सवाल हैं. जिस पाइप में दुपट्टे का फंदा लगाया गया, उसकी वास्तविक ऊंचाई कितनी थी? शव की स्थिति क्या थी और क्या घटनास्थल पर संघर्ष के कोई निशान मिले? क्या दुपट्टे, पाइप और कमरे से फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाए गए हैं? क्या अंश कुमार के खिलाफ पहले भी छात्रा को परेशान करने या धमकी देने की शिकायत की गई थी?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या छात्रा ने खुदकुशी की या फिर उसकी हत्या कर मामले को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई? इन सभी सवालों के जवाब पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और पुलिस की विवेचना से ही सामने आएंगे.
पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी उठे सवाल
इस पूरे मामले में पुलिस महकमे ने भी कार्रवाई की है. लापरवाही बरतने के आरोप में संबंधित चौकी इंचार्ज को निलंबित कर दिया गया है. साथ ही विभागीय जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं. यानी अब छात्रा की मौत के साथ-साथ पुलिस की भूमिका और शुरुआती कार्रवाई भी जांच के घेरे में है.
(लखनऊ से नंदन श्रीवास्तव की रिपोर्ट)